Cough Syrup Case: यूपी के इस जिले की पांच फर्मों के लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी, 15 फर्मों की भूमिका संदिग्ध
Sonbhadra News: सोनभद्र जिले की पांच फर्मों के लाइसेंस निरस्त करने की तैयारी है। जबकि पूर्वांचल के तीन जिलों की 15 फर्मों की भूमिका संदिग्ध मिलने पर इनकी जांच चल रही है।
विस्तार
18 अक्तूबर को हुआ था तस्करी का खुलासा
18 अक्तूबर की रात कोडिन युक्त कफ सिरप की खेप पकड़े जाने के बाद बड़े पैमाने पर तस्करी का खुलासा हुआ था। इस मामले में सोनभद्र एसआईटी अब तक तस्करों के नेटवर्क से जुड़े 15 लोगों को चिह्नित कर एक को गिरफ्तार किया है। वहीं, वाराणसी, गाजियाबाद, भदोही, चंदौली, मिर्जापुर, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, सहारनपुर, लखनऊ सहित अन्य जनपदों की टीमें तस्करों की तलाश कर रही हैं।
इसे भी पढ़ें; Varanasi News Today: पेड़ से टकराकर बाइक सवार युवक की मौत, आत्महत्या को उकसाने में FIR; पढ़ें खबरें
सोनभद्र में दो फर्म संचालकों पर एफआईआर
सोनभद्र में अभी तक दो फर्म संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस की जांच में दावा किया गया है कि दोनों फर्मों को शैली ट्रेडर्स रांची की तरफ से जो आपूर्ति दिखाई गई, वह यहां पहुंची ही नहीं। दुकान पर महज बैनर टांगकर दो साल तक कागज पर फर्मों का संचालन किया जाता रहा। इसकी आड़ में सात लाख शीशी से ज्यादा कफ सिरप की तस्करी की गई। मामले में शैली ट्रेडर्स के मालिक और तस्करों के सरगना शुभम के पिता भोला प्रसाद जायसवाल को एसआईटी गिरफ्तार कर चुकी है।
तीन फर्म संचालकों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
कप सिरप आपूर्ति से जुड़ीं जिले की तीन और फर्मों की जांची की जा रही है। इनके संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। बताया जा रहा है कि जो फर्म खरीद-बिक्री का ब्यौरा नहीं देंगी, उनका लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। फिलहाल सोनभद्र में इस कार्रवाई के दायरे में पांच फर्में बताई जा रही हैं। दो का नाम सार्वजनिक हो चुका है। तीन की पहचान सामने आनी बाकी है।
क्या कहते हैं अधिकारी
जांच में कई ऐसी फर्में पाई गई हैं, जिन्होंने थोक में कफ सिरप खरीदा था। यह सिरप उनके पास कब पहुंचा, किसे बेचा गया, इसका कोई ब्योरा उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। जिले में इस तरह की पांच फर्माें की जानकारी सामने आई है। इन फर्मों का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
- मुकेश पालीवाल, असिस्टेंट कमिश्नर (ड्रग)