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उतर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के बहिष्कार की चेतावनी
Updated Sun, 25 Feb 2018 11:40 PM IST
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केकराही। उप्र माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक महासभा की बैठक रविवार को हंसवाहिनी इंटर कॉलेज कसयां में हुई। इसमें शिक्षकों ने वित्त विहीन शिक्षकों का मानदेय काटे जाने और आगामी बजट में मानदेय की व्यवस्था न किये जाने पर असंतोष जताया। निर्णय लिया कि मानदेय का भुगतान नहीं होने पर यूपी बोर्ड की परीक्षाओं के उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार होगा और सभी शिक्षक मूल्यांकन के पहले दिन से ही मूल्यांकन केंद्रों पर धरने पर बैठेेंगे।
जिलाध्यक्ष उमाकांत मिश्रा ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षक वर्ष भर पूरी ईमानदारी और लगन से विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। उन्हें परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं। देश का भविष्य उज्जवल हो, इसके लिए बच्चों के साथ कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने आगामी बजट में वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कहा कि वित्त विहीन शिक्षक इस उपेक्षा के चलते इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी के आह्वान पर सभी जिलों में मूल्यांकन बहिष्कार की रूप रेखा तैयार कर ली गई है। कहा कि शिक्षक पहले ही दिन से मूल्यांकन का बहिष्कार कर केंद्रों पर धरना देंगे। न तो वित्त विहीन शिक्षक मूल्यांकन करेंगे और न ही किसी राजकीय या अन्य सहायता प्राप्त शिक्षकों को मूल्यांकन करने देंगे। बैठक में गिरिजेश चौबे, राजेंद्र प्रसाद पांडेय, गणेश प्रसाद त्रिपाठी, जितेंद्र पांडेय, बृजेश मौर्य, मुस्तकीन अहमद, अनिल सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, अरुण पति त्रिपाठी, सुरेश यादव, राम लाल सिंह, रमाकांत कुशवाहा, संतोष कुमार वीरेंद्र यादव, आशीष पांडेय, उमाकांत शुक्ल मौजूद रहे।
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जिलाध्यक्ष उमाकांत मिश्रा ने कहा कि वित्त विहीन शिक्षक वर्ष भर पूरी ईमानदारी और लगन से विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। उन्हें परीक्षाओं की तैयारी करा रहे हैं। देश का भविष्य उज्जवल हो, इसके लिए बच्चों के साथ कड़ी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने आगामी बजट में वित्त विहीन शिक्षकों के मानदेय की कोई व्यवस्था नहीं की। उन्होंने कहा कि वित्त विहीन शिक्षक इस उपेक्षा के चलते इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का बहिष्कार करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष शिक्षक एमएलसी उमेश द्विवेदी के आह्वान पर सभी जिलों में मूल्यांकन बहिष्कार की रूप रेखा तैयार कर ली गई है। कहा कि शिक्षक पहले ही दिन से मूल्यांकन का बहिष्कार कर केंद्रों पर धरना देंगे। न तो वित्त विहीन शिक्षक मूल्यांकन करेंगे और न ही किसी राजकीय या अन्य सहायता प्राप्त शिक्षकों को मूल्यांकन करने देंगे। बैठक में गिरिजेश चौबे, राजेंद्र प्रसाद पांडेय, गणेश प्रसाद त्रिपाठी, जितेंद्र पांडेय, बृजेश मौर्य, मुस्तकीन अहमद, अनिल सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, अरुण पति त्रिपाठी, सुरेश यादव, राम लाल सिंह, रमाकांत कुशवाहा, संतोष कुमार वीरेंद्र यादव, आशीष पांडेय, उमाकांत शुक्ल मौजूद रहे।
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