फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Siddharthnagar News ›   people became alert in corruption matters

भ्रष्टाचार के खिलाफ लोग हुए जागरूक

Tue, 13 Oct 2020 10:18 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2020 10:18 PM IST
विज्ञापन
people became alert in corruption matters
भ्रष्टाचार के खिलाफ लोग हुए जागरूक
विज्ञापन

रिश्वत लेते हुए वीडियो बनाकर शेयर कर रहे, एक माह में चार मामले वायरल
राजस्व विभाग के कर्मियों पर अभी तक कार्रवाई नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोगों की जागरूकता बढ़ रही है। यही कारण है कि माह भर में रिश्वत लेने के चार मामले वायरल किए गए हैं।
रिश्वत लेने का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस कर्मियों को तो निलंबित किया जा चुका है। मगर राजस्व से जुड़े कर्मी अब भी कार्रवाई की जद से बाहर हैं। यह हाल तब है जब सूबे की योगी के सरकार भ्रष्टाचार मुक्त फामूर्ले पर काम करने के निर्देश दे रही है। लेकिन रिश्वत लेने वालों में सरकार का कितना खौफ है, इसे ये मामले तस्दीक कर रहे हैं।
सितंबर माह में एक कोतवाली के तत्कालीन कोतवाल का रिश्वत की बात के संबंध में आडियो और उसी थाने के सिपाही का सोशल मीडिया पर रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ। मामला संज्ञान में आने के बाद एसपी ने उसे निलंबित कर दिया। जांच अभी जारी है। उधर, एक थाने में तैनात दरोगा का रिश्वत लेते हुए वीडियो सामने आया। वायरल वीडियो में वह रुपये गिनते हुए दिख रहा है। मामला सामने आया तो एसपी ने दरोगा को निलंबित करते हुए सीओ शोहरतगढ़ मामले की जांच सौंपी दी है। मामले की जांच अभी चल रही है। अक्तूबर माह में बीते सप्ताह उपजिलाधिकारी कोर्ट में कार्यरत एक लिपिक का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हुआ। इसमें लिपिक द्वारा रुपये देने वाले से और रुपये की मांग करता हुआ देखा गया। रुपये किसलिए और किसने दिया। इसके बारे में जानकारी नहीं हो पाई है। कार्रवाई के नाम पर लिपिक को दूसरे कार्यालय में भेज दिया गया। चार दिन पूर्व एक तहसील में कार्यरत एक लेखपाल का सोशल मीडिया पर रिश्वत लेने का वीडियो वायरल हुआ। वीडियो में देखा जा रहा है कि पैर पर एक रजिस्टर लिए हुए है। इसके बाद किसी ने रुपये दिया, जिससे वह हंसते हुए रुपये देने वाले को कुछ बोल रहा है। इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। मामले की जांच जारी है।
विज्ञापन

‘हो रही है जांच, की जाएगी कार्रवाई’
डीएम दीपक मीणा ने बताया कि कोर्ट के लिपिक को संयुक्त कार्यालय से संबंध कर दिया गया है और विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं, लेखपाल के मामले में एसडीएम सदर को जांच सौंपी गई है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

‘कार्रवाई में शिथिलता से बढ़ रहा भ्रष्टाचार’
वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि भ्रष्टाचार के मामले बढ़ने के पीछे जिम्मेदारों द्वारा कार्रवाई न किया जाना है। सोशल मीडिया पर रिश्वत लेते हुए वीडियो देखा गया। उसके बावजूद कार्रवाई में देरी होना मनोबल को बढ़ाने जैसा है। इस मामले में प्रशासन को खुद वादी बनकर भ्रष्टाचार का केस दर्ज कराना चाहिए। इसमें सात वर्ष से आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed