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Siddharthnagar News: उपकरणों का संकट छटे तो तेज हो फिजियोथेरेपी उपचार

Mon, 16 Sep 2024 12:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर Updated Mon, 16 Sep 2024 12:26 AM IST
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Physiotherapy treatment should be faster if the equipment crisis is resolved.

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हड्डी से संबंधित प्रतिदिन आते हैं 200 से अधिक मरीज
फिजियोथेरेपिस्ट के पास भी प्रतिदिन पहुंचते हैं 25 से 30 मरीज

संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। बदलती दिनचर्या में कामकाज के तौर तरीकों से अस्वस्थ हो रहे जीवन में फिजिकलथेरेपी की जरूरत बढ़ गई है, लेकिन माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज में रोगियों के लिए फिजियोथेरेपी की समुचित सुविधाएं नहीं हैं। मेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपिस्ट तो है, लेकिन उपचार के लिए उपकरण नहीं हैं। ऐसे में जरूरतमंद रोगियों को आधुनिक उपकरणों की फिजियोथेरेपी सुविधा नहीं मिल पा रही है। फिजियोथेरेपिस्ट मरीजों को एक्सरसाइज की टिप्स बता कर ही उपचार करते हैं। चिकित्सालय में प्रतिदिन 25-30 रोगी फिजियोथेरेपी के लिए आते हैं।



मेडिकल कॉलेज में फिजियोथेरेपिस्ट नियुक्त होने से फ्रैक्चर, सर्वाइकल, सर्जरी, चोट, जन्मजात विकृति व अन्य रोगियों को मशीनों से फिजियोथेरेपी मिलने की उम्मीद थी। लेकिन फिजियोथेरेपिस्ट के आने के दो साल बाद भी मशीन और उपकरण उपलब्ध नहीं हुए हैं। न ही आउट डोर में सही तरीके से फिजियोथेरेपी यूनिट स्थापित हो सकी है।
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अस्थिरोग विभाग मेंं आने वाले रोगियों में से करीब 70 प्रतिशत को नियमित फिजियोथेरेपी का परामर्श दिया जाता है। एक रोगी को 8-10 दिन तक की थेरेपी लेने की जरूरत होती है। मेडिकल कॉलेज में संसाधन नहीं होने से रोगियों को एक्सरसाइज टिप्स समझाकर घर पर दोहराने की सलाह दी जाती है। ऐसे मशीनरी उपकरणों से फिजियोथेरेपी के आवश्यकता वाले रोगियों को महंगी फीस चुका कर निजी फिजियोथेरेपी क्लिनिकों पर जाना पड़ता है।
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फिजियोथेरेपी की बने अलग यूनिट

चिकित्सालय में हड्डी फ्रैक्चर रोगियों की संख्या अधिक होने से फिजियोथेरेपी के लिए अलग यूनिट की जरूरत है।इससे एक साथ कई रोगियों के विभिन्न उपकरणों और एक्सरसाइज टिप्स फिजियोथेरेपी दी जा सकेगी। फिजियोथेरेपी के लिए अल्ट्रासाउंड थेरेपी मशीन, टेंस और आईएफटी मशीन, हाइड्रोकोलेट्रल (गर्म सेंक) यूनिट, फिंगर लेडर, वाइव्रेटर थ्राइव, वेट कफस, मेडिसिन वॉल, पुली, शोल्डर व्हील, फिंगर ग्रिपर, स्टेपर, स्टेटिक साइकिल, थेरावैण्ड, वॉकर, बास्केटबॉल, छह फुटा शीशा, रिफलैक्स हैमर, गोनियोमीटर, फॉम रोल व घुटनों के गेटर आदि की जरूरत है।
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फिजियोथेरेपी का उपकरण नहीं है। इन्हेंं खरीदने के लिए कोई प्रस्ताव भी नहीं आया है। फिजियोथेरेपी में उपयोग होने वाली सभी उपकरण जल्द ही खरीदे जाएंगे ताकि मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर मिल सके।


-प्रो. राजेश मोहन, प्राचार्य मेडिकल
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पांच माह पहले ही मेरी नियुक्ति हुई है। तीन माह पहले उपकरण खरीदने के लिए पत्राचार किया गया है। मरीजों को एक्सरसाइज की टिप्स बताए जाते हैं। समुचित संसाधनों की उपलब्धता हो तो फिजियोथेरेपी ज्यादा उपयोगी साबित होगी।

-विजय कुमार, फिजियोथेरेपिस्ट
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