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New Criminal Laws: नए आपराधिक कानून के 365 दिन पूरे, वाराणसी में अब तक दर्ज हुए 8500 मुकदमे

Tue, 01 Jul 2025 10:16 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 01 Jul 2025 10:16 AM IST
सार

Varanasi News: नए आपराधिक कानून के 365 दिन पूरे हो चुके हैं। ऐसे में एक जुलाई 2024 से 30 जून 2025 तक 365 दिनों में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के थानों पर अब तक 8500 मुकदमे दर्ज हुए।

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new criminal laws 365 days completed 8500 cases registered in Varanasi
कानून - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नए आपराधिक कानून लागू हुए एक साल हो गए। एक जुलाई 2024 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को लागू किया गया था। एक जुलाई 2024 से 30 जून 2025 तक 365 दिनों में कमिश्नरेट के 30 थानों में भारतीय न्याय संहिता की अलग-अलग धाराओं के तहत 8500 मुकदमे दर्ज किए गए।

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ब्रिटिश काल के आपराधिक कानून भारतीय दंड संहिता, दंड प्रक्रिया संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम को 30 जून 2024 को समाप्त कर दिया गया था। हालांकि 30 जून 2024 और उससे पहले की आपराधिक घटनाओं से संबंधित मुकदमे अदालत या पुलिस महकमे के उच्चाधिकारियों के आदेश से अभी भी भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत ही दर्ज किए जा रहे हैं। 
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नए आपराधिक कानून लागू होने के बाद एक साल में कमिश्नरेट के थानों में सर्वाधिक 655 मुकदमे जालसाजी के आरोप में दर्ज किए गए। दूसरे नंबर पर 374 मुकदमे किशोरियों के अपहरण से संबंधित रहे। एक साल में दुष्कर्म के आरोप में 68 केस दर्ज हुए। 
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हत्या और गैर इरादतन हत्या के आरोप में 32 केस दर्ज हुए। लूट से संबंधित 10 मुकदमे दर्ज किए गए। इस बीच 1387 मुकदमे भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत भी दर्ज किए गए। 

क्या बोले अधिकारी
नए आपराधिक कानून का लक्ष्य एक ऐसी न्याय प्रणाली बनाना है जो नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती है। यह सभी के लिए सुलभ और शीघ्र न्याय सुनिश्चित करते हुए कानून के शासन को बनाए रखती है। डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य समीक्षा से मुकदमों की विवेचना में बहुत सहूलियत हुई है। -सरवणन टी, डीसीपी क्राइम

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