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मुआवजे के लिए सड़क पर किसानों दिया धरना
siddharthnagar
Updated Sun, 22 Jul 2018 11:37 PM IST
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शोहरतगढ़-खुनुवा मार्ग पर धरना देते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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शोहरतगढ़। मुआवजे के लिए प्रधान संघ ब्लॉक उपाध्यक्ष युवा समाजसेवी अभय प्रताप सिंह की अगुवाई में दर्जनों पीड़ित किसानों ने रविवार को शोहरतगढ़-खुनुवां बाईपास मार्ग को जाम कर धरना प्रदर्शन किया। सड़क पर धरना से पांच घंटे आवागमन बाधित रहा।
अभय प्रताप सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी बस्ती द्वारा वर्ष 1978-79 में बाईपास रोड को बनाया गया। जिम्मेदारों द्वारा किसानों को गुमराह कर सड़क बना लिया गया। पीडब्ल्यूडी ने किसानों के जमीन की बिना रजिस्ट्री कराए और मुआवजा दिए बगैर ही सड़क दी थी। नीबी दोहनी प्रधान कलावती देवी, मदनमोहन पांडेय, मुकुंद मोहन पांडेय, दिनेश पांडेय, सहदेव गुप्ता, वासुदेव, रामचंद्र, गडा़कुल गांव के रामचंद्र चौधरी, प्रधान श्याम सुंदर चौधरी, राधेश्याम, राकेश, शिव प्रसाद अग्रवाल, बालमुकुंद, मुन्नीए सीताराम, महदेवा नानकार गांव के संतराम, कल्पनाथ, उदयराज, प्रभावती, विक्रम, विंद्र प्रसाद, राजकुमार, अब्दुल अजीज आदि सहित कुल 250 किसानों की जमीन सड़क में चली गई लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया।
30 जून 2014 को आयुक्त बस्ती, राज्यपाल, सीएम व प्रधानमंत्री को लिखित पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ित किसान ने कहा कि चार अप्रैल 2017 को पुन: सीएम व डिप्टी सीएम को पत्र भेजकर समस्या समाधान की मांग की थी। इस पर डिप्टी सीएम ने डीएम को सार्थक परिणाम दिला कर अवगत कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी हम लोगों को आज तक मुआवजा नहीं मिला।
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किसानों ने कहा कि जब तक हम लोगों को अपने जमीन का मुआवजा नहीं मिलता है तब तक सड़क पर चौड़ीकरण व उच्चीकरण का काम नहीं होने दिया जाएगा। सुबह करीब छह बजे से चल रहे धरना में पांच घंटे बाद पहुंचे तहसीलदार अरविंद कुमार ने पीड़ित किसानों को समझाया बुझाया और लिखित आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। पूर्व प्रधान राममिलन चौधरी, प्रधान श्याम सुंदर चौधरी आदि मौजूद रहे।
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अभय प्रताप सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी बस्ती द्वारा वर्ष 1978-79 में बाईपास रोड को बनाया गया। जिम्मेदारों द्वारा किसानों को गुमराह कर सड़क बना लिया गया। पीडब्ल्यूडी ने किसानों के जमीन की बिना रजिस्ट्री कराए और मुआवजा दिए बगैर ही सड़क दी थी। नीबी दोहनी प्रधान कलावती देवी, मदनमोहन पांडेय, मुकुंद मोहन पांडेय, दिनेश पांडेय, सहदेव गुप्ता, वासुदेव, रामचंद्र, गडा़कुल गांव के रामचंद्र चौधरी, प्रधान श्याम सुंदर चौधरी, राधेश्याम, राकेश, शिव प्रसाद अग्रवाल, बालमुकुंद, मुन्नीए सीताराम, महदेवा नानकार गांव के संतराम, कल्पनाथ, उदयराज, प्रभावती, विक्रम, विंद्र प्रसाद, राजकुमार, अब्दुल अजीज आदि सहित कुल 250 किसानों की जमीन सड़क में चली गई लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया।
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30 जून 2014 को आयुक्त बस्ती, राज्यपाल, सीएम व प्रधानमंत्री को लिखित पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़ित किसान ने कहा कि चार अप्रैल 2017 को पुन: सीएम व डिप्टी सीएम को पत्र भेजकर समस्या समाधान की मांग की थी। इस पर डिप्टी सीएम ने डीएम को सार्थक परिणाम दिला कर अवगत कराने का निर्देश दिया था। इसके बाद भी हम लोगों को आज तक मुआवजा नहीं मिला।
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किसानों ने कहा कि जब तक हम लोगों को अपने जमीन का मुआवजा नहीं मिलता है तब तक सड़क पर चौड़ीकरण व उच्चीकरण का काम नहीं होने दिया जाएगा। सुबह करीब छह बजे से चल रहे धरना में पांच घंटे बाद पहुंचे तहसीलदार अरविंद कुमार ने पीड़ित किसानों को समझाया बुझाया और लिखित आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। पूर्व प्रधान राममिलन चौधरी, प्रधान श्याम सुंदर चौधरी आदि मौजूद रहे।