यूपी का सिपाही ही निकला हमलावर
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23 फरवरी को बनत में अवैध शराब बिक्री की सूचना पर पुलिस छापामारी करने पहुंची। पुलिस को देखकर वहां मौजूद लोग भड़क गए और पुलिसकर्मियों को दौड़ा दिया। इस दौरान पुलिसकर्मियों को पीटा गया और उनकी वर्दी फाड़ दी गई थी। इस वारदात में थाना आदर्श मंडी पर तैनात कांस्टेबल अनिल कुमार ने थाने पर मोहल्ला आजादनगर निवासी मनोज और उसके भाई अमित उर्फ शेरू समेत तीन चार अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप था कि ड्यूटी के दौरान उस पर हमला बोल गया और गला दबाकर मारने की कोशिश की गई। मौके पर तैनात दारोगा मीरपाल सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मियों के साथ भी अभद्रता की गई थी। पुलिसकर्मियों ने आरोपी मनोज को पकड़ भी लिया था, लेकिन भीड़ ने उसे दोबारा पुलिस पर हमला करते हुए छुड़ा लिया था।
पुलिस ने आरोपियों की तलाश में कई बार दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं आ सके। साथ ही बनत के लोग और कुछ जनप्रतिनिधि पुलिस के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी देने लगे। जिससे पुलिस बैकफुट पर रही।
पुलिस ने जब आरोपी मनोज के बारे में छानबीन की, तो पता लगा कि वह यूपी पुलिस का सिपाही है। इस खुलासे के बाद पुलिस ने आरोपी सिपाही मनोज को गुपचुप तरीके से गिरफ्तार दिखाकर जेल भेज दिया। आरोपी बनाए गए मनोज के भाई अमित ने सरेंडर के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र भी डाल दिया है।