फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sitapur News ›   Bank notices for orphan children

अनाथ व नाबालिग बच्चों को बैंक ने थमाया नोटिस

Wed, 04 Oct 2017 11:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 04 Oct 2017 11:24 PM IST
विज्ञापन
Bank notices for orphan children

अमानवीयता की हद पार करते हुए एक बैंक ने पिता की मौत के बाद अनाथ व नाबालिग बच्चों को कर्ज अदायगी का नोटिस थमा दिया। इनके पिता ने बैंक से 25 हजार का कर्ज लिया था। इस बाबतपूछे जाने पर बैंक अधिकारी ने बताया कि उन्हें पता नहीं था कि बच्चे अनाथ हैं। 

विज्ञापन


विकास खंड क्षेत्र के रमद्वारी निवासी राम निवास ने वर्ष 2004 में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक शाखा महमूदाबाद से पच्चीस हजार रुपये कर्ज लिया था। आर्थिक तंगी के चलते राम निवास बैंक से लिए गए कर्ज को चुका नहीं पाया। कर्ज अदा करने से पहले ही उसकी मौत हो गई। उसकी पत्नी का पहले ही निधन हो चुका था।
विज्ञापन


छह बरस पहले राम निवास के निधन से उसके बच्चे अनाथ हो गए, इनमें पुत्र विपिन (11), विमलेश (9) व पुत्री संध्या (7) शामिल हैं। सभी बच्चे गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। मंगलवार को इन बच्चों को डाक से उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक शाखा महमूदाबाद की नोटिस मिली। यह देख नाबालिग बच्चों के पैरों के नीचे से जमीन खिसक गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


नोटिस के जरिए कहा कि वर्ष 2004 में बच्चों के पिता राम निवास ने 25 हजार रुपये का कर्ज लिया था। जिसका ब्याज जोड़कर अब 74 हजार रुपये देय बनता है। जिसमें पांच अक्तूबर को बैंक में उपस्थित होने को कहा गया।। उपस्थित न होने पर आरसी काटने की चेतावनी भी जारी की गई। बच्चे पहले तो इस नोटिस को कुछ समझ नहीं पाए।

इस वजह से बच्चों ने नोटिस गांव के पढ़े लिखे लोगों को दिखाई। तब पता चला कि उनके पिता ने 25 हजार का कर्ज लिया है, उसकी अदायगी का नोटिस आ गया है। यह सुनने के बाद बच्चों के होश उड़ गए। नोटिस मिलने के बाद तीनों बच्चों का रो रोकर बुरा हाल है। वे सबसे कह रहे हैं, कि व इस उम्र में 74 हजार रुपये कहां से लाएंगे, कैसे अपने पिता का कर्ज अदा करेंगे। जहां बच्चे परेशान हैं,वहीं गांव के लोग हैरान हैं, कि आखिर बैंक ने आनाथ  व नाबालिग बच्चों को कर्ज अदायगी का नोटिस कैसे थमा दिया।


बैंक मैनेजर राजेश कुमार वर्मा कहना है कि मुझे यह नहीं पता था कि, राम निवास का निधन हो चुका है। यदि जानकारी होती, तब नोटिस नहीं भेजी जाती। इस समस्या का हल निकाला जाएगा। उधर एसडीएम अतुल प्रकाश श्रीवास्तव  ने बताया बैक की अपनी कार्रवाई होती है। नोटिस नाबालिग व अनाथ बच्चों को कैसे भेजी गई, इस मामले की जांच कराई जाएगी। जल्द ही इस समस्या का समाधान निकाला जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed