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आतंकी कनेक्शन: अब अफगान युवाओं को भारत में भारत में दहशत फैलाने का टास्क, शामली से फिर जुड़ा नेटवर्क

Mon, 10 Nov 2025 05:05 PM IST
डिंपल सिरोही महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली Published by: डिंपल सिरोही Updated Mon, 10 Nov 2025 05:05 PM IST
सार

अहमदाबाद एटीएस की पूछताछ में सामने आया है कि पाकिस्तान के आतंकी अब अफगान युवाओं को भारत में दहशत फैलाने के लिए तैयार कर रहे हैं। इस नेटवर्क में शामली निवासी आज़ाद सहित कई लोग संपर्क में थे। जांच एजेंसियां पूरी मॉड्यूल की पहचान में जुटी हैं।

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Terror Network Using Afghan Youth to Spread Radical Activity in India; Shamli Link Exposed
आजाद शेख का फाइल फोटो, व उसका मकान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अहमदाबाद एटीएस की पूछताछ में झिंझाना के आजाद और अन्य आरोपियों ने ऐसा खुलासा किया है, जिसने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पूछताछ में सामने आया कि पाकिस्तान के आतंकी अब अफगानिस्तान के युवाओं को अपने साथ जोड़कर भारत में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रच रहे हैं।

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इस नेटवर्क के संपर्क में रहने वाला झिंझाना का आजाद एक बार फिर शामली जिले को शर्मसार कर गया। एटीएस अहमदाबाद के डीएसपी हर्ष कुमार के मुताबिक आजाद और सुहैल, गिरफ्तार अहमद मोहियुद्दीन  के संपर्क में पिछले एक वर्ष से थे। दोनों को अहमद के माध्यम से कई बार नकद रकम भी दी गई। यह पूरा नेटवर्क व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम पर सक्रिय था। 
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जांच में पता चला कि अफगानिस्तान का वांछित आतंकी अबू खदीजा पाकिस्तान के आतंकियों से मिलने वाले निर्देश इन्हीं के माध्यम से भारत में पहुंचा रहा था। अहमदाबाद में तीनों की मुलाकात तय थी, जहां आगे की योजना पर काम होना था। एटीएस को मिले मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया चैट ने नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की दिशा में महत्वपूर्ण सुराग दिए हैं।

शामली एसपी एनपी सिंह ने बताया कि आजाद के संपर्क में रहने वाले अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। प्राथमिक जांच में यह साफ है कि पाकिस्तान के आतंकियों ने अफगान युवाओं को मोहरा बनाकर उन्हें भारत में भर्ती करने का काम शुरू कर दिया है।  
 

Terror Network Using Afghan Youth to Spread Radical Activity in India; Shamli Link Exposed
आजाद शेख - फोटो : अमर उजाला
टेलीग्राम और सोशल मीडिया के जरिए अफगानी अबू खदीजा से मिलता था निर्देश,अमीर बनने के लालच में फंस गया आजाद
एटीएस के अनुसार आजाद सिलाई का काम करता था, लेकिन पिछले तीन महीनों से उसने काम छोड़ रखा था। इसी दौरान वह लगातार अहमद सहित संदिग्धों के संपर्क में आ गया। जल्दी अमीर बनने की चाहत में वह आतंकी जाल में फंसता चला गया। एटीएस की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं उसे कश्मीर या किसी अन्य स्थान पर हथियार चलाने की ट्रेनिंग तो नहीं दी गई थी।

चंद पैसों के लालच में जिले पर लग रहा दाग
शामली में यह कोई पहला मामला नहीं है ।  इससे पहले भी जिले के युवा नोमान, दिलशाद और इकबाल जैसे नाम सामने आ चुके हैं, जिन्हें आईएसआई एजेंट और अन्य संदिग्ध विदेशी गिरोह थोड़े पैसे और बड़े सपने दिखाकर अपने साथ जोड़ते रहे। एटीएस और एसटीएफ अब इस पूरे मॉड्यूल की जड़ों तक पहुंचने में जुटी हैं।

 

Terror Network Using Afghan Youth to Spread Radical Activity in India; Shamli Link Exposed
आजाद शेख का मकान - फोटो : अमर उजाला
2025 में नोमान इलाही को किया था गिरफ्तार 
कैराना। कश्मीर के पहलगांव में आतंकवादियों के हमले में सैलानियों की मौत के बाद भारत में पाकिस्तान के विरुद्ध ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में पानीपत की सीआईए फर्स्ट ने कैराना के बाजार बेगमपुर निवासी नोमान इलाही को गिरफ्तार किया था। नोमान इलाई पर आरोप था कि वह पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंट इकबाल काना के संपर्क में रहकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करता था। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पठानकोट और कश्मीर में भारतीय सेना की मूवमेंट पाकिस्तान को भेजता था। सीआईए तीन बार नोमान इलाही को लेकर कैराना स्थित उसके घर पर आई थी। तलाशी के दौरान काफी संख्या में पाकिस्तानी जाने के लिए पासपोर्ट बरामद हुए थे। 

 

90 के दशक से शुरू हुआ गठरी व्यवसाय आतंकी कनेक्शन तक पहुंचा
अहमदाबाद में राष्ट्र विरोधी गतियों में शामिल होने के आरोप में झिंझाना निवासी आजाद शेख के पकड़े जाने के बाद एक बार फिर जिले से आतंकी कनेक्शन सामने आया है। इससे पहले भी आईएसआई एजेंट के आरोप में कई लोग पकड़े जा चुके हैं। 

जिले का कस्बा कैराना पहले से ही आतंकी कनेक्शन को लेकर चर्चाओं में रहा है। कैराना के लोगों की रिश्तेदारी पाकिस्तान में होने के कारण यहां के लोग पाकिस्तान आते जाते थे। पाकिस्तान में पान और सुपारी महंगी थी, जबकि पाकिस्तान की बनी मिर्जा नामक चप्पल और डिस्को कपड़ा कैराना में पसंद किया जाता था। 90 के दशक में रिश्तेदारी में आने-जाने के दौरान लोग भारत से पान और सुपारी पाकिस्तान ले जाते थे और वहां से डिस्को कपड़ा और मिर्जा चप्पल लेकर आते थे। 
 

Terror Network Using Afghan Youth to Spread Radical Activity in India; Shamli Link Exposed
आजाद शेख - फोटो : अमर उजाला
सोने का भाव 90 के दशक में पाकिस्तान में कम होने के कारण वहां से वापस आने वाले लोग चोरी छुपे सोना लाने लगे। धीरे-धीरे यह गठरी व्यवसाय बन गया। इकबाल काना का पिता ठेली पर केले बेचने का काम करता था। इकबाल काना ने ग्रेजुएशन कर रखी थी, जिसके चलते वह पाकिस्तान जाने वालों के पासपोर्ट और वीजा बनवाने लगा। सोने की तस्करी में मुनाफे को देखते हुए इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा ने गठरी व्यवसाय की शुरुआत की। 

इसके लिए वह प्रत्येक महिला या पुरुष को पाकिस्तान आने-जाने का खर्चा और 3000 रुपये देते थे। पाकिस्तान के अटारी बॉर्डर पर गठरी व्यवसाय के कई लोगों के पकड़े जाने के बाद इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा पाकिस्तानी पिस्टलों की तस्करी में लग गए। 1995 में दिल्ली में काफी संख्या में पाकिस्तान निर्मित पिस्टल पकड़ी गई थीं, जिसमें इकबाल काना का नाम आया था। देश की एजेंसी ने इकबाल काना और दिलशाद मिर्जा पर शिकंजा कसना शुरू किया तो दोनों पाकिस्तान भाग गए। 

दरभंगा विस्फोट में कैराना के पकड़े गए थे चार लोग
 जनपद में आतंकी कनेक्शन के मामले पूर्व में भी सामने आ चुके हैं। करीब साढ़े चार साल पहले बिहार के दरभंगा पार्सल विस्फोट में एनआईए ने कैराना के चार लोग पकड़े गए थे।

जांच एजेंसियों ने उनके संबंध पाकिस्तान में बैठे इकबाल काना और लश्कर ए तैयबा से होना बताया था। 17 जून 2021 को बिहार के दरभंगा में पार्सल विस्फोट का कनेक्शन जिले के कस्बा कैराना से मिला था। बिहार के दरभंगा रेलवे स्टेशन से पहले ही पार्सल बम विस्फोट हुआ था, जिसमें एनआईए ने 30 जून 2021 को हैदराबाद से कैराना निवासी दो भाइयों नासिर और इमरान को गिरफ्तार किया था।

उनके कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे कैराना निवासी आईएसआई हैंडलर इकबाल काना से बताए गए थे। इसके तीन दिन बाद दो जुलाई को कैराना निवासी सलीम उर्फ टुइयां और कफील को भी एनआईए की टीम ने गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसियों ने पकड़े गए लोगों का कनेक्शन पाकिस्तान में बैठे इकबाल काना और लश्कर ए तैैयबा से होना बताया था।  

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