{"_id":"64b82b542e1f8d679c08b776","slug":"hospital-was-running-without-registration-case-against-dr-shabnam-yahiya-siddharthnagar-news-c-227-1-sgkp1032-1702-2023-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Siddharthnagar News: बिना पंजीयन के चल रहा था अस्पताल, डॉ. शबनम यहिया पर केस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Siddharthnagar News: बिना पंजीयन के चल रहा था अस्पताल, डॉ. शबनम यहिया पर केस
Wed, 19 Jul 2023 11:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
Updated Wed, 19 Jul 2023 11:58 PM IST
विज्ञापन
सिद्धार्थनगर। इटवा कस्बे के डॉ. शबनम यहिया के जिस अस्पताल में मंगलवार रात इलाज के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हुई है, वह अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। मौत के बाद अस्पताल के मानकों पर सवाल उठे। स्वास्थ्य विभाग ने रिकॉर्ड खंगाले तो इस अस्पताल का पंजीयन ही नहीं था।
इटवा पुलिस ने मंगलवार सुबह इलाज में लापरवाही की आरोपी डॉ. शबनम यहिया के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया। मृतका के ससुर सत्यप्रकाश दुबे ने तहरीर देकर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका आरोप है कि गंभीर मरीज को दाई के भरोसे छोड़ने के कारण जच्चा-बच्चा की मौत हुई, जबकि बेहतर इलाज की उम्मीद में उन्होंने अपनी बहू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
आरोप लगाया कि गंभीर मरीज को भर्ती करने के बाद डाॅ. शबनम यहिया कहीं चली गईं, जब वह वापस आईं तो रक्तस्राव के कारण मरीज की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। डिप्टी सीएमओ डॉ एमएम त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार रात जब वे पहुंचें तो वहां शबनम यहिया नहीं मिलीं। दूसरे लोगों ने बताया कि उनके पास बीयूएमएस की डिग्री है।
विज्ञापन
वहां मौजूद कुनगाई निवासी सत्य प्रकाश दूबे ने बताया कि दोपहर 1:30 बजे उन्होंने अपनी पुत्रवधू सुषमा दूबे (24) को डाॅ. शबनम यहिया के यहां भर्ती कराया। डाॅ. शबनम यहिया ने सुषमा दूबे का अल्ट्रासाउंड व खून की जांच कराई। सब कुछ सामान्य था। इसके बाद वह बेवा चौराहा चली गई। 4:52 पर सुषमा दूबे को मृत बच्चा पैदा हुआ। 5:30 पर डाॅ. शबनम यहिया आईं और लेबर रूम में चली गईं। जहां रक्तस्राव के चलते जच्चा में खून की कमी पाकर उन्होंने सत्य प्रकाश दूबे से खून के लिए एक अन्य अस्पताल पर ले जाने की सलाह दी। सत्य प्रकाश दूबे के अनुसार तब तक बहुत देर हो चुकी थी, जच्चा की सांसें रुक गईं थीं। परंतु उसके बाद मरीज को ले जाने के लिए अस्पताल की तरफ से दबाव बनाया जा रहा था। एसओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि मृतका के श्वसुर सत्य प्रकाश दूबे की तहरीर पर गैर इरादतन हत्या (304ए) का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है ।
इटवा कस्बे स्थित डाॅ. शबनम यहिया के अस्पताल का पंजीयन नहीं है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। अस्पताल के मानकों की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बीके अग्रवाल, सीएमओ
विज्ञापन
इटवा पुलिस ने मंगलवार सुबह इलाज में लापरवाही की आरोपी डॉ. शबनम यहिया के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया। मृतका के ससुर सत्यप्रकाश दुबे ने तहरीर देकर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था। उनका आरोप है कि गंभीर मरीज को दाई के भरोसे छोड़ने के कारण जच्चा-बच्चा की मौत हुई, जबकि बेहतर इलाज की उम्मीद में उन्होंने अपनी बहू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
विज्ञापन
आरोप लगाया कि गंभीर मरीज को भर्ती करने के बाद डाॅ. शबनम यहिया कहीं चली गईं, जब वह वापस आईं तो रक्तस्राव के कारण मरीज की तबीयत ज्यादा खराब हो गई थी। डिप्टी सीएमओ डॉ एमएम त्रिपाठी ने बताया कि मंगलवार रात जब वे पहुंचें तो वहां शबनम यहिया नहीं मिलीं। दूसरे लोगों ने बताया कि उनके पास बीयूएमएस की डिग्री है।
विज्ञापन
वहां मौजूद कुनगाई निवासी सत्य प्रकाश दूबे ने बताया कि दोपहर 1:30 बजे उन्होंने अपनी पुत्रवधू सुषमा दूबे (24) को डाॅ. शबनम यहिया के यहां भर्ती कराया। डाॅ. शबनम यहिया ने सुषमा दूबे का अल्ट्रासाउंड व खून की जांच कराई। सब कुछ सामान्य था। इसके बाद वह बेवा चौराहा चली गई। 4:52 पर सुषमा दूबे को मृत बच्चा पैदा हुआ। 5:30 पर डाॅ. शबनम यहिया आईं और लेबर रूम में चली गईं। जहां रक्तस्राव के चलते जच्चा में खून की कमी पाकर उन्होंने सत्य प्रकाश दूबे से खून के लिए एक अन्य अस्पताल पर ले जाने की सलाह दी। सत्य प्रकाश दूबे के अनुसार तब तक बहुत देर हो चुकी थी, जच्चा की सांसें रुक गईं थीं। परंतु उसके बाद मरीज को ले जाने के लिए अस्पताल की तरफ से दबाव बनाया जा रहा था। एसओ विजय बहादुर सिंह ने बताया कि मृतका के श्वसुर सत्य प्रकाश दूबे की तहरीर पर गैर इरादतन हत्या (304ए) का मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है ।
इटवा कस्बे स्थित डाॅ. शबनम यहिया के अस्पताल का पंजीयन नहीं है। तहरीर के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। अस्पताल के मानकों की जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. बीके अग्रवाल, सीएमओ