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बस्तर में PM मोदी के भाषण की पांच बड़ी बातें: नक्सलवाद से लेकर 'दिमागी नक्सलियों' तक; क्या बोले प्रधानमंत्री?

Sun, 08 Nov 2026 02:17 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बस्तर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बस्तर Published by: शिवम गर्ग Updated Sun, 08 Nov 2026 02:17 PM IST
सार

बस्तर में जवानों के साथ दीपावली मनाते हुए पीएम मोदी ने नक्सलवाद के खिलाफ सफलता से लेकर गरीबी उन्मूलन तक पांच बड़े मुद्दों पर बात की। उन्होंने 'दिमागी नक्सलियों' को लेकर भी आगाह किया। भाषण में प्रधानमंत्री ने और कौन से संदेश दिए? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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PM Modi Bastar Speech: 5 Key Highlights on Naxalism, CRPF, Opposition and Poverty
पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala Graphics

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दीपावली के मौके पर छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ त्योहार मनाया। इस दौरान उन्होंने जवानों को संबोधित करते हुए नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता को देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। पीएम मोदी ने कहा कि 2026 की दीपावली खास है, क्योंकि देश दशकों पुरानी नक्सलवाद की लड़ाई जीत चुका है। हालांकि, उन्होंने यह भी आगाह किया कि खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। वहीं पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा - मैंने बस्तर में हमारे बहादुर सुरक्षा बलों के साथ इस तरह दिवाली मनाई।



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अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई, CRPF जवानों के बलिदान, पिछली सरकारों की नीतियों, 'दिमागी नक्सलियों' और गरीबी से बाहर आए लोगों का जिक्र किया। आइए जानते हैं उनके भाषण की पांच बड़ी बातें...

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PM Modi Bastar Speech: 5 Key Highlights on Naxalism, CRPF, Opposition and Poverty
पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala Graphics

1. नक्सलवाद का डर खत्म, हर जिला नक्सलवाद से मुक्त
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 2026 की दिवाली इसलिए खास है, क्योंकि देश ने नक्सलवाद के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई में जीत हासिल की है। उन्होंने कहा कि यह पहली दिवाली है, जब देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त है।

पीएम ने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के जवानों को दिया। उन्होंने कहा कि यह असाधारण सफलता जवानों के साहस और समर्पण का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और सतर्क रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश का हर जवान उनके परिवार का हिस्सा है।
 

 

PM Modi Bastar Speech: 5 Key Highlights on Naxalism, CRPF, Opposition and Poverty
पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala Graphics
2. 47 साल में पहली बार एक साल में CRPF का कोई जवान शहीद नहीं
प्रधानमंत्री ने कहा, ''देश को आगे ले जाने के लिए हमें मजबूत इरादों और सही रणनीति के साथ देश के दुश्मनों का सामना करना होगा और उन्हें हराना होगा। ऐसा करने के लिए देश में जिस राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी, उसे 2014 में मजबूती मिली। आपने इस प्रधानसेवक को मां भारती की सेवा करने का अवसर दिया और हमने देखा कि 2014 के बाद हालात कैसे बदलने लगे।''

उन्होंने कहा, ''लंबे समय तक हमने देखा कि नक्सलियों के मुकाबले हमारे ज्यादा जवान बलिदान हो रहे थे। लेकिन 47 साल में पहली बार एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। पिछले एक साल में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ का एक भी जवान बलिदान नहीं हुआ। यह देश की सही नीतियों और मजबूत इरादों की जीत है। यह आप सभी के शौर्य, साहस और संयम की जीत है।''
 
 
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PM Modi Bastar Speech: 5 Key Highlights on Naxalism, CRPF, Opposition and Poverty
पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala Graphics
3. पिछली सरकारों ने नक्सलवाद को लाइलाज बीमारी मान लिया था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा,  अगर आप 2004 से 2013 तक के आंकड़ों पर नजर डालेंगे, तो पाएंगे कि हर साल नक्सलियों के मारे जाने के मुकाबले हमारे बहादुर जवानों के बलिदान होने की संख्या ज्यादा थी। दुर्भाग्य से, उस समय की सरकारों ने नक्सलवाद को ऐसी बीमारी मान लिया था, जिसका कोई इलाज नहीं है। उन्होंने इस समस्या को ऐसे ही छोड़ दिया। दुश्मनों के सामने यह सोचकर बैठ जाना कि हालात ऐसे ही चलते रहेंगे, किसी भी देश के लिए सही नहीं हो सकता।''

उन्होंने कहा, "माओवादी आतंक और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई आसान नहीं थी। नक्सलियों ने लोगों से वोट डालने का अधिकार तक छीन लिया था। एक साल में नक्सली हमलों की संख्या 2,000 तक पहुंच गई थी।" पीएम मोदी ने कहा, "2010 में पास के दंतेवाड़ा में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के दौरान सीआरपीएफ के हमारे 76 जवान बलिदान हो गए थे। उसी साल दंतेवाड़ा में हुई एक अन्य घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई थी।"

पीएम ने कहा, "यह धरती हमारे बहादुर जवानों के खून से लाल हो गई थी। लेकिन महलों में रहने वाले उन प्रभावशाली नेताओं की ओर से दुख जताने वाली एक आवाज तक नहीं आई। उनकी आंखों से एक आंसू तक नहीं निकला। लगभग हर दिन कहीं न कहीं ऐसे हमले होते रहे। यह सिलसिला दशकों तक चलता रहा। इस दौरान अकेले छत्तीसगढ़ में 1,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी बलिदान हुए।"
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PM Modi Bastar Speech: 5 Key Highlights on Naxalism, CRPF, Opposition and Poverty
पीएम मोदी - फोटो : Amar Ujala Graphics
4. हथियारबंद नक्सलियों के बाद अब 'दिमागी नक्सलियों' से खतरा
प्रधानमंत्री मोदी ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जंगलों से हथियारबंद माओवादियों का सफाया हो चुका है, लेकिन 'दिमागी नक्सलियों' का खतरा अब भी बना हुआ है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों ने कई राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ कर ली है। प्रधानमंत्री ने कहा, "दोस्तों, इन सफलताओं के बीच हमें एक और बात ध्यान में रखनी होगी। हथियारबंद नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन 'दिमागी नक्सलियों' ने विभिन्न संगठनों पर नियंत्रण कर लिया है। वे आज भी लोगों को संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ भड़काने में जुटे हैं। इन विचारधारा से प्रेरित नक्सलियों ने कई राजनीतिक दलों और अलग-अलग संगठनों में घुसपैठ कर ली है। हमें उनकी पहचान करनी होगी, उन्हें परास्त करना होगा और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।"
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