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Sitapur News: धनतेरस पर बाजारों में हुई 152 करोड़ की धनवर्षा
Tue, 29 Oct 2024 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
Updated Tue, 29 Oct 2024 11:59 PM IST
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सीतापुर। जिले में धनतेरस का पर्व मंगलवार को परंपरागत तरीके से मनाया गया। इस दौरान खरीदारी करना शुभ माने जाने के कारण शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार खरीदारों से गुलजार रहे। कारोबारियों के अनुसार जमकर हुई खरीदारी से इस बार धनतेरस पर बाजारों में 152 करोड़ की धनवर्षा का अनुमान है।
इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक, सराफा, वाहन, कपड़ा व बर्तन बाजार में रौनक छाई रही। धनतेरस पर हर किसी ने अपने सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी की। धनतेरस के साथ ही पंच दीपोत्सव की शुरुआत भी हो गई। धनतेरस पर दोपहर से शुरू हुई खरीदारी का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। शहर के लालबाग बाजार में दोपहर के समय खरीदारों की भीड़ से पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। सबसे अधिक बिक्री धातुओं से बने बर्तनाें की हुई। चांदी के गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियां व आभूषण भी खूब खरीदे गए। धनतेरस मनाने के लिए लोग अपने घरों में झाडू भी ले गए। कपड़े, गणेश-लक्ष्मी की मिट्टी की मूर्तियां और अलाय बलाय के साथ ही एलईडी, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की भी जमकर बिक्री हुई।
3 हजार से अधिक दो पहिया व 130 चार पहिया वाहन बिके
धनतेरस पर वाहन बाजार भी गुलजार रहा। पहले से एडवांस बुकिंग कराने वालों ने शोरूम पहुंचकर वाहनों की डिलीवरी प्राप्त की। इस दौरान बाजार में 41 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। मारूति शोरूम के जीएम सचिन शुक्ला ने बताया धनतेरस पर 80 गाड़ियों की ब्रिकी हुई है। वहीं, महेन्द्रा शोरूम के जीएम वामिक खान ने बताया शाम छह बजे तक 50 गाड़ियों की बिक्री हुई है। दो पहिया वाहन बाजार में हीरो की बाइकों की रिकॉर्ड बिक्री हुई।
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हीरो ऐजेंसी के मालिक अरुण सिंह ने बताया कि इस बार जिले में तीन हजार हीरो की बाइकें बिकी हैं। एमबी बजाज शोरूम के मालिक आशीष अग्रवाल का कहना है शाम छह बजे तक 60 गाड़ियों की ब्रिकी हुई है। देर रात तक यह आंकड़ा 125 तक पहुंचने की संभावना है।
30 करोड़ का रहा इलेक्ट्रॉनिक बाजार
इलेक्ट्रानिक बाजार में सबसे अधिक लोगों ने मोबाइल खरीदे। बाजार में करीब 30 करोड़ की बिक्री का अनुमान है। व्यापारियों के मुताबिक करीब 1500 मोबाइल शाम पांच बजे तक बिक गए थे। जिसमें अधिकतर लोगों ने 10 हजार से अधिक कीमत वाले मोबाइल खरीदे। इसके अलावा एलईडी लोगों की पहली पसंद बनी रही। कुछ लोगों ने फ्रिज व एसी की भी खरीद की। इस दौरान मिक्सर, प्रेस समेत कई तरह के उपकरण दीपावली पर सजावट के लिए झालरों व कंदील की भी जमकर खरीदारी हुई।
महंगाई में सोने से ज्यादा भायी चांदी
धनतेरस पर सराफा बाजार खूब चमका। हालाकि महंगाई के कारण इस बार सोने से ज्यादा लोगों को चांदी भायी । इस बार लोगों को चांदी भाई। सराफा कारोबारियों की मानें तो आइटम भले कम बिके लेकिन लक्ष्मी पिछले साल की तुलना में ज्यादा बरसी। सराफा बाजार में करीब 52 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। काशीनाथ ज्वैलर्स के मालिक अतुल टंडन बताते हैं कि चांदी की मूर्तियां व चांदी के सिक्के की ब्रिकी अधिक हुई है। दुर्गा ज्वैलर्स के मालिक रंजीत रस्तोगी ने बताया चांदी के डालर, सिक्के, हाथी व कछुवा की बिक्री हुई है।
बर्तन बाजार में 20 करोड़ का कारोबार
बर्तन कारोबार ने भी मंगलवार को धनतेरस पर खूब खनक बिखेरी। इस दौरान करीब 20 करोड़ का कारोबार हुआ। बर्तन विक्रेता राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि चम्मच, कटोरी, थाली, गिलास, सहित विभिन्न प्रकार के आइटम लोगों की पसंद बनते रहे। कोई कटोरी ले रहा था तो कोई स्टील की बाल्टी व टिफिन खरीद रहा था। क्राकरी की दुुकानों पर गैस चूल्हा, कुकर सहित तमाम आइटम लोगों ने खरीदे।
कपड़ा बाजार भी रहा गुलजार
धनतेरस पर कपड़ा बाजार भी गुलजार रहा। खासकर महिलाओं ने इस बाजार की रौनक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने साड़ी, लहंगा चुन्नी, सलवार सूट आदि की खूब खरीदारी की। व्यापारी पप्पू भसीन ने बताया कि लड़कों ने जींस पैंट, शर्ट, टी-शर्ट व कुर्ता पजामा खरीदा। साड़ी विक्रेता पवन सेठ ने बताया महिलाओं ने एक हजार रुपये से लेकर तीन हजार रेंज तक की साड़ी अधिक पसंद की। इस दौरान चार करोड़ के कारोबार का अनुमान है।
धनतेरस पर खरीदारी का शुगन किया जाता है। सोना बहुत महंगा है, इसलिए चांदी के दो सिक्के खरीदे हैं।
- निरंकार गुप्ता
पिछली बार धनतेरस पर अपनी पत्नी के लिए सोने के कंगन खरीदे थे। इस बार महंगाई के कारण चांदी के सिक्के खरीदे हैं।
- अवधेश जयसवाल
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इस दौरान इलेक्ट्रॉनिक, सराफा, वाहन, कपड़ा व बर्तन बाजार में रौनक छाई रही। धनतेरस पर हर किसी ने अपने सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी की। धनतेरस के साथ ही पंच दीपोत्सव की शुरुआत भी हो गई। धनतेरस पर दोपहर से शुरू हुई खरीदारी का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। शहर के लालबाग बाजार में दोपहर के समय खरीदारों की भीड़ से पैर रखने तक की जगह नहीं बची थी। सबसे अधिक बिक्री धातुओं से बने बर्तनाें की हुई। चांदी के गणेश व लक्ष्मी की मूर्तियां व आभूषण भी खूब खरीदे गए। धनतेरस मनाने के लिए लोग अपने घरों में झाडू भी ले गए। कपड़े, गणेश-लक्ष्मी की मिट्टी की मूर्तियां और अलाय बलाय के साथ ही एलईडी, मोबाइल व इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की भी जमकर बिक्री हुई।
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3 हजार से अधिक दो पहिया व 130 चार पहिया वाहन बिके
धनतेरस पर वाहन बाजार भी गुलजार रहा। पहले से एडवांस बुकिंग कराने वालों ने शोरूम पहुंचकर वाहनों की डिलीवरी प्राप्त की। इस दौरान बाजार में 41 करोड़ के कारोबार का अनुमान है। मारूति शोरूम के जीएम सचिन शुक्ला ने बताया धनतेरस पर 80 गाड़ियों की ब्रिकी हुई है। वहीं, महेन्द्रा शोरूम के जीएम वामिक खान ने बताया शाम छह बजे तक 50 गाड़ियों की बिक्री हुई है। दो पहिया वाहन बाजार में हीरो की बाइकों की रिकॉर्ड बिक्री हुई।
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हीरो ऐजेंसी के मालिक अरुण सिंह ने बताया कि इस बार जिले में तीन हजार हीरो की बाइकें बिकी हैं। एमबी बजाज शोरूम के मालिक आशीष अग्रवाल का कहना है शाम छह बजे तक 60 गाड़ियों की ब्रिकी हुई है। देर रात तक यह आंकड़ा 125 तक पहुंचने की संभावना है।
30 करोड़ का रहा इलेक्ट्रॉनिक बाजार
इलेक्ट्रानिक बाजार में सबसे अधिक लोगों ने मोबाइल खरीदे। बाजार में करीब 30 करोड़ की बिक्री का अनुमान है। व्यापारियों के मुताबिक करीब 1500 मोबाइल शाम पांच बजे तक बिक गए थे। जिसमें अधिकतर लोगों ने 10 हजार से अधिक कीमत वाले मोबाइल खरीदे। इसके अलावा एलईडी लोगों की पहली पसंद बनी रही। कुछ लोगों ने फ्रिज व एसी की भी खरीद की। इस दौरान मिक्सर, प्रेस समेत कई तरह के उपकरण दीपावली पर सजावट के लिए झालरों व कंदील की भी जमकर खरीदारी हुई।
महंगाई में सोने से ज्यादा भायी चांदी
धनतेरस पर सराफा बाजार खूब चमका। हालाकि महंगाई के कारण इस बार सोने से ज्यादा लोगों को चांदी भायी । इस बार लोगों को चांदी भाई। सराफा कारोबारियों की मानें तो आइटम भले कम बिके लेकिन लक्ष्मी पिछले साल की तुलना में ज्यादा बरसी। सराफा बाजार में करीब 52 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। काशीनाथ ज्वैलर्स के मालिक अतुल टंडन बताते हैं कि चांदी की मूर्तियां व चांदी के सिक्के की ब्रिकी अधिक हुई है। दुर्गा ज्वैलर्स के मालिक रंजीत रस्तोगी ने बताया चांदी के डालर, सिक्के, हाथी व कछुवा की बिक्री हुई है।
बर्तन बाजार में 20 करोड़ का कारोबार
बर्तन कारोबार ने भी मंगलवार को धनतेरस पर खूब खनक बिखेरी। इस दौरान करीब 20 करोड़ का कारोबार हुआ। बर्तन विक्रेता राजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि चम्मच, कटोरी, थाली, गिलास, सहित विभिन्न प्रकार के आइटम लोगों की पसंद बनते रहे। कोई कटोरी ले रहा था तो कोई स्टील की बाल्टी व टिफिन खरीद रहा था। क्राकरी की दुुकानों पर गैस चूल्हा, कुकर सहित तमाम आइटम लोगों ने खरीदे।
कपड़ा बाजार भी रहा गुलजार
धनतेरस पर कपड़ा बाजार भी गुलजार रहा। खासकर महिलाओं ने इस बाजार की रौनक बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने साड़ी, लहंगा चुन्नी, सलवार सूट आदि की खूब खरीदारी की। व्यापारी पप्पू भसीन ने बताया कि लड़कों ने जींस पैंट, शर्ट, टी-शर्ट व कुर्ता पजामा खरीदा। साड़ी विक्रेता पवन सेठ ने बताया महिलाओं ने एक हजार रुपये से लेकर तीन हजार रेंज तक की साड़ी अधिक पसंद की। इस दौरान चार करोड़ के कारोबार का अनुमान है।
धनतेरस पर खरीदारी का शुगन किया जाता है। सोना बहुत महंगा है, इसलिए चांदी के दो सिक्के खरीदे हैं।
- निरंकार गुप्ता
पिछली बार धनतेरस पर अपनी पत्नी के लिए सोने के कंगन खरीदे थे। इस बार महंगाई के कारण चांदी के सिक्के खरीदे हैं।
- अवधेश जयसवाल