जिले के पांडीवारा चौकी क्षेत्र अंतर्गत अमाही गांव में एक अज्ञात वन्यजीव के हमले से चार ग्रामीण घायल हो गए। घायलों में से दो की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल मंडला रैफर किया गया है। वहीं एक बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में तेंदुआ होने की सूचना मिलने के बाद वन विभाग, राजस्व और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने ग्रामीणों को सतर्क रहने की अपील करते हुए गांव में लगातार मुनादी कराई। लोगों से अंधेरे में घर से बाहर नहीं निकलने और सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
घायल एक ग्रामीण ने बताया कि वह घर में बैठकर मोबाइल देख रहा था। इसी दौरान उसे आवाज सुनाई दी। बाहर जाकर देखा तो उसकी मां पर कोई वन्यजीव हमला कर रहा था। उसने मां को बचाने की कोशिश की और वन्यजीव को हटाने लगा। इसी दौरान वन्यजीव ने उसके हाथ को पकड़ लिया। काफी मशक्कत के बाद वह खुद को छुड़ाकर वहां से भागा। ग्रामीण के मुताबिक घटना के दौरान अंधेरा था और बिजली भी गुल थी, इसलिए वह वन्यजीव को स्पष्ट रूप से नहीं देख सका।
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बताया जा रहा है कि हमले में करीब छह लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है, हालांकि वन विभाग की ओर से फिलहाल चार घायलों की पुष्टि की गई है। घायलों को पहले चरईडोंगरी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के बाद दो लोगों को मुंह पर गंभीर चोट होने के कारण मंडला जिला अस्पताल रैफर किया गया।
वन विभाग की टीम ने बताया कि शाम करीब पौने आठ बजे तेंदुआ गांव में घुसने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद टीम मौके पर पहुंची और करीब तीन घंटे तक इलाके में सर्चिंग की गई लेकिन अभी तक किसी वन्यजीव की स्पष्ट मौजूदगी का पता नहीं चल पाया है। वन विभाग ने गांव में स्टाफ की ड्यूटी लगा दी है और सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं।
फिलहाल वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी और सर्चिंग कर रही है। ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग या पुलिस को सूचना देने की अपील की गई है। वन्यजीव वास्तव में तेंदुआ है या कोई अन्य जानवर, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।