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फार्मेसी डिप्लोमा के नाम पर छात्रों से धोखाधड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 29 Sep 2016 11:08 PM IST
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पुलिस फोर्स।
- फोटो : अमर उजाला
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रेनू-महेश सेवा संस्थान पर डी-फार्मा की डिग्री के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी का आरोप लगा है। कोर्स कराने के नाम पर फर्जीवाड़ा कर युवाओं से फीस के नाम पर मोटी रकम वसूल ली गई। विभिन्न कक्षाओं में दाखिले लेने के बाद भी इनके एग्जॉम नहीं कराए गए।
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छात्रों का आरोप है कि इंस्टीट्यूट के पास कोर्स को चलाने की मान्यता नहीं है। एक पीड़ित छात्र की शिकायत पर रामकोट पुलिस ने संस्थान के चेयरमैन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है। रामकोट में इलसिया ग्रंट के करीब रेनू-महेश सेवा संस्थान है।
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यहां पर जीएनएम, एएनएम, बीएएमएस, डी-फार्मा व डीएमएलटी के कोर्स करवाए जाते हैं। गैर जनपदों के तमाम युवा यहां दाखिला लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। लखीमपुर निवासी फार्मेसी में डिप्लोमा कर रहे अंकित सैनी का आरोप है कि कोर्स के नाम पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
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डी-फार्मा के कोर्स का किसी शिक्षण संस्थान या यूनिवर्सिटी से रजिस्ट्रेशन नहीं है। इसके बाद भी छात्रों के प्रवेश लिए जा रहे हैं। डी-फार्मा में प्रवेश के लिए संस्थान ने 60 हजार से लेकर 90 हजार रुपये तक की रकम प्रवेश के नाम पर वसूल ली, लेकिन फीस स्लिप पर जमा धनराशि अंकित नहीं की जाती है।
छात्रों ने फीस रसीद में गड़बड़ी देख प्रधानाचार्य लवलेश मिश्रा से जानकारी लेनी चाही तो वह बात टाल गए। छात्रों के मुताबिक संस्थान में डी-फार्मा की 60 सीटें बताई जा रही हैं। 2015-16 में अध्ययनरत छात्रों ने वर्ष 2014-15 बैच के छात्रों से पता किया तो सच्चाई सामने आई। इस कोर्स के लिए प्रैक्टिकल का ज्यादा महत्व होने के बावजूद यहां लैब नहीं है।
परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए न किसी यूनिवर्सिटी भेजी गई और न आज तक वर्ष 2014-15 के छात्रों को अंकपत्र दिए गए हैं। इसके बाद 2015-16 में डी-फार्मा में प्रवेश लेने वाले 35 छात्र-छात्राओं ने संस्थान के चेयरमैन डॉ. महेश गुप्ता से शिकायत की। विद्यार्थियों के जोर देने पर उन्होंने रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया चलने की बात स्वीकारी।
छात्रों ने बताया कि यह बात संस्थान के चेयरमैन ने स्टांप पेपर पर लिखकर दी है। छात्र अंकित सैनी ने मामले की जांच व कार्रवाई के लिए रामकोट पुलिस को तहरीर दी। एसओ रामकोट सियाराम वर्मा ने बताया रेनू-महेश सेवा संस्थान के चेयरमैन डॉ. महेश गुप्ता के खिलाफ धारा 420, 506 व 406 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निराधार आरोप
आरोप बेबुनियाद हैं। राजनीतिक साजिश की गई है। विश्वविद्यालय की गाइड लाइन के अनुसार शिक्षण कार्य कराए जाते हैं।
डॉ. महेश गुप्ता, चेयरमैन, रेनू-महेश सेवा संस्थान