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यहां उम्मीदवारी का जोश, उड़ा देता है कार्मिकों के होश

Sun, 13 Feb 2022 11:41 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Feb 2022 11:41 PM IST
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Here the enthusiasm of the candidature blows the senses of the personnel
सोनभद्र। चुनाव लड़ने और लड़ाने वाले आपने बहुत देखे होंगे लेकिन सोनांचल जैसे लड़ाके कहीं नहीं मिलेंगे। चुनावी समर में उतरने की यहां होड़ मची रहती है। फिर चाहे आयोग और प्रशासन को खूब फजीहत ही झेलनी क्यों न पड़े। पिछले चुनावों का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा है। चुनावी दंगल में इतने पहलवान उतरे कि उनके निशान को ईवीएम पर अंकित कराने के लिए प्रशासन को हर बूथ पर दो-दो बैलेट यूनिट लगानी पड़ी थी। वर्ष 2017 में यह स्थिति एक सीट पर थी तो वर्ष 2012 में चार में से तीन सीटों के हर बूथ पर मतदान कार्मिक दो-दो बैलेट यूनिट के साथ पहुंचे थे।
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पहले चुनाव मतपत्र पर होते थे तो उम्मीदवारों के नाम अंकित कराने में कोई खास दिक्कत नहीं होती थी। मतपत्र का आकार बढ़ जाता था और विशेष परिस्थितियों में उसकी चौड़ाई भी बढ़ाकर सभी उम्मीदवारों के नाम एक ही मतपत्र पर दर्ज कर लिए जाते थे। इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन में यह सुविधा नहीं है। अधिकतम 16 उम्मीदवारों के नाम बैलेट यूनिट में आ सकते हैं। इसमें भी एक निशान नोटा के लिए आरक्षित है। इस लिहाज से एक बैलेट यूनिट में 15 उम्मीदवारों के नाम और निशान ही हो सकते हैं। दूसरी ओर पिछले दो चुनावों में यहां उम्मीदवारों की इतनी लंबी फौज थी कि प्रशासन को दो-दो बैलेट यूनिट लगाने पड़े थे। इससे मतदान कार्मिकों को भी खूब फजीहत झेलनी पड़ी थी। प्रत्याशियों की सबसे ज्यादा संख्या वर्ष 2012 के चुनाव में थी। तब जिले की चार सीटों पर 85 उम्मीदवार थे। तब ओबरा और घोरावल में पहली बार चुनाव हो रहे थे। विधायक बनने की लालसा में दोनों सीटों पर कइयों ने भाग्य आजमाया था। वर्ष 2017 के चुनाव में भी चार सीटों पर 51 उम्मीदवार थे। सबसे ज्यादा राबर्ट्सगंज में 19 उम्मीदवार मैदान में उतरे थे।
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खूब लड़ी लड़ाई, पर जमानत गंवाई
चुनाव लड़ने के लिए भले ही उम्मीदवारों ने उत्साह दिखाया हो मगर वह इतने वोट भी नहीं पा सके कि अपनी जमानत बचा सकें। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्ष 2017 में कुल 51 में से 39 उम्मीदवारों ने जमानत गंवा दी थी। तब सिर्फ भाजपा, सपा और बसपा के उम्मीदवार ही जमानत बचाने में कामयाब रहे थे। कमोबेश ऐसा ही हाल 2012 के चुनाव में भी था। कुल वैध मतों के छठवें हिस्से के बराबर भी वोट प्राप्त न करने पर आयोग ने उनकी ओर से नामांकन पत्र के साथ जमा की गई जमानत राशि को जब्त कर ली थी।
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पिछले चुनावों में उम्मीदवारों की संख्या
विस सीट 2012 2017
घोरावल 17 13
राबर्ट्सगंज 27 19
ओबरा 30 11
दुद्धी 11 08
कुल 85 51
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