{"_id":"572b976d4f1c1bfa705cd136","slug":"the-crowd-erupted-quad-murder-police-cracked-staves","type":"story","status":"publish","title_hn":"चौहरे हत्याकांड पर भीड़ भड़की, पुलिस ने फटकारीं लाठियां","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चौहरे हत्याकांड पर भीड़ भड़की, पुलिस ने फटकारीं लाठियां
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Fri, 06 May 2016 12:34 AM IST
विज्ञापन
शव दफनाने की जगह लगी महिलाओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मौरावां कस्बे के चौधरिनटोला में महिला और उसकी तीन बेटियों की हत्या पर माहौल दूसरे दिन भी गरम रहा। कुवैत से आए घर के मुखिया मनोज ने पुलिस पर घटना के तथ्य छिपाने का आरोप लगाया। उन्होंने बड़ी बेटी से दुष्कर्म के बाद हत्या की बात कही है।
दूसरी ओर पोस्टमार्टम के बाद शवों को घर भेजने केे बजाय दफनाने के लिए सीधे खेत पर ले जाए जाने से भड़के परिजन व अन्य लोग पुलिस से भिड़ गए। विधायक से भी धक्कामुक्की की। पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को तितर-बितर किया। बवाल की आशंका से पूरा कस्बा छावनी बना रहा। आसपास के पांच जिलों की फोर्स के साथ सात कंपनी पीएसी तैनात रही। इधर हत्याकांड में पुलिस को पड़ोसी युवक पर शक है। उसकी तलाश की जा रही है।
बुधवार को बंद कमरे में सरिता देवी और उनकी तीन बेटियों के शव मिले थे। कुवैत में नौकरी कर रहे परिवार के मुखिया मनोज कुमार बेटे आनंद के साथ गुरुवार सुबह करीब तीन बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पिता-पुत्र को शव दिखाने के बाद पोस्टमार्टम शुरू हुआ। सभी के सिर में चोट से हत्या की पुष्टि हुई है। दुष्कर्म की आशंका पर सभी की स्लाइड बनाई गई। मनोज ने शवों को अपने खेत में दफनाने की इच्छा जताई थी।
विज्ञापन
इस पर पुलिस ने पहले ही जेसीबी से खेत में गड्ढे खुदवा रखे थे। पोस्टमार्टम के बाद शवों को घर न ले जाकर दफनाने के लिए सीधे खेत पर ले जाया गया। इससे परिजन भड़क गए। सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं ने भी आगे आकर पुलिस से मोर्चा लिया। कई बार पुलिस और परिजनों में तीखी तकरार हुई। पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को तितर-बितर किया और शव दफन करा दिए। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक उदयराज यादव मनोज के घर पहुंचे तो भड़के परिजनों ने उनका भी विरोध किया। भीड़ की धक्कामुक्की के चलते वह वापस चले गए।
पति ने कहा, पहले हत्या, अब रेप छिपा रही पुलिस
परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे एमएलसी सुनील यादव से मनोज ने कहा कि पुलिस ने पहले हत्या को आत्महत्या से जोड़ने की कोशिश की। बिना जांच किए कह दिया कि पत्नी और बच्चियों की मौत विषाक्त भोजन खाने या मां के जहर देने से हुई है। बड़ी बेटी की हालत, रेप के बाद हत्या की बात उजागर कर रही है। मनोज ने सीबीआई जांच की मांग की। एमएलसी ने घटना के जल्द खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।
परिवार ही नहीं रहा तो किसके लिए कमाएं
कुवैत में नौकरी कर रहे मनोज और उसके बेटे आनंद एक-दूसरे से लिपटकर रोते रहे। बार-बार कहते रहे कि जब परिवार ही नहीं रहा तो विदेश में रहकर किसके लिए कमाएंगे। पिता-पुत्र को बिलखते देख लोगों की अंाखें भी नम हो गईं।
पुलिस ने कई को उठाया
मनोज और घर के अन्य लोगों ने वारदात में पड़ोस के एक युवक पर शक जाहिर किया है। परिजनों की मानें तो पड़ोसी युवक पहले भी एक महिला से रेप और उसकी हत्या की कोशिश कर चुका है। 15 दिन पहले वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। घटना के बाद से ही वह घर से भागा है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। इसके अलावा पुलिस ने कुछ अन्य लोगों को उठाया है। पुलिस टीम परिवार के लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
मोबाइल फोन से मिले सुराग
जांच के दौरान पुलिस को मनोज के घर से दो मोबाइल फोन और एक आईपैड मिला है। सूत्रों की मानें तो मोबाइल फोन से पुलिस ने कई ऐसे सुराग इकट्ठा किए हैं, जिनसे हत्या की कड़ी सुलझती नजर आ रही है। पुलिस का दावा है कि घटना को चार-पांच लोगों ने अंजाम दिया है। एसपी नेहा पांडेय ने कहा कि घटना का खुलासा जल्द कर लिया जाएगा।
महिलाओं ने मांगी सुरक्षा
धोबिनटोला मोहल्ले के कई ऐसे परिवार हैं जिनके यहां का कोई न कोई विदेश में नौकरी करता है। इस वारदात के बाद कस्बे की महिलाओं ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द घटना का खुलासा करे। दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। आक्रोशित परिजनों ने पुलिस से कहा कि जांच करने आए डीआईजी ने 24 घंटे में घटना के खुलासे की बात कही थी। समय पूरा होने के बाद भी पुलिस कुछ न कर सकी। जब तक आरोपी सामने नहीं लाए जाते, कोई भी चैन से नहीं बैठेगा।
विज्ञापन
दूसरी ओर पोस्टमार्टम के बाद शवों को घर भेजने केे बजाय दफनाने के लिए सीधे खेत पर ले जाए जाने से भड़के परिजन व अन्य लोग पुलिस से भिड़ गए। विधायक से भी धक्कामुक्की की। पुलिस ने लाठियां पटककर भीड़ को तितर-बितर किया। बवाल की आशंका से पूरा कस्बा छावनी बना रहा। आसपास के पांच जिलों की फोर्स के साथ सात कंपनी पीएसी तैनात रही। इधर हत्याकांड में पुलिस को पड़ोसी युवक पर शक है। उसकी तलाश की जा रही है।
विज्ञापन
बुधवार को बंद कमरे में सरिता देवी और उनकी तीन बेटियों के शव मिले थे। कुवैत में नौकरी कर रहे परिवार के मुखिया मनोज कुमार बेटे आनंद के साथ गुरुवार सुबह करीब तीन बजे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। पिता-पुत्र को शव दिखाने के बाद पोस्टमार्टम शुरू हुआ। सभी के सिर में चोट से हत्या की पुष्टि हुई है। दुष्कर्म की आशंका पर सभी की स्लाइड बनाई गई। मनोज ने शवों को अपने खेत में दफनाने की इच्छा जताई थी।
विज्ञापन
इस पर पुलिस ने पहले ही जेसीबी से खेत में गड्ढे खुदवा रखे थे। पोस्टमार्टम के बाद शवों को घर न ले जाकर दफनाने के लिए सीधे खेत पर ले जाया गया। इससे परिजन भड़क गए। सैकड़ों लोग इकट्ठा हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं ने भी आगे आकर पुलिस से मोर्चा लिया। कई बार पुलिस और परिजनों में तीखी तकरार हुई। पुलिस ने लाठी पटककर भीड़ को तितर-बितर किया और शव दफन करा दिए। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक उदयराज यादव मनोज के घर पहुंचे तो भड़के परिजनों ने उनका भी विरोध किया। भीड़ की धक्कामुक्की के चलते वह वापस चले गए।
पति ने कहा, पहले हत्या, अब रेप छिपा रही पुलिस
परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे एमएलसी सुनील यादव से मनोज ने कहा कि पुलिस ने पहले हत्या को आत्महत्या से जोड़ने की कोशिश की। बिना जांच किए कह दिया कि पत्नी और बच्चियों की मौत विषाक्त भोजन खाने या मां के जहर देने से हुई है। बड़ी बेटी की हालत, रेप के बाद हत्या की बात उजागर कर रही है। मनोज ने सीबीआई जांच की मांग की। एमएलसी ने घटना के जल्द खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी का भरोसा दिलाया है।
परिवार ही नहीं रहा तो किसके लिए कमाएं
कुवैत में नौकरी कर रहे मनोज और उसके बेटे आनंद एक-दूसरे से लिपटकर रोते रहे। बार-बार कहते रहे कि जब परिवार ही नहीं रहा तो विदेश में रहकर किसके लिए कमाएंगे। पिता-पुत्र को बिलखते देख लोगों की अंाखें भी नम हो गईं।
पुलिस ने कई को उठाया
मनोज और घर के अन्य लोगों ने वारदात में पड़ोस के एक युवक पर शक जाहिर किया है। परिजनों की मानें तो पड़ोसी युवक पहले भी एक महिला से रेप और उसकी हत्या की कोशिश कर चुका है। 15 दिन पहले वह जमानत पर जेल से बाहर आया था। घटना के बाद से ही वह घर से भागा है। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। इसके अलावा पुलिस ने कुछ अन्य लोगों को उठाया है। पुलिस टीम परिवार के लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
मोबाइल फोन से मिले सुराग
जांच के दौरान पुलिस को मनोज के घर से दो मोबाइल फोन और एक आईपैड मिला है। सूत्रों की मानें तो मोबाइल फोन से पुलिस ने कई ऐसे सुराग इकट्ठा किए हैं, जिनसे हत्या की कड़ी सुलझती नजर आ रही है। पुलिस का दावा है कि घटना को चार-पांच लोगों ने अंजाम दिया है। एसपी नेहा पांडेय ने कहा कि घटना का खुलासा जल्द कर लिया जाएगा।
महिलाओं ने मांगी सुरक्षा
धोबिनटोला मोहल्ले के कई ऐसे परिवार हैं जिनके यहां का कोई न कोई विदेश में नौकरी करता है। इस वारदात के बाद कस्बे की महिलाओं ने पुलिस से सुरक्षा की मांग की। उन्होंने कहा कि पुलिस जल्द घटना का खुलासा करे। दोषियों को सख्त से सख्त सजा दी जाए। आक्रोशित परिजनों ने पुलिस से कहा कि जांच करने आए डीआईजी ने 24 घंटे में घटना के खुलासे की बात कही थी। समय पूरा होने के बाद भी पुलिस कुछ न कर सकी। जब तक आरोपी सामने नहीं लाए जाते, कोई भी चैन से नहीं बैठेगा।