फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sultanpur News ›   Amethi youth dies in Haryana Jat stir.

जाट आंदोलन में अमेठी के युवक ने गंवाई जान

Wed, 24 Feb 2016 09:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी
अमर उजाला ब्यूरो/अमेठी Updated Wed, 24 Feb 2016 09:57 PM IST
विज्ञापन

अमेठी का एक युवक आरक्षण की मांग को लेकर हरियाणा में चले जाट आंदोलन की भेंट चढ़ गया। गुड़गांव में आंदोलनकारियों ने पथराव व फायरिंग के बाद उस बस में आग लगा दी, जिसमें वह सफर कर रहा था। गोली लगने से घायल युवक बस से बाहर नहीं निकल सका और झुलसकर उसकी मौत हो गई। घटना के दो दिन बाद युवक का शव गुडग़ांव के सदर थाने में रखा मिला, जहां पहुंचे भाई व मित्रों ने उसकी पहचान की। सूचना मिलने के बाद परिवार व गांव में कोहराम मचा है।

विज्ञापन



स्थानीय थाने के गांव गौरीपुर निवासी राधेश्याम मिश्र का 28 वर्षीय पुत्र आनंद कुमार मिश्र हरियाणा के गुड़गांव में रहकर मार्केटिंग का काम करता था। बीते 21 फरवरी की सुबह वह अपने चचेरे भाई मुकेश से मिलने अर्जुनगढ़ गया था। चचेरे भाई से मिलकर वह बस से वापस गुड़गांव लौट रहा था। परिवारीजनों के मुताबिक अर्जुनगढ़ से वह बस से लौट रहा था। तभी गुड़गांव में जाट आंदोलनकारियों ने उस बस पर हमला बोल दिया। आंदोलनकारियों ने पहले बस पर भीषण पथराव व गोलीबारी की फिर बस में आग लगा दी। गोली लगने से घायल होने के कारण आनंद बस से नहीं निकल सका और गंभीर रूप से झुलसकर उसकी मौत हो गई।
विज्ञापन


 उसके साथ रहने वाले मित्रों सुनील व रविकांत ने इसकी सूचना 22 फरवरी को गुड़गांव में ही रहने वाले आनंद के छोटे भाई अरविंद को उसके मुकेश के पास जाने और वापस नहीं लौटने की सूचना दी। सूचना के बाद अरविंद ने मुकेश के पास फोन किया तो पता चला कि वह 21 की शाम को ही वापस लौट गया था। मुकेश से जानकारी मिलने के बाद आनंद के भाई व दोनों दोस्तों ने उसकी तलाश शुरू की तो 23 फरवरी को गुड़गांव के सदर थाने में उसका शव रखा मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन


पत्नी और पुत्र रो-रोकर बेहाल
आर्थिक रूप से कमजोर आनंद के परिवार में पिता राधेश्याम, मां सुशीला, बड़े भाई अशोक व उसके परिवार के साथ पत्नी रेनू व तीन वर्षीय पुत्र आयुष हैं। आनंद ही परिवार की जरूरतें पूरी करता था। आनंद की असामयिक मौत से रेनू के साथ आयुष का जहां रो-रोकर हाल बेहाल है वहीं अन्य परिवारीजन भी खुद को संभाल नहीं पा रहे हैं। परिवारीजनों ने बताया कि आनंद बीते दिसंबर माह में घर आया था। जनवरी में वापस जाते समय उसने अप्रैल में वापस आने और पुत्र को किसी अच्छे स्कूल में प्रवेश दिलाने का वादा किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed