{"_id":"5e063e468ebc3e87ef0a8b6e","slug":"school-siddharthnagar-news-gkp3349455143","type":"story","status":"publish","title_hn":"आम नागरिक भी बदल सकेंगे परिषदीय स्कूलों की सूरत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आम नागरिक भी बदल सकेंगे परिषदीय स्कूलों की सूरत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करना होगा आवेदन, डीएम की निगरानी में गठित तीन सदस्यीय टीम लेगी निर्णय
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। विद्यालयों की सूरत बदलने और उसे मॉडल बनाने में कोई भी आम नागरिक सहयोग कर सकेगा। इसके लिए उसे कोई भी प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक गोद लेना होगा। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी की पहल पर शासन ने यह निर्णय लिया है।
सूबे में योगी सरकार के बनने के बाद सरकारी विद्यालयों की स्थिति को सुधारी जा रही है। सरकार की पहल पर सांसद और विधायक द्वारा गोद लेने की योजना शुरू हुई। इसके तहत उन्हें विद्यालयों का रंग-रोगन के साथ-साथ अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गईं। मिशन कायाकल्प योजना के तहत ग्राम पंचायत के 14वें वित्त आयोग की धनराशि से प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों की स्थिति सुधरने का काम हो रहा है।
योजना से जिले के जर्जर हो चुके विद्यालयों की दशा भी बदली गई। लेकिन इस बीच बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी की पहल पर आम लोगों से भी सहयोग मांगा गया है। इसके तहत अगर कोई भी आम नागरिक विद्यालयों में सहयोग या फिर गोद लेना चाहेगा तो उसे दिया जाएगा। ऐसे लोगों में फर्म, कंपनी के मालिक, स्वयंसेवी संस्थाएं, एनजीओ व आम नागरिक भी हो सकते हैं। ये लोग अपने क्षेत्र के किसी भी विद्यालय को गोद ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें बीएसए कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके बाद डीएम की निगरानी में गठित तीन सदस्यीय टीम आवेदन करने वाले व्यक्ति को विद्यालय गोद देगी। इसके बाद वह अपने तरीके से विद्यालयों को विकसित कर सकेंगे। इस क्रम सर्वप्रथम उन्हें विद्यालय प्रबंध समिति में शामिल किया जाएगा। बीएसए डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि कुछ विद्यालयों को स्वयं सेवी संस्थानों ने गोद लिया है। बाउंड्री सहित अन्य कार्यों को ये संस्थाएं चला रही हैं। मॉडल क्लॉस भी इनके द्वारा चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विद्यालय के जीर्णोद्धार में होगा यह काम
विद्यालय को गोद लेने वाला व्यक्ति विद्यालय का मरम्मत, रंग-रोगन, बाउंड्रीवाल, चहरदीवारी, शौचालय, हैंडपंप, आने-जाने वाले रास्ते को सीसी रोड बना सकेंगे। इसके अलावा विद्यालय में प्रोजेक्टर के माध्यम से स्मार्ट क्लॉस और कंप्यूटर क्लॉस चला सकेंगे। जिससे शिक्षा का माहौल बेहतर हो।
जिले में हैं 2700 से अधिक विद्यालय
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में लगभग 2700 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें मिशन कायाकल्प योजना के तहत ग्राम पंचायतें 400 से अधिक विद्यालयों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा चुका है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। विद्यालयों की सूरत बदलने और उसे मॉडल बनाने में कोई भी आम नागरिक सहयोग कर सकेगा। इसके लिए उसे कोई भी प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक गोद लेना होगा। बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सतीश द्विवेदी की पहल पर शासन ने यह निर्णय लिया है।
सूबे में योगी सरकार के बनने के बाद सरकारी विद्यालयों की स्थिति को सुधारी जा रही है। सरकार की पहल पर सांसद और विधायक द्वारा गोद लेने की योजना शुरू हुई। इसके तहत उन्हें विद्यालयों का रंग-रोगन के साथ-साथ अन्य सुविधाएं मुहैया कराई गईं। मिशन कायाकल्प योजना के तहत ग्राम पंचायत के 14वें वित्त आयोग की धनराशि से प्राथमिकता के आधार पर विद्यालयों की स्थिति सुधरने का काम हो रहा है।
विज्ञापन
योजना से जिले के जर्जर हो चुके विद्यालयों की दशा भी बदली गई। लेकिन इस बीच बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री डॉ सतीश द्विवेदी की पहल पर आम लोगों से भी सहयोग मांगा गया है। इसके तहत अगर कोई भी आम नागरिक विद्यालयों में सहयोग या फिर गोद लेना चाहेगा तो उसे दिया जाएगा। ऐसे लोगों में फर्म, कंपनी के मालिक, स्वयंसेवी संस्थाएं, एनजीओ व आम नागरिक भी हो सकते हैं। ये लोग अपने क्षेत्र के किसी भी विद्यालय को गोद ले सकते हैं। इसके लिए उन्हें बीएसए कार्यालय में आवेदन करना होगा। इसके बाद डीएम की निगरानी में गठित तीन सदस्यीय टीम आवेदन करने वाले व्यक्ति को विद्यालय गोद देगी। इसके बाद वह अपने तरीके से विद्यालयों को विकसित कर सकेंगे। इस क्रम सर्वप्रथम उन्हें विद्यालय प्रबंध समिति में शामिल किया जाएगा। बीएसए डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि कुछ विद्यालयों को स्वयं सेवी संस्थानों ने गोद लिया है। बाउंड्री सहित अन्य कार्यों को ये संस्थाएं चला रही हैं। मॉडल क्लॉस भी इनके द्वारा चलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विद्यालय के जीर्णोद्धार में होगा यह काम
विद्यालय को गोद लेने वाला व्यक्ति विद्यालय का मरम्मत, रंग-रोगन, बाउंड्रीवाल, चहरदीवारी, शौचालय, हैंडपंप, आने-जाने वाले रास्ते को सीसी रोड बना सकेंगे। इसके अलावा विद्यालय में प्रोजेक्टर के माध्यम से स्मार्ट क्लॉस और कंप्यूटर क्लॉस चला सकेंगे। जिससे शिक्षा का माहौल बेहतर हो।
जिले में हैं 2700 से अधिक विद्यालय
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में लगभग 2700 प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसमें मिशन कायाकल्प योजना के तहत ग्राम पंचायतें 400 से अधिक विद्यालयों को मॉडल के रूप में विकसित किया जा चुका है।