पूर्वांचल में बाढ़ का दंश झेल चुके लोगों में शुक्रवार को गंगा के बढ़े जलस्तर से दहशत हो गई। वाराणसी में शाम को गंगा के जलस्तर में चार सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। वहीं शनिवार सुबह को जलस्तर घट गया है। उधर, लगातार हो रही बारिश और गंगा के बढ़ाव के चलते प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो अभी दो दिन और बारिश से राहत नहीं मिल पाएगी। शहर में शनिवार को 90 सेमी और शुक्रवार को 93 मिमी बारिश हुई।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 70.19 मीटर दर्ज किया गया। शुक्रवार सुबह वाराणसी में गंगा स्थित थी, मगर दोपहर बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। शाम पांच बजे तक गंगा का जलस्तर 70.24 मीटर पहुंच चुका था। जबकि जलस्तर में वृद्धि की दर आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई। शनिवार सुबह को जलस्तर घटकर 70.07 दर्ज किया गया। वाराणसी में 71.26 मीटर खतरे का निशान है।
यहां बता दें कि पिछले सप्ताह से उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश में हुई बारिश के चलते यमुना, चंबल, केन और बेतवा सहित कई सहायक नदियों से पानी बढ़ा था। इसी कारण गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि हो रही थी। मगर, तीन दिनों से गंगा का जलस्तर से कम होने लगा था।
क्या कहते मौसम वैज्ञानिक
पूर्वांचल के जिलों में दो दिनों से हो रही बरसात थमने का नाम नहीं ले रही है। मौसम विज्ञानियों की मानें तो बरसात से अभी दो दिन तक राहत मिलने के आसान नजर नहीं आ रहे हैं। बीएचयू के मौसम विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. बीआरडी गुप्ता का कहना है कि अगले तीन दिनों तक उत्तर प्रदेश के ऊपर बने सर्कुलेशन के कारण बनारस सहित पूर्वांचल में भारी बरसात होगी।
सोमवार तक मौसम इसी तरह से बना रहेगा। उसके बाद मौसम में बदलाव आएगा। प्रो. गुप्ता ने बताया कि जो मानसून पहले बंगाल की खाड़ी के ऊपर सर्कुलेशन बनाता था अब उसी का एक छोटो सर्कुलेशन यूपी के ऊपर बना हुआ है। यही कारण है कि अगले तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहेगा। उम्मीद है कि सोमवार से मौसम में कुछ बदलाव हो सकता है।