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दुर्ग: अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी महिला डिपोर्ट, फर्जी दस्तावेज की जांच शुरू
Sat, 24 Oct 2026 09:07 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दुर्ग
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 24 Oct 2026 09:07 PM IST
सार
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को 23 अक्टूबर 2026 को भारत से डिपोर्ट किया गया। दुर्ग पुलिस की एसटीएफ टीम ने पश्चिम बंगाल में केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से कार्रवाई की। महिला के आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य भारतीय दस्तावेजों की जांच भी शुरू की गई है।
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रीना अख्तर के पहचान पत्रों की जांच होगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दुर्ग जिले में अवैध रूप से रह रही बांग्लादेशी नागरिक रीना अख्तर को भारत से डिपोर्ट कर दिया गया है। दुर्ग पुलिस की विशेष कार्यबल (एसटीएफ) टीम ने पश्चिम बंगाल में इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीमा सुरक्षा बल के सहयोग से यह समन्वित कार्रवाई पूरी की। पुलिस प्रशासन ने नियमानुसार पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए 23 अक्तूबर 2026 को इस महिला को देश से बाहर भेजने का कार्य संपन्न किया।
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एजेंसियों के सहयोग से हुई कार्रवाई
दुर्ग पुलिस अधिकारियों के अनुसार रीना अख्तर के मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एसटीएफ दल को पश्चिम बंगाल भेजा गया था। वहां केंद्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ मिलकर निष्कासन की कार्रवाई की गई। इस पूरे अभियान में अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। जिला पुलिस लगातार अभियान चलाकर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर रही है, साथ ही उनके निवास की स्थिति और पहचान पत्रों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
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भारतीय पहचान पत्रों की जांच तेज
मामले में बांग्लादेशी महिला द्वारा हासिल किए गए भारतीय पहचान पत्रों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने महिला के आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज के संबंध में संबंधित शासकीय विभागों को पत्र लिखकर जांच करने को कहा है। फर्जी तरीके से बनाए गए इन दस्तावेज को रद्द करने की प्रक्रिया भी नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य दस्तावेज के किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल को रोकना है। विभिन्न विभागों की विस्तृत जांच और निर्णय के पश्चात ही इन पत्रों के निरस्तीकरण की अंतिम स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
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एजेंसियों के सहयोग से हुई कार्रवाई
दुर्ग पुलिस अधिकारियों के अनुसार रीना अख्तर के मामले में आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद एसटीएफ दल को पश्चिम बंगाल भेजा गया था। वहां केंद्रीय इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीमा सुरक्षा बल के अधिकारियों के साथ मिलकर निष्कासन की कार्रवाई की गई। इस पूरे अभियान में अलग-अलग सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल देखने को मिला। जिला पुलिस लगातार अभियान चलाकर अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान कर रही है, साथ ही उनके निवास की स्थिति और पहचान पत्रों का सत्यापन भी किया जा रहा है।
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भारतीय पहचान पत्रों की जांच तेज
मामले में बांग्लादेशी महिला द्वारा हासिल किए गए भारतीय पहचान पत्रों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने महिला के आधार कार्ड, राशन कार्ड और अन्य दस्तावेज के संबंध में संबंधित शासकीय विभागों को पत्र लिखकर जांच करने को कहा है। फर्जी तरीके से बनाए गए इन दस्तावेज को रद्द करने की प्रक्रिया भी नियमानुसार आगे बढ़ाई जा रही है। इस जांच का मुख्य उद्देश्य दस्तावेज के किसी भी तरह के गलत इस्तेमाल को रोकना है। विभिन्न विभागों की विस्तृत जांच और निर्णय के पश्चात ही इन पत्रों के निरस्तीकरण की अंतिम स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।