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Sonebhadra News: परंपरागत रोजगार के लिए 18 ट्रेडों में मिलेगा अनुदान
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सोनभद्र। जिलाधिकारी चन्द्र विजय सिंह ने बताया कि जिले के लोग अब अपना परंपरागत व्यवसाय, उद्योग, धंधा करते हुए उसको और विकसित कर सकेंगें। इसके लिए अब केन्द्र सरकार भी उत्तर प्रदेश सरकार की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना की तर्ज पर प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना को विश्वकर्मा दिवस 17 सितंबर को लांच करने जा रही है।
इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन रजिस्ट्रेशन भी 25 अगस्त से शुरू हो जाएगा। इस योजना के तहत कुल 18 परम्परागत ट्रेडों को शामिल किया गया है। इसमें साक्षात्कार के माध्यम से जिला उद्योग केन्द्र व जिलाधिकारी की गठित कमेटी चयन पात्रों का चयन करेगी। चयन के बाद सबसे पहले आवेदक को एक बाउचर दिया जाएगा। जिससे वह 15 हजार रुपये की टूल किट खरीद सकेगा। एक आईडी कार्ड व प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। पहली बार में एक लाख ऋण पांच फीसदी ब्याज पर मिलेगा। इसको 18 माह में अदा करना होगा।
इसके बाद दो लाख रुपए का ऋण भी मिलेगा। जिसको निर्धारित समय सीमा पर जमा करना होगा। जिला उद्योग केन्द्र ने परम्परागत ट्रेडों से जुड़े लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कारपेंटर, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, हथौड़ा व टूल किट निर्माता, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, डलिया, चटाई, पारम्परिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली का जाल बनाने वाले व्यक्तियों को लाभान्वित किया जायेगा। जिसमें शिल्पकार, कारीगरों को प्रमाण दिया जायेगा। इस योजना के लिए इच्छुक लाभार्थी 25 अगस्त से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र सोनभद्र से प्राप्त की जा सकती है।
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इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन रजिस्ट्रेशन भी 25 अगस्त से शुरू हो जाएगा। इस योजना के तहत कुल 18 परम्परागत ट्रेडों को शामिल किया गया है। इसमें साक्षात्कार के माध्यम से जिला उद्योग केन्द्र व जिलाधिकारी की गठित कमेटी चयन पात्रों का चयन करेगी। चयन के बाद सबसे पहले आवेदक को एक बाउचर दिया जाएगा। जिससे वह 15 हजार रुपये की टूल किट खरीद सकेगा। एक आईडी कार्ड व प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा। पहली बार में एक लाख ऋण पांच फीसदी ब्याज पर मिलेगा। इसको 18 माह में अदा करना होगा।
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इसके बाद दो लाख रुपए का ऋण भी मिलेगा। जिसको निर्धारित समय सीमा पर जमा करना होगा। जिला उद्योग केन्द्र ने परम्परागत ट्रेडों से जुड़े लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत कारपेंटर, नाव बनाने वाले, अस्त्र बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, हथौड़ा व टूल किट निर्माता, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, मोची, राजमिस्त्री, डलिया, चटाई, पारम्परिक गुड़िया और खिलौने बनाने वाले, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, मछली का जाल बनाने वाले व्यक्तियों को लाभान्वित किया जायेगा। जिसमें शिल्पकार, कारीगरों को प्रमाण दिया जायेगा। इस योजना के लिए इच्छुक लाभार्थी 25 अगस्त से आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केन्द्र सोनभद्र से प्राप्त की जा सकती है।
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