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Sitapur News: जांच अधिकारी और शिकायतकर्ता के बीच हुई नोकझोंक
Mon, 30 Jan 2023 12:27 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Mon, 30 Jan 2023 12:27 AM IST
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पिसावां (सीतापुर)। सोशल मीडिया पर शनिवार को वायरल हुआ वीडियो इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। इसमें जांच करने गए जिला समाज कल्याण अधिकारी और शिकायतकर्ता सहित ग्रामीणों के मध्य नोकझोंक हो रही है। शिकायतकर्ता की ओर से प्रधान के घर जाने का दबाव बनाने का आरोप लगाया जा रहा है। विवाद के कारण मौके की जांच नही हो सकी।
पिसांवा विकास खंड की ग्राम पंचायत माथन के मजरा मिर्जापुर निवासी नीलकुमार ने अक्तूबर 2020 में जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान नसीम की ओर से कराए गये विकास कार्यों में भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति की जांच कराए जाने की मांग की थी। चार महीने के बाद भी जांच नही हुई तो फरवरी 2021 में दोबारा अपील की गई।
मामले में 28 जनवरी को जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार माथन गांव जांच करने पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वे प्रधान के घर जाने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर अधिकारी आग बबूला हो गए और धमकाने लगे। शिकायतकर्ता से आधार और सारे कागजात लेकर वहां से जाने लगे।
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इसके बाद शिकायतकर्ता व ग्रामीणों से अधिकारी की नोकझोंक होने लगी। अधिकारी केस दर्ज कराने की धमकी देते हुए बिना जांच किए कार में बैठकर वापस चले गए। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि शिकायतकर्ता शिकायती पत्र से इतर बिंदुओं पर जांच करने को कह रहे थे। उनसे कहा गया है कि इस संबंध में अलग से शपथ पत्र देना पड़ेगा, तब जांच होगी।
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पिसांवा विकास खंड की ग्राम पंचायत माथन के मजरा मिर्जापुर निवासी नीलकुमार ने अक्तूबर 2020 में जिलाधिकारी को शिकायती प्रार्थना पत्र देकर ग्राम प्रधान नसीम की ओर से कराए गये विकास कार्यों में भ्रष्टाचार व आय से अधिक संपत्ति की जांच कराए जाने की मांग की थी। चार महीने के बाद भी जांच नही हुई तो फरवरी 2021 में दोबारा अपील की गई।
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मामले में 28 जनवरी को जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार माथन गांव जांच करने पहुंचे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि वे प्रधान के घर जाने का दबाव बनाने लगे। मना करने पर अधिकारी आग बबूला हो गए और धमकाने लगे। शिकायतकर्ता से आधार और सारे कागजात लेकर वहां से जाने लगे।
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इसके बाद शिकायतकर्ता व ग्रामीणों से अधिकारी की नोकझोंक होने लगी। अधिकारी केस दर्ज कराने की धमकी देते हुए बिना जांच किए कार में बैठकर वापस चले गए। इस संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी का कहना है कि शिकायतकर्ता शिकायती पत्र से इतर बिंदुओं पर जांच करने को कह रहे थे। उनसे कहा गया है कि इस संबंध में अलग से शपथ पत्र देना पड़ेगा, तब जांच होगी।