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आजीवन कारावास का सजायाफ्ता दबोचा गया
Updated Fri, 26 Jan 2018 01:05 AM IST
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तीन वर्ष से चल रहा था फरार
रामपुर मथुरा (सीतापुर)। थाना पुलिस ने पेरोल लेकर भागे शातिर सजायाफ्ता अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। वह तीन वर्ष से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। वह पेरोल लेकर पंजाब भाग गया था।
थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ क्षेत्र के भगौतीपुर के निकट छापेमारी की। पुलिस ने यहां पर थानगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बलौता निवासी अंबरीश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा मय कारतूस के बरामद किया है।
थानाध्यक्ष ने बताया कि अंबरीश ने गत 2 अगस्त 1995 को राम सागर की दिनदहाड़े धारदार हथियार से अपने कई साथियों के साथ हत्या कर दी थी। इस मामले में गत 15 फरवरी 2005 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अंबरीश मौर्य को साथियों के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
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जेल जाने पर 31 दिसंबर 2015 को अनुकंपा के आधार पर 31 जनवरी 2016 तक पेरोल दी गई थी। वह जेल से बाहर क्या निकला, जिसके बाद लौटकर जेल गया ही नहीं। वह अपनी असली पहचान छुपाते हुए गलत नाम पता से पंजाब के विभिन्न शहरों में व देहात में रह रहा था ।
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रामपुर मथुरा (सीतापुर)। थाना पुलिस ने पेरोल लेकर भागे शातिर सजायाफ्ता अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। वह तीन वर्ष से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का ईनाम घोषित था। वह पेरोल लेकर पंजाब भाग गया था।
थानाध्यक्ष अमित कुमार सिंह ने पुलिस टीम के साथ क्षेत्र के भगौतीपुर के निकट छापेमारी की। पुलिस ने यहां पर थानगांव थाना क्षेत्र के ग्राम बलौता निवासी अंबरीश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा मय कारतूस के बरामद किया है।
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थानाध्यक्ष ने बताया कि अंबरीश ने गत 2 अगस्त 1995 को राम सागर की दिनदहाड़े धारदार हथियार से अपने कई साथियों के साथ हत्या कर दी थी। इस मामले में गत 15 फरवरी 2005 को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अंबरीश मौर्य को साथियों के साथ उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।
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जेल जाने पर 31 दिसंबर 2015 को अनुकंपा के आधार पर 31 जनवरी 2016 तक पेरोल दी गई थी। वह जेल से बाहर क्या निकला, जिसके बाद लौटकर जेल गया ही नहीं। वह अपनी असली पहचान छुपाते हुए गलत नाम पता से पंजाब के विभिन्न शहरों में व देहात में रह रहा था ।