{"_id":"65a989c5c7914b61700e79d5","slug":"life-imprisonment-to-two-accused-of-murder-sultanpur-news-c-103-1-slko1046-8498-2024-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sultanpur News: 43 वर्ष पूर्व हुई हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sultanpur News: 43 वर्ष पूर्व हुई हत्या के दो दोषियों को उम्रकैद
Fri, 19 Jan 2024 01:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर
Updated Fri, 19 Jan 2024 01:57 AM IST
विज्ञापन
सुल्तानपुर। मुकदमेबाजी की रंजिश को लेकर 43 वर्ष पूर्व हुई हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए दो आरोपियों को एडीजे चतुर्थ अंकुर शर्मा ने बृहस्पतिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर 80 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माने से 50 हजार रुपये मृतक के बेटे को क्षतिपूर्ति के तौर पर मिलेंगे।
एडीजीसी क्रिमिनल विजय शंकर शुक्ल के मुताबिक कुड़वार थाने के इमिलिया कला गांव निवासी यदुनाथ यादव को मुकदमेबाजी की रंजिश में 21 मार्च 1980 को सुबह 10 बजे खलिहान जाते समय आरोपियों ने लाठी, फरसा व बल्लम से मारकर घायल कर दिया था। उनकी दूसरे दिन इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
मृतक के पुत्र समर बहादुर यादव ने गांव के ही आरोपियों दल सिंगार सिंह, शिव प्रसाद, अंबिका प्रसाद व गया प्रसाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने पांच और बचाव पक्ष ने एक गवाह पेश किया।
विज्ञापन
कानूनी दांवपेच में उलझी हत्याकांड की सुनवाई करीब 43 वर्ष चली। इस दौरान दो आरोपियों अंबिका प्रसाद व गयाप्रसाद की मौत हो गई। बुधवार को कोर्ट ने दल सिंगार सिंह व शिव प्रसाद को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। बृहस्पतिवार पुलिस दोनों को कोर्ट लाई। सजा के बिंदु पर सरकारी वकील विजय शंकर शुक्ल व बचाव पक्ष ने दलीलें पेश की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषियों को सजा सुनाकर जेल भेज दिया।
विज्ञापन
एडीजीसी क्रिमिनल विजय शंकर शुक्ल के मुताबिक कुड़वार थाने के इमिलिया कला गांव निवासी यदुनाथ यादव को मुकदमेबाजी की रंजिश में 21 मार्च 1980 को सुबह 10 बजे खलिहान जाते समय आरोपियों ने लाठी, फरसा व बल्लम से मारकर घायल कर दिया था। उनकी दूसरे दिन इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
विज्ञापन
मृतक के पुत्र समर बहादुर यादव ने गांव के ही आरोपियों दल सिंगार सिंह, शिव प्रसाद, अंबिका प्रसाद व गया प्रसाद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे में अभियोजन पक्ष ने पांच और बचाव पक्ष ने एक गवाह पेश किया।
विज्ञापन
कानूनी दांवपेच में उलझी हत्याकांड की सुनवाई करीब 43 वर्ष चली। इस दौरान दो आरोपियों अंबिका प्रसाद व गयाप्रसाद की मौत हो गई। बुधवार को कोर्ट ने दल सिंगार सिंह व शिव प्रसाद को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था। बृहस्पतिवार पुलिस दोनों को कोर्ट लाई। सजा के बिंदु पर सरकारी वकील विजय शंकर शुक्ल व बचाव पक्ष ने दलीलें पेश की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद दोषियों को सजा सुनाकर जेल भेज दिया।