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फर्जी दस्तावेज के साथ तीन को दबोचा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2016 11:37 PM IST
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सीतापुर कोतवाली में पुलिस भर्ती में दूसरों की जगह दौड़ लगाने आए आरोपी व पुलिस।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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11वीं वाहिनी पीएसी प्रांगण में चल रही पुलिस आरक्षी भर्ती प्रक्रिया सवालों के घेरे में है। भर्ती बोर्ड कमेटी ने बुधवार को भी फर्जी दस्तावेजों के सहारे दौड़ में शामिल हुए तीन लोगों को धर दबोचा। जांच के बाद आरोपियों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। ये लोग फैजाबाद, मुजफ्फरनगर व बदायूं के रहने वाले हैं। वहीं मंगलवार को भी दोस्त की जगह भर्ती दौड़ में शामिल होने वाले आगरा के एक युवक को दबोचा था। पुलिस का कहना है कि तहरीर आने पर केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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11वीं वाहिनी पीएसी प्रांगण में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसको लेकर दस्तावेज जांच के बाद दौड़ कराई जा रही है। बुधवार को भी भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। पुलिस भर्ती बोर्ड के सदस्य एक-एक कर अभ्यर्थियों को बुलाकर दस्तावेज जांच रहे थे। इस बीच बदायूं जिले के जरीफनगर के रसूलपुर कलां निवासी दानवीर सिंह पुत्र सल्लू ने अपने दस्तावेज बोर्ड कमेटी को दिखाए।
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जांच में वह फर्जी पाए गए। पुलिस के मुताबिक दानवीर मुरादाबाद जिले के चकपुरनवा निवासी नितिन के दस्तावेज दिखाकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हुआ था। उसे फर्जी दस्तावेज के साथ पकड़ लिया गया। इसी तरह मुजफ्फरनगर के भूरा कलां इलाके के बुढ़ाना गोराखुर्द निवासी देवेंद्र कुमार पुत्र सुरेंद्र ने भी फर्जी कागज लगाकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का प्रयास किया, लेकिन वह पकड़ा गया। उसने धीरेंद्र के दस्तावेज दिखाकर फर्जीवाड़ा किया।
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वहीं फैजाबाद जिले के धीरेंद्र सिंह पुत्र विंद्रा ने भी फर्जी दस्तावेज दिखाकर भर्ती बोर्ड के सदस्यों को चकमा देने का प्रयास किया, लेकिन जांच में वह भी धरा गया। इन आरोपियों को कोतवाली पुलिस के हवाले कर दिया गया है। इंस्पेक्टर विनय गौतम का कहना है कि तहरीर आने पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भर्ती होने में कामयाब तो नहीं हो गया कोई मुन्ना भाई?
करीब 15 दिनों से 11वीं वाहिनी पीएसी में चल रही पुलिस आरक्षी भर्ती प्रक्रिया में दो दिन के भीतर चार युवकों को जालसाजी करते पकड़ा गया है। खास बात यह है कि 19 अप्रैल 2016 से चल रही भर्ती प्रक्रिया में कई जालसाजों के कामयाब हो जाने के भी कयास लगाए जाने लगे हैं। हालांकि जिम्मेदारों का कहना है कि भर्ती प्रक्रिया गहन जांच पड़ताल के बाद ही पूरी की जा रही है। इसी का नतीजा है कि जालसाजी करने वाले पकड़ में आ गए। अभी 20 मई 2016 तक यह भर्ती प्रक्रिया चलेगी।
भर्ती प्रक्रिया में बढ़ा जांच का दायरा
भर्ती बोर्ड के जिम्मेदारों ने भर्ती प्रक्रिया में जांच का दायरा और बढ़ा दिया है। अब गहनता से जांच पड़ताल के बाद भी अभ्यर्थी की प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। एसडीएम सिधौली शेरी ने बताया कि पिछले दो दिन के भीतर चार युवक अवैध तरीके से भर्ती होने के प्रयास में पकड़े गए हैं। यह मामले संज्ञान में आने के बाद जांच पड़ताल में सख्ती बरती जा रही है।