कोरबा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित होटल स्टार इन में शनिवार शाम कथित धर्मांतरण और प्रार्थना सभा को लेकर जमकर हंगामा हुआ। होटल में ठहरे 10 हिंदू परिवारों के धर्मांतरण की आशंका जताते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने होटल में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान होटल परिसर में हंगामा और मारपीट हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया। हालांकि, धर्मांतरण के आरोपों की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है।
जानकारी के अनुसार, बीती रात होटल के 15 कमरे जॉन मसीह ने बुक कराए थे। इनमें लाफा, पाली, कटघोरा सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के करीब 40 लोग ठहरे हुए थे। बताया जा रहा है कि इनमें सतनामी और गोंड समुदाय के परिवारों की संख्या अधिक थी। शनिवार शाम प्रार्थना सभा की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ता होटल पहुंचे और विरोध जताया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी और सीएसईबी चौकी प्रभारी भी पहुंचे।
बजरंग दल के जिला प्रमुख राणा मुखर्जी ने आरोप लगाया कि ईसाई मिशनरी हिंदू परिवारों को प्रलोभन देकर धर्मांतरण कराने की साजिश रच रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रचार सामग्री के साथ पहुंची टीम ने शहरी क्षेत्र को निशाना बनाया था। मुखर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि एसईसीएल के मानिकपुर क्षेत्र में एक मकान को चर्च के रूप में विकसित किया गया है, जिसका नाम इंडियन प्रेयर चर्च (आईपीसी) रखा गया है। उनके अनुसार, इसी चर्च के माध्यम से लोगों का मतांतरण कराने की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस से की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि होटल में ठहरे लोगों से आधार कार्ड या अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं लिए गए थे। इन आरोपों की पुष्टि और होटल में ठहरे लोगों के दस्तावेजों की स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
ये भी पढ़ें- दुर्ग: अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला डिपोर्ट, फर्जी दस्तावेज की जांच शुरू
होटल परिसर में हुए विवाद के दौरान कुछ लोगों के साथ हाथापाई भी हुई। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में बजरंग दल के कार्यकर्ता कुछ लोगों के साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। इस घटनाक्रम ने मामले को और गंभीर बना दिया है। जहां संगठन ने कथित धर्मांतरण की जांच की मांग की है, वहीं मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका और घटना के पूरे संदर्भ की जांच भी जरूरी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।