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Sonebhadra News: इलाज के दौरान महिला और किशोर की मौत, हंगामे के बाद एक अस्पताल सील

Wed, 06 Aug 2025 11:08 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 06 Aug 2025 11:08 PM IST
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A woman and a teenager died during treatment, a hospital was sealed after the uproar
सीएमओ कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते पीड़ित परिवार के लोग।   - फोटो : संवाद
सोनभद्र/कोन। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में बुधवार को निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान किशोर समेत दो लोगों की मौत हो गई। परिवार वालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
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कोन के जिस अस्पताल में घटना हुई, उसका पंजीकरण भी नहीं था। प्रशासन ने अस्पताल को सील कर दिया है। मुकदमा दर्ज कर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के चंडी होटल के पास स्थित निजी अस्पताल में मंगलवार की शाम करमा थाना क्षेत्र के जोगिनी निवासी नसीरा बेगम (42) को पेट दर्द होने पर भर्ती कराया गया था। डॉक्टर ने जांच के बाद बच्चेदानी में गांठ होने का हवाला देते हुए ऑपरेशन की सलाह दी। पति मुमताज का आरोप है कि खून की कमी बताते हुए ब्लड बैंक से खून मंगाया गया। तीन घंटे बाद खून चढ़ाया गया। इसके कुछ समय बाद ही महिला की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन बार-बार डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाते रहे, मगर कर्मचारी खुद इलाज करते रहे। पति का आरोप है कि सुबह नसीरा बेगम को जिला अस्पताल भेज दिया गया, जबकि उसकी मौत हो चुकी थी। मामले की जानकारी पाकर पहुंचे लोढ़ी चौकी संजय सिंह ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
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उधर, कोन स्थित भारत हास्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में बुधवार को भोर में वेदांत पाठक (13) की इलाज के दौरान मौत हो गई। डोमा मिश्री निवासी राजीव रंजन पाठक ने बताया कि बेटे वेदांत को अस्पताल के कर्मचारी ने इंजेक्शन व दवा देकर घर भेज दिया था। घर पहुंचते ही उसकी हालत बिगड़ने लगी। दोबारा उसे लेकर अस्पताल पहुंचे तो कर्मचारी ने इलाज करने से मना कर दिया। दूसरे अस्पताल ले जाने पर डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों शव लेकर भारत हास्पिटल पहुंचे और गलत इंजेक्शन लगाने से मौत का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे।
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कोन पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई का आश्वासन देते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, एसडीएम ओबरा विवेक सिंह और सीओ हर्ष पांडेय भी अस्पताल पहुंच गए। जांच में पता चला कि अस्पताल बिना पंजीकरण के चल रहा था। इसके बाद अस्पताल को सील कर वहां भर्ती मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कराया गया।

प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह ने बताया कि किशोर के शव को पोस्टमार्टम के लिए सीएचसी दुद्धी भेजकर परिजनों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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