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बाल अपराधों पर झलकी चिंता
Updated Wed, 30 May 2018 10:55 PM IST
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रीवा जोन के पुलिस महानिरीक्षक उमेश जोगा ने बुधवार को विंध्यनगर में बाल मित्र थाने का शुभारंभ किया। साथ ही बाल अपराधों पर रोक लगाने और मासूमों के भटकने पर चिंता व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि बाल अपराधों पर रोक तभी लगेगा जब मासूमों को भटकने से रोकने के लिए समाज के सभी तबके को आगे आना होगा। बच्चे ईश्वर के रूप होते हैं और समाज के मुताबिक ढलते है। जोगा ने बालमित्र थाने की उपयोगिता गिनाया और कहा कि बच्चे गलत राह पर ना जाए इसकी जिम्मेदारी सभी की है। कहा कि समाज में व्याप्त बुराई, अंधविश्वास व आर्थिक व सामाजिक विसंगति के कारण अक्सर बच्चे उस वक्त अपराध के तरफ रूख करते हैं जब उनको यह पता नहीं होता कि इसका परिणाम क्या होगा। इसलिए उनको भटकने से रोकना हर जिम्मेदार नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। आईजी श्री जोगा नेकहा कि बच्चों के कोमल मन को समझ ना पाने के कारण वह अपराध के तरफ बढ़ते है और घर छोड़ भाग जाते है, ऐसे में अभिभावकों की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने पाल्यों पर नजर रखे। एसपी विनीत जैन ने कहा कि पुलिस अल्पवयस्क बच्चों के कोमल मन मस्तिष्क में आने वाले विचारों को समझने, बेहतर माहौल बनाने की जो शुरुआत की है उससे उम्मीद है कि हम बेहतरकाम कर पाएंगे। कार्यक्रम के दौरान एडिशनल एसपी प्रदीप शेंडे, मनीष त्रिपाठी, अर्चना द्विवेदी, संतोष तिवारी, यूपी सिंह, नागेंद्र सिंह रघुवंशी आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि बाल अपराधों पर रोक तभी लगेगा जब मासूमों को भटकने से रोकने के लिए समाज के सभी तबके को आगे आना होगा। बच्चे ईश्वर के रूप होते हैं और समाज के मुताबिक ढलते है। जोगा ने बालमित्र थाने की उपयोगिता गिनाया और कहा कि बच्चे गलत राह पर ना जाए इसकी जिम्मेदारी सभी की है। कहा कि समाज में व्याप्त बुराई, अंधविश्वास व आर्थिक व सामाजिक विसंगति के कारण अक्सर बच्चे उस वक्त अपराध के तरफ रूख करते हैं जब उनको यह पता नहीं होता कि इसका परिणाम क्या होगा। इसलिए उनको भटकने से रोकना हर जिम्मेदार नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। आईजी श्री जोगा नेकहा कि बच्चों के कोमल मन को समझ ना पाने के कारण वह अपराध के तरफ बढ़ते है और घर छोड़ भाग जाते है, ऐसे में अभिभावकों की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने पाल्यों पर नजर रखे। एसपी विनीत जैन ने कहा कि पुलिस अल्पवयस्क बच्चों के कोमल मन मस्तिष्क में आने वाले विचारों को समझने, बेहतर माहौल बनाने की जो शुरुआत की है उससे उम्मीद है कि हम बेहतरकाम कर पाएंगे। कार्यक्रम के दौरान एडिशनल एसपी प्रदीप शेंडे, मनीष त्रिपाठी, अर्चना द्विवेदी, संतोष तिवारी, यूपी सिंह, नागेंद्र सिंह रघुवंशी आदि मौजूद रहे।
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