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तनाव से तंग जिंदगी: आठ माह में 2521 ने की आत्महत्या की कोशिश, 9150 के मन में आए आत्मघाती विचार

Thu, 10 Sep 2026 03:42 PM IST
Dimple Sirohi अरीश रिजवी, अमर उजाला, शामली
अरीश रिजवी, अमर उजाला, शामली Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 10 Sep 2026 03:42 PM IST
सार

मेरठ में बढ़ता मानसिक तनाव और लगातार दबाव लोगों की जिंदगी पर गंभीर असर डाल रहा है। लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में इस साल जनवरी से अगस्त तक पहुंचे करीब 31 हजार मरीजों की अवलोकन रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं।

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Meerut: 2,521 Suicide Attempts Reported in Eight Months, 9,150 Patients Had Suicidal Thoughts
आत्महत्या रोकथाम दिवस - फोटो : फ्रीपिक डॉट कॉम

विस्तार

इस दौर की भागमभाग और मानसिक दबाव लोगों को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है। हताशा के कारण लोग घातक कदम भी उठा रहे हैं। लाला लाजपत राय स्मारक (एलएलआरएम) मेडिकल कॉलेज के मनोरोग विभाग में इस साल पिछले आठ माह में (जनवरी से अगस्त) में आए 31 हजार मरीजों की अवलोकन रिपोर्ट में पता चला है कि इनमें से 9150 मरीज ऐसे थे जिनके मस्तिष्क में खुदकुशी का विचार घर कर चुका था, वहीं 2521 लोग किसी न किसी तरीके से जान देने की कोशिश कर चुके थे। इनमें 1512 महिलाएं या युवतिया रहीं और 1009 पुरुष या युवक रहे।

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यह भी पढ़ें: मेरठ में भाजपा को झटका: ब्लॉक प्रमुख कपिल मुखिया ने पार्टी से दिया इस्तीफा, कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप

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मनोरोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. तरुण पाल के मुताबिक, आत्मघाती सोच रखने या ऐसा कदम उठाने वालों में सबसे बड़ा अनुपात 20 से 45 साल के युवाओं का है। उन्होंने बताया कि पहले मरीज अन्य डॉक्टरों के कहने पर आते थे लेकिन अब जागरूकता बढ़ने से लोग खुद परामर्श लेने पहुंच रहे हैं। समय पर काउंसलिंग और दवाओं के सहयोग से अधिकांश लोग अब सामान्य जीवन जी रहे हैं।  जनचेतना फैलाने के उद्देश्य से हर साल 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस मनाया जाता है। 
 

वरिष्ठ मनोचिकित्सक डॉ. रवि राणा का कहना है कि आत्मघाती कदम तात्कालिक आवेश का नतीजा नहीं बल्कि लंबे समय से अंदर घुट रही समस्याओं का विस्फोट होता है। इसके प्रमुख कारणों में गहरा अवसाद, बेरोजगारी, माली तंगी, दांपत्य व प्रेम संबंधों में बिखराव, घरेलू कलह, अकेलापन, असफलता का खौफ और नशे की आदत मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं।

शास्त्रीनगर की एक महिला ने दांपत्य संबंधों में खटास के चलते गंभीर अवसाद में आकर दो बार विषपान कर जान देने की कोशिश की मगर परिजनों की मुस्तैदी से उन्हें बचा लिया गया। अब उनकी मेडिकल में काउंसिलिंग चल रही है। 

जागृति विहार के एक युवक ने प्रेमिका से अनबन के बाद क्षुब्ध होकर सीलिंग फैन से फंदा लगाने का प्रयास किया। ऐन वक्त पर स्वजनों के देख लेने से अनहोनी टल गई। मेडिकल में काउंसिलिंग के बाद अब युवक ठीक है।

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हाल के दिनों में घटी घटनाएं
-30 अगस्त: पल्लवपुरम में घरेलू कलह में 25 साल के युवक ने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या की। 
-16 अगस्त: कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला खारी कुआं में 62 साल के व्यक्ति ने फंदा लगाकर खुदकुशी की। 
-19 जुलाई: बहसुमा में गृहक्लेश में 34 साल के युवक ने पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या की। 
-25 जून: सरधना में प्रेमिका ने दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया तो युवक ने गोली मारकर जान दे दी। 

बचाव व रोकथाम के प्रभावी उपाय
-मानसिक तनाव झेल रहे व्यक्ति की बात बिना टोके ध्यान से सुनें। उसे विश्वास दिलाएं कि वह अकेला नहीं है। 
-डिप्रेशन के लक्षण दिखाई देते ही संकोच छोड़कर तत्काल मनोवैज्ञानिक अथवा मनोचिकित्सक से उपचार शुरू कराएं।
-विद्यालयों, महाविद्यालयों और कार्यस्थलों पर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर नियमित जागरूकता सत्र आयोजित किए जाएं।

127 लोगों ने की आत्महत्या 
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, जिले में इस साल एक जनवरी 2026 से लेकर 31 अगस्त 2026 तक 127 लोगों ने आत्महत्या की है। इनमें 79 पुरुष या युवक और 48 महिलाएं या युवतियां थीं। आत्महत्या की वजह गृह क्लेश, परीक्षा का दबाव, मानसिक परेशानी, मुकदमों का दबाव, व्यापार में घाटा, बेरोजगारी आदि रहे। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले का कहना है कि आत्महत्या की कोशिश की सूचना पर पुलिस त्वरित कार्रवाई करते हुए लोगों को बचाती है। 

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