एक बार फिर सुर्खियों में गाजीपुर जेल, रंगे हाथों घूस लेते पकड़ा जिला कारागार का हेड वार्डन
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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिला कारागार एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार एंटी करप्शन टीम ने जिला कारागार में तैनात हेड वॉर्डन को 10,000 रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया है, जहां से आरोपी को जेल भेज दिया गया।
एंटी करप्शन टीम ने आरोपी के पास से दस हजार रुपये भी बरामद किए हैं। जिला कारागार गाजीपुर में तैनात जेल वार्डन जैनेंद्र पांडे ने पिछले दिनों अवकाश लिया था। बावजूद उनके वेतन से अवकाश देने की धनराशि काट दी गई, लेकिन विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद वेतन से कटी हुई धनराशि जारी कर दी गई।
इस संबंध में जैनेद्र पांडे में हेड वार्डन श्याम नारायण को प्रार्थना पत्र देते हुए वेतन जारी करने की मांग की। जेल वार्डन श्याम नारायण ने इसके लिए ज्ञानेंद्र पांडे से दस हजार की रिश्वत मांगी। ज्ञानेंद्र ने रिश्वत देने से इंकार किया तो श्याम नारायण ने वेतन से कटी धनराशि जारी नहीं की।
ज्ञानेंद्र ने इसकी जानकारी भ्रष्टाचार निवारण संगठन वाराणसी की टीम को दी। इसके बाद एंटी करप्शन टीम ने बुधवार को शिकायतकर्ता ज्ञानेंद्र पांडे को दस हजार रुपये लेकर श्याम नारायण के पास भेजा।
रेलवे स्टेशन के सामने की रोड पर स्थित एक दुकान पर पैसा देने के बाद एंटी करप्शन की टीम ने मौके पर जाकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान चिह्नित किए गए दस हजार रुपये श्याम नारायण के पास से बरामद किए गए।
एंटी करप्शन की टीम ने मामले की जानकारी अफसरों को भी दी और सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की छानबीन की जा रही है।
कैदियों का वीडियो हुआ था वायरल :
हाल ही में कुछ दिनों पहले गाजीपुर जिला कारागार से कैदियों का एक वीडियो वायरल हुआ था। वीडियो में दिख रहा था कि कैदी जेल में बड़े आराम से घूम रहे थे, मेस और बैरक के पास कैदी फोन पर भी बातें कर रहे थे। इतना ही नहीं कैदी बाहर से मंगाए गए खाना की दावत ले रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया है और कार्रवाई की।