कैराना के सपा विधायक नाहिद हसन के मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा की दी गई समयावधि शुक्रवार शाम समाप्त हो गई है। लेकिन इस बीच न तो विधायक द्वारा गाड़ी उपलब्ध कराई गई और न ही उसके कागजात दिखाए गए।
बुरे फंसे सपा विधायक नाहिद हसन, अब गिरफ्तारी के लिए ताबड़तोड़ दबिश, ये है पूरा मामला
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बाद में कुछ लोगों की मध्यस्थता के चलते पांच दिन से भी ज्यादा का वक्त दे दिया गया है। लेकिन विधायक ने ना तो खुद बयान दर्ज कराए ,ना ही गाड़ी के कागजात पुलिस को दिखाए। वो संदिग्ध गाड़ी जिसे लोग चोरी की गाड़ी बता रहे हैं उसे भी थाने में उपस्थित नहीं कर सके। अब सारा समय समाप्त हो गया है।
अब शामली, कैराना पुलिस न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत होकर वारंट के आधार पर विधायक को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करेगी। पुलिस के पास इसके अलावा अब कोई विकल्प नहीं बचा है। पुलिस
शनिवार को विधायक की गिरफ्तारी के लिए कैराना पहुंची और दबिश डाली। गौरतलब है कि नौ सितंबर को भूरा रोड पर नाहिद कालोनी के पास संदिग्ध गाड़ी के कागजात मांगने को लेकर कैराना विधायक नाहिद हसन और एसडीएम कैराना डॉ. अमित पाल शर्मा, सीओ सीओ राजेश कुमार तिवारी के साथ बहस हो गई थी। अगले दिन इस मामले की वीडियो भी वायरल हो गई थी।
इस मामले में विधायक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद विधायक को संदिग्ध गाड़ी के कागजात दिखाने, अपना पक्ष रखने व गाड़ी को जमा करने के लिए पुलिस की ओर से विधायक को तीन बार समय दिया गया। उनके खिलाफ दो बार नोटिस भी जारी किया गया था।
पुलिस ने इस मामले में विधायक पर धोखाधड़ी, अधिकारियों से अभद्रता, सरकारी काम में बाधा डालने समेत नौ धाराओं में केस दर्ज किया था। इस मामले में विधायक पक्ष ने 16 सितंबर को कैराना तहसील में एक लाख लोगों के साथ प्रशासन के खिलाफ धरने पर बैठने की अनुमति मांगी थी। उनके प्रार्थना पत्र को प्रशासन ने निरस्त कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद भी विधायक पक्ष धरने के लिए जनसंपर्क में जुट गया था।
नाहिद हसन की माता और पूर्व सांसद तबस्सुम हसन ने दो दिन सिसौली जाकर भाकियू सुप्रीमो नरेश टिकैत से समर्थन की अपील की थी। टिकैत ने फोन पर डीएम और एसपी से बात की। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने विधायक पक्ष को गाड़ी और उसके कागजात प्रस्तुत करने और विधायक को अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा था । एसपी के अनुसार ये समय अवधि शुक्रवार शाम पांच बजे शाम खत्म हो गई।
नरेश टिकैत के जवाब का इंतजार
16 सितंबर को इस मामले में नरेश टिकैत द्वारा डीएम से की गई बातचीत के बाद डीएम अखिलेश सिंह ने बताया था कि नरेश टिकैत ने यह भी कहा था कि यदि दी गई समय अवधि में विधायक पक्ष द्वारा कागजात नहीं दिखाए जाते और अपना वादा पूरा नही किया जाता तो वह भी इसमें मध्यस्थता नहीं करेंगे।
ऐसे में इस मसले में नरेश टिकैत का रुख भी काफी अहमियत रखता है। उधर ये भी बताया जा रहा है कि विधायक पक्ष की ओर से कुछ लोग भाकियू नेताओं से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, इस संबंध में नरेश टिकैत के भाई नरेंद्र टिकैत ने बताया कि आज वे हरियाणा में गए थे।