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Sonebhadra News: 61.3 करोड़ यूनिट पर पहुंची बिजली की मांग
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बढ़ती गर्मी के बीच बिजली की मांग ने शनिवार को नया रिकॉर्ड बना लिया। पीक आवर में बिजली की मांग 29 हजार मेगावाट यानी 61.3 करोड़ यूनिट पर पहुंच गई। बिजली की मांग को पूरा करने के लिए निगम सहित निजी क्षेत्र की इकाइयां क्षमता से भी अधिक उत्पादन कर रही हैं।
प्रतिदिन बिजली की मांग एक नया रिकॉर्ड बनाने से निगम की चिंता बढ़ गई है। गत वर्ष सितंबर माह में बिजली की अधिकतम मांग 28 हजार मेगावाट यानी 57.9 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी। इस वर्ष मई में ही बिजली की मांग ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दी है। अभी अगस्त और सितंबर की उमस भरी गर्मी बाकी है। बिजली निगम से जुड़े लोग इस वर्ष बिजली की मांग 32 हजार मेगावाट के पार जाने की संभावना जता रहे हैं।
इस बीच प्रदेश को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए उत्पादन निगम की सभी इकाइयों को पूर्ण क्षमता से चलाया जा रहा है। इसके बावजूद भी बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निगम निजी क्षेत्राें सहित सेंट्रल पूल से महंगी बिजली खरीद रहा है। पीक आवर में निगम की अनपरा तापीय परियोजना की 500 मेगावाट की छठवीं इकाई ने 502 मेगावाट और निजी क्षेत्र की 600 मेगावाट की लैंको अनपरा की पहली इकाई ने 605 मेगावाट का रिकॉर्ड उत्पादन किया।
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इस बीच क्षमता से अधिक उत्पादन करने पर 500 मेगावाट अनपरा की सातवीं, ओबरा की 200 मेगावाट की ग्यारहवीं और 110 मेगावाट की टांडा की चौथी इकाई तकनीकी कारणों से बंद हो गई। शनिवार को पीक आवर में सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 29147 मेगावाट (61.3 करोड़ यूनिट) और न्यूनतम मांग 22319 मेगावाट पर रही। निगम की सभी इकाइयों से 4106 मेगावाट का उत्पादन जारी रहा।
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प्रतिदिन बिजली की मांग एक नया रिकॉर्ड बनाने से निगम की चिंता बढ़ गई है। गत वर्ष सितंबर माह में बिजली की अधिकतम मांग 28 हजार मेगावाट यानी 57.9 करोड़ यूनिट दर्ज की गई थी। इस वर्ष मई में ही बिजली की मांग ने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ दी है। अभी अगस्त और सितंबर की उमस भरी गर्मी बाकी है। बिजली निगम से जुड़े लोग इस वर्ष बिजली की मांग 32 हजार मेगावाट के पार जाने की संभावना जता रहे हैं।
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इस बीच प्रदेश को 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए उत्पादन निगम की सभी इकाइयों को पूर्ण क्षमता से चलाया जा रहा है। इसके बावजूद भी बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए निगम निजी क्षेत्राें सहित सेंट्रल पूल से महंगी बिजली खरीद रहा है। पीक आवर में निगम की अनपरा तापीय परियोजना की 500 मेगावाट की छठवीं इकाई ने 502 मेगावाट और निजी क्षेत्र की 600 मेगावाट की लैंको अनपरा की पहली इकाई ने 605 मेगावाट का रिकॉर्ड उत्पादन किया।
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इस बीच क्षमता से अधिक उत्पादन करने पर 500 मेगावाट अनपरा की सातवीं, ओबरा की 200 मेगावाट की ग्यारहवीं और 110 मेगावाट की टांडा की चौथी इकाई तकनीकी कारणों से बंद हो गई। शनिवार को पीक आवर में सूबे में बिजली की अधिकतम मांग 29147 मेगावाट (61.3 करोड़ यूनिट) और न्यूनतम मांग 22319 मेगावाट पर रही। निगम की सभी इकाइयों से 4106 मेगावाट का उत्पादन जारी रहा।