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रात का कर्फ्यू :चौराहों पर सन्नाटा, गलियां रहीं गुलजार
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रविवार रात नाइट कर्फ्यू में कैप्टन मनोज पाण्डेय चौक पर पसरा सन्नाटा। (संवाद)
- फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। जिले में कोरोना के बढ़ते मामलों को देख नगरीय इलाकों में रात के कर्फ्यू का असर देखने को मिला। नाइट कर्फ्यू लागू होने के पहले ही दिन रविवार रात को सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर नौ बजे के बाद सन्नाटा देखा गया। कर्फ्यू की पाबंदियों का कड़ाई से पालन कराने के लिए शहर समेत जिलेभर के नगरीय इलाकों में पुलिस देर रात सड़कों पर मुस्तैद नजर आई।
डीएम व एसपी ने भी देर रात शहर का भ्रमण कर पाबंदियों का जायजा लिया। शहर की गलियों में कर्फ्यू का बेअसर रहा। रोज की तरह गलियों में आवागमन देर रात तक जारी रहा और पुलिस दूर तलक नजर नहीं आई। सरकार ने जिस जिले में एक्टिव केसों की संख्या 500 और एक दिन में 100 कोरोना मरीज मिले हों वहां नाइट कर्फ्यू लगाने का आदेश दे रखा है।
रविवार को जिले में 102 नए मरीज मिले थे और एक्टिव केसों की संख्या भी 430 के करीब पहुंच गई थी। इसी को देेखते हुए डीएम विशाल भारद्वाज ने रविवार को जिले के नगरीय इलाकों (नगर पालिका, नगर पंचायत) में नाइट कर्फ्यू लगा दिया था। ये आदेश 11 अप्रैल की रात 9 बजे से 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा।
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रात का कर्फ्यू लगने के बाद अमर उजाला की टीम ने शहर में कर्फ्यू में लगने वाली पाबंदियों को लेकर पड़ताल की तो पहले दिन मिलाजुला असर देखने को मिला। सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा देखा गया, लेकिन शहर की तमाम गलियों में आम दिनों की तरह चहलपहल थी। लालबाग चौराहे पर शहर कोतवाल टीपी सिंह की सख्ती का असर दिखा तो आंख अस्पताल मार्ग, सिविल लाइंस रोड से लेकर कैप्टन मनोज पांडेय चौक पर जाने वाले रास्ते पर आवागमन रोज की तरह जारी था।
रात 10 बजे शहर के प्रमुख लालबाग चौराहे पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। चौराहे पर पुलिसकर्मी खड़े हुए नजर आए। राहगीरों को रोककर कड़ाई से पूछताछ की। करीब 11 बजे रोडवेज बस स्टॉप पर टीम पहुंची। वहां भी सन्नाटा था। बस स्टॉप पर मुसाफिर बैठे बसों का इंतजार कर रहे थे। जब बस आती तो वह इन पर सवार होते। इक्का दुक्का मुसाफिर ही बस स्टॉप पर दिखाई दिए।
करीब 11:30 बजे शहर कोतवाली इलाके के कैप्टन मनोज पांडेय चौक पर भी सन्नाटा पसरा दिखा। पुलिसकर्मी चौराहे पर खड़े होकर आवागमन पर नजर बनाए थे। रात अधिक और रविवार होने से आस-पड़ोस की सभी दुकानें बंद थी। किसी को बिना अनुमति के आगे नहीं जाने दिया गया। यही हालात शहर के पुराने सीतापुर, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों के रहे।
आठ बजे गिर गए दुकानों के शटर
नाइट कर्फ्य से एक दिन पहले जिलाधिकारी ने रात आठ बजे बाजार में तालाबंदी का फरमान सुनाया था। इसका असर भी रहा। पूरे शहर की आवश्यक वस्तुओं की दुकानें छोड़कर सभी बंद रही। व्यापारी साढ़े सात बजे के बाद ही अपनी दुकानें समटने में जुट गए। जब नाइट कर्फ्यू का समय आया तो बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया। केवल जिला अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर खुले रहे। यहां पर लोगों को दवाई लेने की काफी भीड़ जुटी रही।
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डीएम व एसपी ने भी देर रात शहर का भ्रमण कर पाबंदियों का जायजा लिया। शहर की गलियों में कर्फ्यू का बेअसर रहा। रोज की तरह गलियों में आवागमन देर रात तक जारी रहा और पुलिस दूर तलक नजर नहीं आई। सरकार ने जिस जिले में एक्टिव केसों की संख्या 500 और एक दिन में 100 कोरोना मरीज मिले हों वहां नाइट कर्फ्यू लगाने का आदेश दे रखा है।
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रविवार को जिले में 102 नए मरीज मिले थे और एक्टिव केसों की संख्या भी 430 के करीब पहुंच गई थी। इसी को देेखते हुए डीएम विशाल भारद्वाज ने रविवार को जिले के नगरीय इलाकों (नगर पालिका, नगर पंचायत) में नाइट कर्फ्यू लगा दिया था। ये आदेश 11 अप्रैल की रात 9 बजे से 19 अप्रैल की सुबह 6 बजे तक प्रभावी रहेगा।
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रात का कर्फ्यू लगने के बाद अमर उजाला की टीम ने शहर में कर्फ्यू में लगने वाली पाबंदियों को लेकर पड़ताल की तो पहले दिन मिलाजुला असर देखने को मिला। सार्वजनिक स्थलों पर सन्नाटा देखा गया, लेकिन शहर की तमाम गलियों में आम दिनों की तरह चहलपहल थी। लालबाग चौराहे पर शहर कोतवाल टीपी सिंह की सख्ती का असर दिखा तो आंख अस्पताल मार्ग, सिविल लाइंस रोड से लेकर कैप्टन मनोज पांडेय चौक पर जाने वाले रास्ते पर आवागमन रोज की तरह जारी था।
रात 10 बजे शहर के प्रमुख लालबाग चौराहे पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। चौराहे पर पुलिसकर्मी खड़े हुए नजर आए। राहगीरों को रोककर कड़ाई से पूछताछ की। करीब 11 बजे रोडवेज बस स्टॉप पर टीम पहुंची। वहां भी सन्नाटा था। बस स्टॉप पर मुसाफिर बैठे बसों का इंतजार कर रहे थे। जब बस आती तो वह इन पर सवार होते। इक्का दुक्का मुसाफिर ही बस स्टॉप पर दिखाई दिए।
करीब 11:30 बजे शहर कोतवाली इलाके के कैप्टन मनोज पांडेय चौक पर भी सन्नाटा पसरा दिखा। पुलिसकर्मी चौराहे पर खड़े होकर आवागमन पर नजर बनाए थे। रात अधिक और रविवार होने से आस-पड़ोस की सभी दुकानें बंद थी। किसी को बिना अनुमति के आगे नहीं जाने दिया गया। यही हालात शहर के पुराने सीतापुर, रेलवे स्टेशन सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों के रहे।
आठ बजे गिर गए दुकानों के शटर
नाइट कर्फ्य से एक दिन पहले जिलाधिकारी ने रात आठ बजे बाजार में तालाबंदी का फरमान सुनाया था। इसका असर भी रहा। पूरे शहर की आवश्यक वस्तुओं की दुकानें छोड़कर सभी बंद रही। व्यापारी साढ़े सात बजे के बाद ही अपनी दुकानें समटने में जुट गए। जब नाइट कर्फ्यू का समय आया तो बाजार में पूरी तरह से सन्नाटा पसर गया। केवल जिला अस्पताल के सामने मेडिकल स्टोर खुले रहे। यहां पर लोगों को दवाई लेने की काफी भीड़ जुटी रही।