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829 रुपये सिलेंडर पर सिर्फ 28 रुपये सब्सिडी
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सीतापुर। महंगी रसोई गैस का झटका जिले के आठ लाख उपभोक्ताओं पर पड़ा है। तीन महीने में गैस की कीमत करीब 200 रुपये बढ़ गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 16 करोड़ रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। सब्सिडी से भी भला नहीं होने वाला है। अब 829 रुपये का गैस सिलेंडर मिलेगा। जिस पर महज 28 रुपये ही सब्सिडी आएगी। इसकी वजह से लोगों के घरों का बजट बिगड़ गया है।
डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब केंद्र सरकार ने एक और तगड़ा झटका दिया है। रसोई गैस के दाम में दो दिन पहले 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी फरवरी में तीसरी बार हुई है। इसका असर जिले में रसोई गैस का लाभ ले रहे करीब आठ लाख गैस उपभोक्ताओं पर पड़ा है। अगर पिछले तीन माह की बात की जाए तो एक नवंबर को 629 रुपये का गैस सिलेंडर मिल रहा था। यह 25 फरवरी से दो सौ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 829 रुपये हो गया है।
तीन माह में चार बार रसोई गैस के दाम बढ़े है। पहले जहां करीब दो सौ रुपये सब्सिडी मिल जाती थी। अब वह भी लगभग समाप्त की ओर पहुंच गई है। 829 रुपये का सिलेंडर मिलेगा, जिस पर केवल 28 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इतना महंगा सिलेंडर होने से इसका असर आम लोगों पर पड़ा है।
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अब प्रत्येक उपभोक्ता को 200 रुपये अतिरिक्त रूप से खर्च करने पड़ेंगे। अगर वह साल में 12 सिलेंडर देते है तो उन्हें एक बरस में अतिरिक्त रूप से 2400 रुपये अधिक खर्च करने होंगे। अगर पूरे जिले के उपभोक्ताओं की बात की जाए तो आठ लाख उपभोक्ता को एक माह में 16 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। फलक गैस एजेंसी के प्रबंधक मोनिस खान ने बताया कि लगातार गैस के दाम बढ़ रहे है। सब्सिडी में भी कटौती की गई है। इसका असर ग्राहकों पर दिख रहा है। अब लोग काफी दिन बाद गैस सिलेंडर ले रहे हैं।
ऐसे बढ़े गैस के दाम
एक नवंबर 629
15 दिसंबर 729
चार फरवरी 754
15 फरवरी 804
25 फरवरी 829 रुपये
महिलाएं बोली, महंगाई से बिगड़ गया घर का बजट
गृहिणी अंकिता का कहना है कि सरकार धीरे-धीरे आम जनता पर बोझ पर बोझ डाल रही है। पहले डीजल-पेट्रोल बढ़ाया, अब रसोई घर के दाम बढ़ाकर कमर ही तोड़ दी है। संध्या सिंह ने बताया कि बढ़ती महंगाई में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। एक महीने में तीन बार दाम बढ़े है।
घर का बजट बिगड़ चुका है। इस पर सरकार को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उपासना श्रीवास्तव ने कहना है कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह हम लोगों की समस्या समझे। रसोई गैस गांव से लेकर शहर तक के लोग उपयोग करते है। ऐसे में दाम बढ़ने से छोटे से लेकर बड़े लोगों पर असर पड़ेगा।
जिले में आठ लाख गैस उपभोक्ता हैं। इन्हें बराबर गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं। अगर किसी को सिलेंडर मिलने में कोई दिक्कत आती है तो उसे प्राथमिकता से दूर कराया जाता है।
- संजय प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी
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डीजल-पेट्रोल के दामों में बढ़ोतरी के बाद अब केंद्र सरकार ने एक और तगड़ा झटका दिया है। रसोई गैस के दाम में दो दिन पहले 25 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। यह बढ़ोतरी फरवरी में तीसरी बार हुई है। इसका असर जिले में रसोई गैस का लाभ ले रहे करीब आठ लाख गैस उपभोक्ताओं पर पड़ा है। अगर पिछले तीन माह की बात की जाए तो एक नवंबर को 629 रुपये का गैस सिलेंडर मिल रहा था। यह 25 फरवरी से दो सौ रुपये की बढ़ोतरी के साथ 829 रुपये हो गया है।
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तीन माह में चार बार रसोई गैस के दाम बढ़े है। पहले जहां करीब दो सौ रुपये सब्सिडी मिल जाती थी। अब वह भी लगभग समाप्त की ओर पहुंच गई है। 829 रुपये का सिलेंडर मिलेगा, जिस पर केवल 28 रुपये की सब्सिडी मिलेगी। इतना महंगा सिलेंडर होने से इसका असर आम लोगों पर पड़ा है।
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अब प्रत्येक उपभोक्ता को 200 रुपये अतिरिक्त रूप से खर्च करने पड़ेंगे। अगर वह साल में 12 सिलेंडर देते है तो उन्हें एक बरस में अतिरिक्त रूप से 2400 रुपये अधिक खर्च करने होंगे। अगर पूरे जिले के उपभोक्ताओं की बात की जाए तो आठ लाख उपभोक्ता को एक माह में 16 करोड़ रुपये का भार पड़ेगा। फलक गैस एजेंसी के प्रबंधक मोनिस खान ने बताया कि लगातार गैस के दाम बढ़ रहे है। सब्सिडी में भी कटौती की गई है। इसका असर ग्राहकों पर दिख रहा है। अब लोग काफी दिन बाद गैस सिलेंडर ले रहे हैं।
ऐसे बढ़े गैस के दाम
एक नवंबर 629
15 दिसंबर 729
चार फरवरी 754
15 फरवरी 804
25 फरवरी 829 रुपये
महिलाएं बोली, महंगाई से बिगड़ गया घर का बजट
गृहिणी अंकिता का कहना है कि सरकार धीरे-धीरे आम जनता पर बोझ पर बोझ डाल रही है। पहले डीजल-पेट्रोल बढ़ाया, अब रसोई घर के दाम बढ़ाकर कमर ही तोड़ दी है। संध्या सिंह ने बताया कि बढ़ती महंगाई में घर चलाना मुश्किल हो रहा है। एक महीने में तीन बार दाम बढ़े है।
घर का बजट बिगड़ चुका है। इस पर सरकार को विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उपासना श्रीवास्तव ने कहना है कि केंद्र सरकार को चाहिए कि वह हम लोगों की समस्या समझे। रसोई गैस गांव से लेकर शहर तक के लोग उपयोग करते है। ऐसे में दाम बढ़ने से छोटे से लेकर बड़े लोगों पर असर पड़ेगा।
जिले में आठ लाख गैस उपभोक्ता हैं। इन्हें बराबर गैस सिलेंडर दिए जा रहे हैं। अगर किसी को सिलेंडर मिलने में कोई दिक्कत आती है तो उसे प्राथमिकता से दूर कराया जाता है।
- संजय प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी