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Siddharthnagar News: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और ईडीआईआई के बीच करार, स्टार्टअप और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
Thu, 03 Sep 2026 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Thu, 03 Sep 2026 11:58 PM IST
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उद्यमिता एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सिद्धार्थ विश्वविद्यालय और भारतीय उद्यमिता विकास संस्
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- उद्यमिता शिक्षा, इनक्यूबेशन, संकाय विकास और संयुक्त शोध में दोनों संस्थान करेंगे सहयोग
- विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के साथ नवाचारी विचारों को उद्यम में बदलने का मिलेगा अवसर
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद के बीच उद्यमिता शिक्षा, स्टार्टअप विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बृहस्पतिवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को स्टार्टअप और इनक्यूबेशन के साथ ही विशेषज्ञ मार्गदर्शन व प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे।
अहमदाबाद में हुए कार्यक्रम में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकायाध्यक्ष और आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सौरभ और ईडीआईआई के उद्यमिता शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. सत्य आर आचार्य ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह और ईडीआईआई के महानिदेशक प्रो. सुनील शुक्ला हाइब्रिड माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करना नहीं बल्कि उनमें रचनात्मक सोच, नवाचार, उद्यमशीलता और नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी है। ईडीआईआई के साथ सहयोग से विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को व्यावहारिक और टिकाऊ उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा।
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ईडीआईआई के महानिदेशक प्रो. सुनील शुक्ला ने कहा कि युवाओं में उद्यमशील संस्कृति विकसित करने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह साझेदारी विद्यार्थियों को उद्यमिता शिक्षा, मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन सहयोग और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
एमओयू के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर उद्यमिता से जुड़े पाठ्यक्रमों को मजबूत किया जाएगा। स्टार्टअप और इनक्यूबेशन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ संकाय विकास कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। दोनों संस्थान संयुक्त शोध, कार्यशालाएं, सम्मेलन, प्रदर्शनियां, शैक्षणिक कार्यक्रम और सहयोगात्मक प्रकाशन भी करेंगे।
प्रो. सौरभ ने कहा कि समझौते से विद्यार्थियों को अपने नवाचारी विचार विकसित कर उन्हें व्यावहारिक उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा। साथ ही संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान से विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता को भी नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर ईडीआईआई की ओर से प्रो. अमित कुमार द्विवेदी और डॉ. समीर जैन और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. नीता यादव, प्रो. जितेंद्र सिंह, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव और दीनानाथ यादव मौजूद रहे। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने यह जानकारी दी।
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- विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन और प्रशिक्षण के साथ नवाचारी विचारों को उद्यम में बदलने का मिलेगा अवसर
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थ विश्वविद्यालय, कपिलवस्तु और भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (ईडीआईआई), अहमदाबाद के बीच उद्यमिता शिक्षा, स्टार्टअप विकास और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए बृहस्पतिवार को समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते से विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को स्टार्टअप और इनक्यूबेशन के साथ ही विशेषज्ञ मार्गदर्शन व प्रशिक्षण के नए अवसर मिलेंगे।
अहमदाबाद में हुए कार्यक्रम में सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकायाध्यक्ष और आईक्यूएसी निदेशक प्रो. सौरभ और ईडीआईआई के उद्यमिता शिक्षा विभाग के निदेशक प्रो. सत्य आर आचार्य ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कविता शाह और ईडीआईआई के महानिदेशक प्रो. सुनील शुक्ला हाइब्रिड माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।
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कुलपति प्रो. कविता शाह ने कहा कि उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करना नहीं बल्कि उनमें रचनात्मक सोच, नवाचार, उद्यमशीलता और नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी है। ईडीआईआई के साथ सहयोग से विद्यार्थियों को अपने नए विचारों को व्यावहारिक और टिकाऊ उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा।
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ईडीआईआई के महानिदेशक प्रो. सुनील शुक्ला ने कहा कि युवाओं में उद्यमशील संस्कृति विकसित करने में विश्वविद्यालयों की महत्वपूर्ण भूमिका है। यह साझेदारी विद्यार्थियों को उद्यमिता शिक्षा, मार्गदर्शन, इनक्यूबेशन सहयोग और व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
एमओयू के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर उद्यमिता से जुड़े पाठ्यक्रमों को मजबूत किया जाएगा। स्टार्टअप और इनक्यूबेशन गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ संकाय विकास कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। दोनों संस्थान संयुक्त शोध, कार्यशालाएं, सम्मेलन, प्रदर्शनियां, शैक्षणिक कार्यक्रम और सहयोगात्मक प्रकाशन भी करेंगे।
प्रो. सौरभ ने कहा कि समझौते से विद्यार्थियों को अपने नवाचारी विचार विकसित कर उन्हें व्यावहारिक उद्यम में बदलने का अवसर मिलेगा। साथ ही संयुक्त शोध और शैक्षणिक आदान-प्रदान से विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता को भी नई दिशा मिलेगी।
इस अवसर पर ईडीआईआई की ओर से प्रो. अमित कुमार द्विवेदी और डॉ. समीर जैन और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय की ओर से प्रो. नीता यादव, प्रो. जितेंद्र सिंह, डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव और दीनानाथ यादव मौजूद रहे। सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी डॉ. अविनाश प्रताप सिंह ने यह जानकारी दी।