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जान-बूझकर तो नहीं की गई निलंबन में देरी
Updated Fri, 29 Dec 2017 02:13 AM IST
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वाराणसी। बीएचयू परिसर में 20 दिसंबर को तोड़फोड़ और आगजनी की घटना के छह दिन बाद 13 नामजद छात्रों का निलंबन करने में विश्वविद्यालय प्रशासनक को छह दिन लग गए हैं जबकि पुलिस अब तक एक ही आरोपी को गिरफ्तार कर सकी है। विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई में देरी को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है तोड़फोड़ और आगजनी से प्रभाविल लोग गिरफ्तारी न होने के लिए पुलिस की सुस्ती को जिम्मेदार मान रहे हैं।
विश्वविद्यालय में 20 दिसंबर को परिसर में जो हुआ, उसे शायद ही कोई भूल पाए। छात्र आशुतोष सिंह गिरफ्तारी के विरोध में जहां छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से लेकर सर सुंदर लाल अस्पताल गेट, आईएमएस गेट के सामने खड़ी मरीजों, तीमारदारों की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की थी वहीं अस्पताल के चिकित्सकों, शिक्षकों को भी नहीं बख्शा। 22 दिसंबर को लंका थाने में ही 13 छात्रों पर मुकदमा दर्ज हो गया था।
पुलिस ने कार्रवाई के तौर पर नामजद सभी 13 आरोपियों के घर पर नोटिस चस्पा कर उन्हें पेश होने के लिए कहा है। इसके साथ ही आरोपी छात्रों के इलाकाई थानेदार से उनकी गिरफ्तारी के लिए मदद मांगी गई है। लंका थानाध्यक्ष की मानें तो गुरुवार तक वाराणसी, गाजीपुर, महाराजगंज, मिर्जापुर, मऊ, चंदौली, मध्य प्रदेश के छतरपुर, राजस्थान के भरतपुर और बिहार के औरंगाबाद व भागलपुर स्थित सभी 13 आरोपियों के घर पर पुलिस टीमें पहुंच गई हैं। सभी आरोपियों के घर पर गिरफ्तारी की नोटिस चस्पा कर उनके मां-बाप को ताकीद की गई है कि अपने बेटे को पेश कर कानून का सहयोग करें। इसके साथ ही सभी आरोपियोें के घर से संबंधित थाना क्षेत्र के थानेदार को उनके वांछित होने के संबंध में लिखित जानकारी देकर गिरफ्तारी में मदद मांगी गई है। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की सुरागकशी जारी है।
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विश्वविद्यालय में 20 दिसंबर को परिसर में जो हुआ, उसे शायद ही कोई भूल पाए। छात्र आशुतोष सिंह गिरफ्तारी के विरोध में जहां छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से लेकर सर सुंदर लाल अस्पताल गेट, आईएमएस गेट के सामने खड़ी मरीजों, तीमारदारों की गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की थी वहीं अस्पताल के चिकित्सकों, शिक्षकों को भी नहीं बख्शा। 22 दिसंबर को लंका थाने में ही 13 छात्रों पर मुकदमा दर्ज हो गया था।
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पुलिस ने कार्रवाई के तौर पर नामजद सभी 13 आरोपियों के घर पर नोटिस चस्पा कर उन्हें पेश होने के लिए कहा है। इसके साथ ही आरोपी छात्रों के इलाकाई थानेदार से उनकी गिरफ्तारी के लिए मदद मांगी गई है। लंका थानाध्यक्ष की मानें तो गुरुवार तक वाराणसी, गाजीपुर, महाराजगंज, मिर्जापुर, मऊ, चंदौली, मध्य प्रदेश के छतरपुर, राजस्थान के भरतपुर और बिहार के औरंगाबाद व भागलपुर स्थित सभी 13 आरोपियों के घर पर पुलिस टीमें पहुंच गई हैं। सभी आरोपियों के घर पर गिरफ्तारी की नोटिस चस्पा कर उनके मां-बाप को ताकीद की गई है कि अपने बेटे को पेश कर कानून का सहयोग करें। इसके साथ ही सभी आरोपियोें के घर से संबंधित थाना क्षेत्र के थानेदार को उनके वांछित होने के संबंध में लिखित जानकारी देकर गिरफ्तारी में मदद मांगी गई है। सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से आरोपियों की सुरागकशी जारी है।
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