रेंगती रही काशी: मंडुवाडीह से रथयात्रा की 2.5 किमी की दूरी तय करने में लग गए तीन घंटे, गलियां भी जाम
दीपावली की खरीदारी और बाजारों में उमड़ी भीड़ के चलते शहर में यातायात व्यवस्था चरमरा गई। मंडुवाडीह से रथयात्रा तक की महज 2.5 किलोमीटर दूरी तय करने में वाहनों को तीन घंटे लग गए। मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पर सबसे ज्यादा जाम रहा। शहर के अन्य बाजारों में भी वाहन रेंगते नजर आए। इससे राहगीरों को परेशानी हुई।
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त्योहार पर सुबह से लेकर देर शाम तक शहर जाम की चपेट में रहा। यातायात पुलिसकर्मियों और संबंधित थानों की 80 फीसदी फोर्स के सड़क पर उतरने के बावजूद लोगों को जाम से राहत नहीं मिली। हाल यह रहा कि गलियों और कॉलोनियों में भी लोगों को आवाजाही में कई बार सोचना पड़ा। मंडुवाडीह से रथयात्रा की 2.5 किलोमीटर की दूरी तय करने में तीन घंटे से अधिक का समय लग गया।
मैदागिन-गोदौलिया मार्ग पर सबसे अधिक ग्राहकों और श्रद्धालुओं की भीड़ रही। बांसफाटक के पास दोपहर में इतनी भीड़ रही कि पुलिस ने कुछ देर के लिए मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद कर दी। रात तक यह मार्ग जाम की चपेट में रहा। महमूरगंज-रथयात्रा मार्ग पर दिन भर जाम लगा रहा। जाम का प्रमुख कारण सड़क किनारे खोदाई और सड़कों पर खड़े वाहनों के चलते सड़क का सिकुड़ना रहा। दुकानों के बाहर अव्यवस्थित वाहनों की पार्किंग ने भी राहगीरों को खूब परेशान किया। सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक जाम जैसी स्थिति बनी रही।
रामनगर-पड़ाव मार्ग, राजघाट पुल-नमो घाट, कज्जाकपुरा से सिटी स्टेशन और चौकाघाट से लेकर लहरतारा तक जाम लगा रहा। यही हाल लंका, भेलूपुर, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, गुरुबाग, लक्सा, नई सड़क और बेनिया मार्ग पर भी रहा। हालांकि सभी चौराहों और सड़कों पर पुलिसकर्मी तैनात थे, फिर भी यातायात का दबाव अधिक होने के कारण वे बेबस नजर आए। चौक क्षेत्र की गलियों में खास तौर पर कालभैरव, बाबा विश्वनाथ और मां अन्नपूर्णा मंदिर जाने वाले रास्ते जाम रहे। शाम के समय गंगा आरती के दौरान दशाश्वमेध-गोदौलिया मार्ग भी जाम रहा।
सड़क पर उतरे पुलिस आयुक्त, दुकानों के सामने बेतरतीब पार्किंग पर बिफरे
धनतेरस पर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल शुक्रवार की शाम सड़कों पर उतरे। मंडुवाडीह से रथयात्रा तक पैदल गश्त कर यातायात, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इसके साथ ही, मां अन्नपूर्णा मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था का भी निरीक्षण किया।
पुलिस आयुक्त ने प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों और शोरूम के सामने अनियोजित पार्किंग व भीड़ के कारण यातायात बाधित होने पर नाराजगी जताई। उन्होंने प्रतिष्ठान संचालकों को मौके पर ही कड़े निर्देश दिए। मैदागिन से रामापुरा चौराहा तक पैदल गश्त कर अन्नपूर्णा मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से संवाद किया और महंत शंकरपुरी महाराज से भी चर्चा की।
पुलिस आयुक्त ने प्रमुख प्रतिष्ठानों के स्वामियों को अपने प्रतिष्ठान के सामने यातायात व्यवस्था सुचारु रखने की जिम्मेदारी सौंपी। उन्हें अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती कर वाहनों को व्यवस्थित रूप से पार्क कराने को कहा। सड़क और फुटपाथ पर अनियंत्रित पार्किंग व अतिक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाने की 80 फीसदी पुलिस बल सड़कों, चौराहों और बाजारों में तैनात रहेगा। यातायात पुलिस को प्रमुख बाजारों में सतत निगरानी रखने और आवश्यकतानुसार यातायात डायवर्जन करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के लिए मंदिर परिसर में प्रभावी बैरिकेडिंग और भीड़ प्रबंधन के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवेश-निकास की एकल मार्ग व्यवस्था का कड़ाई से पालन सुनिश्चित होगा। बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और बच्चों को विशेष सहायता के साथ कतारबद्ध दर्शन कराए जाएंगे। मंदिर परिसर और आसपास सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन से निरंतर निगरानी रखी जाएगी। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पर्याप्त महिला पुलिस बल और सादे वस्त्रों में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
धनतेरस पर अत्यधिक भीड़ रही। अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या अधिक थी। खरीदारी के लिए बाहरी जिलों से भी लोग आए थे। इस कारण जाम जैसी स्थिति बनी। - अंशुमान मिश्रा, एडीसीपी यातायात