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बाइक सवार पकडा, बारह बोतल शराब बरामद-----------------

Fri, 07 Dec 2018 11:37 PM IST
Updated Fri, 07 Dec 2018 11:37 PM IST
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बाइक सवार पकडा,  बारह बोतल शराब  बरामद-----------------
टीम ने युवक दबोचा
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शामली। आबकारी विभाग की टीम ने चेकिंग अभियान के दौरान एक बाइक सवार के पास से बारह बोतल हरियाणा मार्का देशी शराब बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपी का चालान कर दिया है। शुक्रवार को आबकारी टीम ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान दौरान कांधला बस स्टेंड के पास एक बाइक सवार युवक की तलाशी ली गई। उसके पास से टीम ने हरियाणा मार्का की 12 बोतल रसीला संतरा देशी शराब बरामद की। आबकारी निरीक्षक नरेंद्र सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी व्यक्ति का नाम दिलशाद निवासी मालैंडी थाना गढ़ीपुख्ता का बताया गया है।


सांसद को सौंपा ज्ञापन
शामली। ऑल इंवेस्टर सेफ्टी ओर्गेनाइजेंशन के पदाधिकारियों ने कैराना सांसद तबस्सुम हसन को ज्ञापन देकर फंसे देश के 5 करोड 85 लाख पीएसीएल पीड़ित विनेशकों के 49100 करोड़ रुपये को वापस दिलाने की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि पीएसीएल कंपनी में जमा पूंजी 2013 से बकाया चल रही है। पीएसीएल के निवेशकों किसान, मजदूर और अति पिछडे़े वर्ग एवं छोटे कर्मचारी से लेकर बडे़ अधिकारी तक हैं। जिन्होंने भविष्य में अपने बच्चों की पढ़ाई, शादी और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पैसा जमा कराया था। सांसद को ज्ञापन देने वालों में सुभाष चंद, अनीस अहमद, राम सिंह, वेदपाल शर्मा, मान सिंह, सूरजपाल, रामछैल, शिवम सिंघल, आशीष चौधरी, आलम, रामपाल आदि रहे।
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चार माह से वेतन न दिए जाने का आरोप
शामली। कौशल विकास योजना के अंतर्गत बीजीएस ग्रुप स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के अंतर्गत कार्य करने वाली मेघा, काजल धीमान, मीनू, पारुल, पूजा, प्रतिमा, कोमल, पायल, मीरा, देवेंद्र, मोहित, रविंद्र, ललिसत, बरखा, शिवानी आदि युवक और युवतियों ने डीएम को प्रार्थना पत्र देकर केंद्र संचालक पर पिछले चार माह का वेतनमान न दिए जाने का आरोप लगाया। पीड़ितों ने मामले में जांच कर कार्रवाई की मांग की है। कौशल विकास योजना के अंतर्गत बीजीएस स्टार हेल्थ इंश्योरेंस के तहत गौरव सहरावत के यहां पिछले चार महीने से नौकरी कर रही है। उन्होंने दो महीने का प्रशिक्षण दिया गया। पीड़ितों ने जब सैलरी के बारे में कहा तो मैनेजर गौरव ने आना बंद कर दिया। हेड ऑफिस में बात की गई तो गत 12 नवंबर को सैलरी देने का वायदा किया गया था। लेकिन आफिस जाकर देखा गया तो आफिस बंद था। पीड़ितों ने मामले में जांच कराकर वेतन दिलाए जाने की मांग की है।
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