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Farmers in Hansi face growing difficulties in obtaining DAP fertilizer, having made repeated trips for four days; women farmers are also standing in the queues.
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हांसी में डीएपी खाद के लिए किसानों की बढ़ी परेशानी, चार दिन से काट रहे चक्कर; लाइनों में महिला किसान भी लगी
हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में रबी फसलों की बुवाई का समय शुरू होते ही डीएपी खाद को लेकर किसानों की परेशानी बढ़ गई है। गेहूं और सरसों की बुवाई के लिए डीएपी की जरूरत के बीच सरकारी गोदामों और सहकारी समितियों में मांग के मुकाबले कम आपूर्ति होने से किसानों को घंटों कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है।
हांसी क्षेत्र में किसान पिछले कई दिनों से डीएपी खाद के लिए मंडी और सहकारी समितियों के चक्कर काट रहे हैं। सड़क पर खाद लेने के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। इन कतारों में महिलाओं के साथ बुजुर्ग किसान भी घंटों अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।किसानों का कहना है कि वे तीन-चार दिन से लगातार खाद के लिए पहुंच रहे हैं, लेकिन उन्हें पर्याप्त खाद नहीं मिल पा रही। भीड़ अधिक होने के कारण वितरण में भी देरी हो रही है।
दीपचन्द बड़सी निवासी किसान ने बताया कि वह काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि तीन दिनों से खाद के लिए चक्कर काट रहे हैं और सुबह करीब चार बजे से लाइन में लगकर खड़े हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा। रोहनात निवासी महिला किसान शकुंतला ने बताया कि वह सुबह से ही लाइन में खड़ी हैं। खाद नहीं मिलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सुल्तानपुर निवासी किसान राजेश ने भी खाद की किल्लत को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि किसान परेशान हैं और उनकी समस्या सुनने वाला कोई नहीं है। वहीं रामायण निवासी किसान कृष्ण कुमार ने आरोप लगाया कि सरकारी केंद्र पर किसानों को खाद नहीं मिल रही, जबकि निजी दुकानों पर अधिक कीमत यानी कथित तौर पर ब्लैक में खाद मिलने की बात सामने आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर खाद उपलब्ध है तो किसानों को सरकारी केंद्रों पर क्यों नहीं मिल रही।
किसानों का कहना है कि गेहूं और सरसों की बुवाई का समय निकलता जा रहा है। ऐसे में समय पर डीएपी नहीं मिलने से उनकी बुवाई प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है।खाद की कमी को लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार में फॉस्फेट और अमोनिया जैसे कच्चे माल की उपलब्धता तथा आयात से जुड़ी बाधाओं को भी एक कारण बताया जा रहा है। हालांकि स्थानीय स्तर पर किसानों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि उन्हें जरूरत के समय पर्याप्त खाद उपलब्ध हो।
अब किसानों की मांग है कि प्रशासन और कृषि विभाग डीएपी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करें, वितरण व्यवस्था को बेहतर किया जाए और यदि कहीं अधिक कीमत पर खाद बेचने की शिकायतें हैं तो उनकी जांच कर कार्रवाई की जाए।
वहीं इफको किसान सेवा केंद्र इंचार्ज आज्ञाराम ने बताया कि पिछले करीब एक सप्ताह से डीएसपी खाद की नई खेप नहीं आई है। केंद्र पर डीएसपी खाद के करीब 1500बैग की रैक पहुंची थी, जिसमें से करीब 1100 बैग किसानों को वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि किसानों को खाद उपलब्ध करवाने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। किसानों से अपील है कि अब सरसों की बिजाई का समय चल रहा है, इसलिए डीएसपी खाद की उपलब्धता जल्द सुनिश्चित की जाए।
किसानों का कहना है कि रबी सीजन की बुवाई के बीच खाद की कमी से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मांग है कि किसानों की जरूरत के मुताबिक डीएसपी खाद की पर्याप्त आपूर्ति जल्द की जाए, ताकि सरसों और गेहूं की बुवाई प्रभावित न हो।
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