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Sonebhadra News: एक सीजन में पांचवीं बार खोले गए रिहंद के फाटक
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पिपरी रिहंद डेम का खोला गया फाटक। स्रोत विभाग
रेणुकूट/ओबरा। पानी की आवक बढ़ने से रिहंद बांध के फाटक बृहस्पतिवार को फिर से खोल दिए गए। बांध के एक फाटक को 15 फीट तक खोलकर पानी निकाला जा रहा है।
इससे ओबरा बांध के भी जलस्तर में इजाफा हुआ है। नतीजा ओबरा बांध के एक फाटक को 12 फीट तक खोला गया है। यह पहली दफा है, जब एक ही सीजन में पांचवीं बार दोनों बांध के फाटक खोले गए हैं।
बृहस्पतिवार को बांध का जलस्तर 870.4 फीट तक पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग ने सुबह 8 बजे एहतियातन एक फाटक खोल दिया। अधिशासी अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष लगातार हो रही बारिश के कारण बांध के फाटक पहले ही चार बार खोले जा चुके थे और अब पांचवीं बार पानी डिस्चार्ज करना पड़ा है।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष कैचमेंट एरिया में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा हुई है। 24 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस वर्ष 27 जुलाई को पहली बार बांध का फाटक खोलना पड़ा था। उसके बाद अगस्त और सितंबर माह में लगातार वर्षा के कारण चार और बार जलस्तर ज्यादा हो गया जिससे फाटक खोलने पड़े।
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उन्होंने बताया कि बुधवार की सुबह बांध का जलस्तर 870 फिट के नीचे था लेकिन शाम तक बांध में पानी का इनफ्लो बढ़ गया, जिससे बृहस्पतिवार की सुबह जलस्तर 870.4 फीट पर पहुंच गया। जल विद्युत निगम के एक्सईएन शशिकांत राय ने बताया कि रिहंद बांध पर लगी सभी छह टरबाइनें इस समय पूरी क्षमता से चल रही हैं और लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
उन्होंने बताया कि टरबाइन से लगातार पानी डिस्चार्ज होता रहता है, जिससे जलस्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। बांध के एक फाटक को 15 फीट खोलकर लगभग 10 हजार क्यूसेक और सभी 6 टरबाइनों से 17 हजार क्यूसेक सहित कुल 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा हा रहा है।
उधर, रिहंद बांध से पानी छोड़े जाने पर इसका सीधा असर डाउनस्ट्रीम ओबरा डैम पर पड़ा। पहले से लबालब डैम का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए पहले से दो फीट खुले आठ नंबर फाटक की ऊंचाई सुबह करीब 10.30 बजे बढ़ाकर 12 फीट कर दिया गया।
ओबरा बांध प्रखंड के एक्सईएन रूपेश कुमार खरे ने बताया कि बृहस्पतिवार की दोपहर तक ओबरा डैम के गेट से 12950 क्यूसेक और टरबाइन से 15846 क्यूसेक पानी रेणुका नदी में छोड़ा जा रहा था।
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इससे ओबरा बांध के भी जलस्तर में इजाफा हुआ है। नतीजा ओबरा बांध के एक फाटक को 12 फीट तक खोला गया है। यह पहली दफा है, जब एक ही सीजन में पांचवीं बार दोनों बांध के फाटक खोले गए हैं।
बृहस्पतिवार को बांध का जलस्तर 870.4 फीट तक पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग ने सुबह 8 बजे एहतियातन एक फाटक खोल दिया। अधिशासी अभियंता राजेश शर्मा ने बताया कि इस वर्ष लगातार हो रही बारिश के कारण बांध के फाटक पहले ही चार बार खोले जा चुके थे और अब पांचवीं बार पानी डिस्चार्ज करना पड़ा है।
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उन्होंने बताया कि इस वर्ष कैचमेंट एरिया में अपेक्षाकृत अधिक वर्षा हुई है। 24 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद इस वर्ष 27 जुलाई को पहली बार बांध का फाटक खोलना पड़ा था। उसके बाद अगस्त और सितंबर माह में लगातार वर्षा के कारण चार और बार जलस्तर ज्यादा हो गया जिससे फाटक खोलने पड़े।
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उन्होंने बताया कि बुधवार की सुबह बांध का जलस्तर 870 फिट के नीचे था लेकिन शाम तक बांध में पानी का इनफ्लो बढ़ गया, जिससे बृहस्पतिवार की सुबह जलस्तर 870.4 फीट पर पहुंच गया। जल विद्युत निगम के एक्सईएन शशिकांत राय ने बताया कि रिहंद बांध पर लगी सभी छह टरबाइनें इस समय पूरी क्षमता से चल रही हैं और लगभग 300 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है।
उन्होंने बताया कि टरबाइन से लगातार पानी डिस्चार्ज होता रहता है, जिससे जलस्तर को नियंत्रित करने में मदद मिलती है। बांध के एक फाटक को 15 फीट खोलकर लगभग 10 हजार क्यूसेक और सभी 6 टरबाइनों से 17 हजार क्यूसेक सहित कुल 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा हा रहा है।
उधर, रिहंद बांध से पानी छोड़े जाने पर इसका सीधा असर डाउनस्ट्रीम ओबरा डैम पर पड़ा। पहले से लबालब डैम का जलस्तर नियंत्रित करने के लिए पहले से दो फीट खुले आठ नंबर फाटक की ऊंचाई सुबह करीब 10.30 बजे बढ़ाकर 12 फीट कर दिया गया।
ओबरा बांध प्रखंड के एक्सईएन रूपेश कुमार खरे ने बताया कि बृहस्पतिवार की दोपहर तक ओबरा डैम के गेट से 12950 क्यूसेक और टरबाइन से 15846 क्यूसेक पानी रेणुका नदी में छोड़ा जा रहा था।