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Sonebhadra News: डायल 112 पर रोज आ रहीं 4 से 6 फेक कॉल
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सोनभद। साहब, दो पक्ष भिड़ गए हैं, जल्दी आइए। किसी ने घर में आग लगा दी है। बाइक सवार मोबाइल लूटकर फरार हो गए...। पति घर में मारपीट कर रहा है...इस तरह की सूचनाओं पर डायल-112 पुलिस छह से 10 मिनट में मौके पर पहुंचती है तो वहां का नजारा कुछ और होता है। शराब पीकर आपस में लोग उलझे रहते हैं तो कहीं जिले के बाहर बैठकर फोन किया जा रहा है। फेल काॅल करने वाले लोगों पर पुलिस कार्रवाई की तैयारी में है। रोजाना पुलिस को चार से छह फेक काॅल आ रही हैं।
जिले में लोगों को आपात स्थिति में मदद के लिए डायल 112 पीआरबी वाहनों को संचालन किया जा रहा है। आकड़ों पर गौर करें तो पुलिस के इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम 112 पर हर महीने 10 हजार से 11 हजार शिकायतें पहुंच रही हैं। जिले में डायल-112 का रिस्पांस टाइम पहले से काफी सुधरा है। यह अब औसतन 6.44 मिनट तक पहुंच गया है। अब मैन पॉवर और संसाधन बढ़ गए हैं। सही मामलों में पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर बड़ी घटना होने से बचा लेती है। हालांकि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली पुलिस की यह सेवा फेक काॅल से जूझ रही है। शरारती तत्व पुलिस का समय खराब कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, जिले में रोजाना पुलिस को चार से छह फेक काॅल आ रही हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंचती है तो कोई मिलता ही नहीं है। तो कई बार सूचना देने वाले का मोबाइल ही बंद हो जाता है। घटनास्थल पर पहुंचने पर मामला फर्जी पाए पर कुछ शिकायतों को कॉलम 12 तो कुछ को काॅलम 16 में दर्ज किया जाता है। पहले तो फेक काॅल करने वालों को पुलिस समझाती है। फिर न मानने पर कार्रवाई होती है। पुलिस फेक काॅल वालों की पहचान में जुटी है। ऐसे तीन लोगों को चिह्नित किया गया है। इसे लेकर एसपी की ओर से जांच बैठाई गई है। करमा थाना क्षेत्र के तुलसीपुर निवासी एक व्यक्ति की भी जांच चल रही है। उसने पुलिस को 103 फेक काॅल किए थे।
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एक महिला ने किए 349 फोन कॉल
पुलिस ने लगातार फेक काॅल करने के मामले में ओबरा निवासी एक महिला को चिह्नित किया है। शनिदेव नगर निवासी यह महिला पुलिस को कुछ महीने में 349 फेक काॅल कर चुकी है।
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326 बार किया फोन
पुलिस ने हिंदुआरी निवासी एक महिला को भी कार्रवाई के लिए चिह्नित किया है। मिर्जापुर रोड निवासी इस काॅलर पर 326 फोन करने का आरोप है। मामले में सीओ को जांच सौंपी गई है।
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इस तरह के आते हैं मामले
डायल-112 पुलिस कर्मियों के अनुसार, ज्यादातर मामले जमीन पर कब्जे, दीवार गिराने, दूसरी जमीन पर निर्माण, रास्ता निकालने के हाेते हैं। इसके बाद चोरी, छिनैती, मारपीट के अलावा छेड़खानी और सड़क हादसे के होते हैं। मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने के बाद केस को स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग को सौंपा जाता है।
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जिले में पुलिस की ओर से समय पर पीआरवी की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। फेक काॅल करने वालों को समझाया भी जाता है। न मानने वाले कई लोगों पर कार्रवाई की प्रकिया चल रही है। -अविनाश सिंह, प्रभारी डायल 112
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जिले में लोगों को आपात स्थिति में मदद के लिए डायल 112 पीआरबी वाहनों को संचालन किया जा रहा है। आकड़ों पर गौर करें तो पुलिस के इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम 112 पर हर महीने 10 हजार से 11 हजार शिकायतें पहुंच रही हैं। जिले में डायल-112 का रिस्पांस टाइम पहले से काफी सुधरा है। यह अब औसतन 6.44 मिनट तक पहुंच गया है। अब मैन पॉवर और संसाधन बढ़ गए हैं। सही मामलों में पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर बड़ी घटना होने से बचा लेती है। हालांकि आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षा उपलब्ध कराने वाली पुलिस की यह सेवा फेक काॅल से जूझ रही है। शरारती तत्व पुलिस का समय खराब कर रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, जिले में रोजाना पुलिस को चार से छह फेक काॅल आ रही हैं। कई बार तो ऐसा होता है कि पुलिस घटनास्थल पर पहुंचती है तो कोई मिलता ही नहीं है। तो कई बार सूचना देने वाले का मोबाइल ही बंद हो जाता है। घटनास्थल पर पहुंचने पर मामला फर्जी पाए पर कुछ शिकायतों को कॉलम 12 तो कुछ को काॅलम 16 में दर्ज किया जाता है। पहले तो फेक काॅल करने वालों को पुलिस समझाती है। फिर न मानने पर कार्रवाई होती है। पुलिस फेक काॅल वालों की पहचान में जुटी है। ऐसे तीन लोगों को चिह्नित किया गया है। इसे लेकर एसपी की ओर से जांच बैठाई गई है। करमा थाना क्षेत्र के तुलसीपुर निवासी एक व्यक्ति की भी जांच चल रही है। उसने पुलिस को 103 फेक काॅल किए थे।
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एक महिला ने किए 349 फोन कॉल
पुलिस ने लगातार फेक काॅल करने के मामले में ओबरा निवासी एक महिला को चिह्नित किया है। शनिदेव नगर निवासी यह महिला पुलिस को कुछ महीने में 349 फेक काॅल कर चुकी है।
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326 बार किया फोन
पुलिस ने हिंदुआरी निवासी एक महिला को भी कार्रवाई के लिए चिह्नित किया है। मिर्जापुर रोड निवासी इस काॅलर पर 326 फोन करने का आरोप है। मामले में सीओ को जांच सौंपी गई है।
इस तरह के आते हैं मामले
डायल-112 पुलिस कर्मियों के अनुसार, ज्यादातर मामले जमीन पर कब्जे, दीवार गिराने, दूसरी जमीन पर निर्माण, रास्ता निकालने के हाेते हैं। इसके बाद चोरी, छिनैती, मारपीट के अलावा छेड़खानी और सड़क हादसे के होते हैं। मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने के बाद केस को स्थानीय पुलिस और राजस्व विभाग को सौंपा जाता है।
जिले में पुलिस की ओर से समय पर पीआरवी की सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। फेक काॅल करने वालों को समझाया भी जाता है। न मानने वाले कई लोगों पर कार्रवाई की प्रकिया चल रही है। -अविनाश सिंह, प्रभारी डायल 112