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2350 खर्च कर वसूल रहे थे 6750 रुपये

Wed, 16 Nov 2022 11:51 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 16 Nov 2022 11:51 PM IST
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Rs 6750 were being collected after spending 2350
सुल्तानपुर। डीएपी में मिलावट का कारोबार करने वाले लोग साढ़े 23 सौ रुपये में पांच बोरी डीएपी तैयार कर रहे थे। सस्ते रेट में मिलने वाले जिप्सम से मिलावटी डीएपी तैयार की जा रही थी। पांचों बोरी मिलावट की डीएपी की ब्रिकी 6750 रुपये में की जा रही था। इससे पांच बोरी में मिलावटखोर को 44 सौ रुपये का मुनाफा होता था।
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मंगलवार को पन्ना टिकरी गांव में मिली मिलावटी डीएपी के मामले की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मिलावटखोर एक हजार रुपये में मिलने वाले दो क्विंटल जिप्सम व 1,350 रुपये में मिलने वाली 50 किलोग्राम की एक बोरी असली डीएपी की मिलावट कर रहे थे। इससे पांच बोरी मिलावट वाली डीएपी तैयार की जा रही थी। इस पर मिलावटखोरों का 2,350 रुपये का खर्च आता था। मिलावट से तैयार पांच बोरी नकली डीएपी की बिक्री किसानों को करने पर 6,750 रुपये मिलता था। 2,350 रुपये मिलावट में आने वाला खर्च निकाल दिया जाए तो पांच बोरी मिलावटी डीएपी पर 4,400 रुपये का मुनाफा हो रहा था। काफी दिनों से मिलावट खोरी के धंधे में शामिल लोग इससे जमकर मुनाफा कमा रहे थे। (संवाद)
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ऐसे करें मिलावटी डीएपी की पहचान
मिलावट वाली डीएपी की पहचान की जा सकती है। कमला नेहरू कृषि विज्ञान केंद्र के कृषि प्रसार अधिकारी डॉ. सीके त्रिपाठी ने बताया कि चूने के साथ डीएपी को हाथ पर रगड़ा जाए तो उसमें गंध आएगी। मिलावट होने पर गंध नहीं आएगी। इसके अलावा मुट्ठी में बांधने पर असली डीएपी पसीज जाएगी, जबकि मिलावट वाली डीएपी नहीं पसीजेगी।
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बिना लाइसेंस के चल रही थी दुकान
भदैंया के पन्ना टिकरी गांव में खाद की दुकान करीब दो दशक से चल रही थी। खाद व्यवसायी सुनील जायसवाल की दुकान करीब दो दशक पुरानी है। पहले सुनील के पिता हीरा जायसवाल दुकान चलाते थे। मौजूदा समय में दुकान का संचालन सुनील कर रहा है। दुकान का संचालन कर रहे सुनील जायसवाल के पास खाद बेचने का कोई लाइसेंस नहीं था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर स्थानीय पुलिस के साथ ही कृषि विभाग की निगाह उस पर क्यों नहीं पड़ी। बाकायदा गोदाम में बड़े पैमाने पर मिलावट के धंधे का खुलासा होने पर जिम्मेदार अधिकारियों की सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
रात में की जाती थी मिलावट वाली डीएपी की सप्लाई
डीएपी में मिलावट करने का मुख्य सरगना सुनील जायसवाल पड़ोसी जिले के प्रतापगढ़ से असली डीएपी व जिप्सम खरीदकर लाता था। वह मिलावट से तैयार ज्यादातर डीएपी की सप्लाई रात में ही प्रतापगढ़ में ही करता था। जिले के कुछ छोटे दुकानदारों को भी सुनील रात के अंधेरे में मिलावट वाली डीएपी देकर अच्छा मुनाफा कमा रहा था।

डीएपी की मिटावट करने वाले चार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज
भदैंया (संवाद)। क्षेत्र के पन्ना टिकरी गांव में दानेदार जिप्सम की मिलावट करके डीएपी तैयार करने के मामले में पुलिस ने इस धंधे में शामिल चार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मिलावटखोरों के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके मामले की विवचेना शुरू कर दी है। एसओ चंद्रभान वर्मा ने बताया कि डीएपी में मिलावटखोरी करने वाले मुख्य सरगना पन्ना टिकरी गांव निवासी सुनील जायसवाल व अमित उर्फ डिंपू पाठक और बेलासदा गांव निवासी रिंकू गौतम व मोनू कुमार के खिलाफ बुधवार को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। (संवाद)
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