{"_id":"5b54ca8d4f1c1bb8538b4b84","slug":"71532283533-sultanpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जच्चा-बच्चा की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
जच्चा-बच्चा की मौत
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला महिला अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत पर हंगामा
सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल में शनिवार देर रात प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। वहीं, महिला का प्रसव कराने वाले चिकित्सक की मानें तो शिशु की पेट में ही मौत हो चुकी थी। इसकी जानकारी परिवारीजनों को दी गई थी।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के कमनगढ़ गांव निवासी नदीम की पत्नी अंजुम बानो (21) को शनिवार शाम को प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉ. आलोक कुमार सिंह ने गर्भस्थ शिशु की मौत होने की जानकारी परिवारीजनों को देने के बाद अंजुम को भर्ती किया था। रात लगभग आठ बजे सामान्य डिलीवरी कराने पर मृत शिशु पैदा हुआ।
देर रात लगभग 11 बजे प्रसूता अंजुम बानो की तबियत अचानक खराब होने लगी। परिवारीजनों ने अस्पताल के स्टाफ को इसकी सूचना दी, मगर कोई भी अंजुम को देखने नहीं पहुंचा। देर रात करीब दो बजे अंजुम की भी मौत हो गई। इस पर नाराज परिवारीजनों ने अस्पताल गेट पर जमकर हंगामा काटा। हालांकि बाद में परिवारीजन नवजात और अंजुम का शव लेकर घर चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सुल्तानपुर। जिला महिला अस्पताल में शनिवार देर रात प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। इस पर परिवारीजनों ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा काटा। वहीं, महिला का प्रसव कराने वाले चिकित्सक की मानें तो शिशु की पेट में ही मौत हो चुकी थी। इसकी जानकारी परिवारीजनों को दी गई थी।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के कमनगढ़ गांव निवासी नदीम की पत्नी अंजुम बानो (21) को शनिवार शाम को प्रसव पीड़ा हुई। परिवारीजन उसे लेकर जिला महिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉ. आलोक कुमार सिंह ने गर्भस्थ शिशु की मौत होने की जानकारी परिवारीजनों को देने के बाद अंजुम को भर्ती किया था। रात लगभग आठ बजे सामान्य डिलीवरी कराने पर मृत शिशु पैदा हुआ।
विज्ञापन
देर रात लगभग 11 बजे प्रसूता अंजुम बानो की तबियत अचानक खराब होने लगी। परिवारीजनों ने अस्पताल के स्टाफ को इसकी सूचना दी, मगर कोई भी अंजुम को देखने नहीं पहुंचा। देर रात करीब दो बजे अंजुम की भी मौत हो गई। इस पर नाराज परिवारीजनों ने अस्पताल गेट पर जमकर हंगामा काटा। हालांकि बाद में परिवारीजन नवजात और अंजुम का शव लेकर घर चले गए।
विज्ञापन