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जींद के रमेश का था कांवड़ शिविर में मिले कांवड़ियें का शव
Updated Sun, 23 Jul 2017 12:43 AM IST
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शामली/बाबरी।
बाबरी के खेड़ी बैरागी में लगे कांवड़ शिविर में मृत मिले व्यक्ति की शिनाख्त हरियाणा के जींद निवासी रमेश के रूप में हो गई। रमेश के परिजन उसे ढूंढते हुए शामली पहुंचे तथा शिनाख्त की। बाद में परिजन रमेश के शव को ले गए।
मंगलवार को पानीपत-खटीमा मार्ग पर क्षेत्र के खेड़ी बैरागी के पास लगे शिविर में शिवभक्त कांवड़िये की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसको शामली अस्पताल भेजवाया गया था, जहां पर डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया था। डाक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हृदयगति रुक जाने के कारण हुई थी। शव के पास से कोई आईडी नहीं मिली थी, जिस कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। शनिवार को जगदीश पुत्र छज्जू निवासी हैबतपुर थाना सदर जिला जींद हरियाणा शामली पहुंचे तथा बाबरी पुलिस से मिले। उन्होंने शव की शिनाख्त अपने भाई रमेश के रूप में की। जगदीश ने बताया कि मेरा भाई रमेश पुत्र छज्जू पंद्रह जुलाई को अपने घर से हरिद्वार से जलाभिषेक के लिए गंगा जल लेने के लिए गया था, लेकिन जब मेरा भाई रमेश 21 जुलाई को नहीं पहुंचा, तो हम अपने भाई की तलाश करते हुए शामली आए। बुधवार के अखबार में खबर व फोटो देखकर हमे शामली जिला अस्पताल में रमेश की मौत की जानकारी हुई। इसके बाद, उन्होंने थानाध्यक्ष बाबरी समय सिंह के साथ परिजन मोर्चरी पहुंचे और शव की शिनाख्त की। बाद में परिजनों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इंकार किया तथा शव को अपने साथ ले गए।
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बाबरी के खेड़ी बैरागी में लगे कांवड़ शिविर में मृत मिले व्यक्ति की शिनाख्त हरियाणा के जींद निवासी रमेश के रूप में हो गई। रमेश के परिजन उसे ढूंढते हुए शामली पहुंचे तथा शिनाख्त की। बाद में परिजन रमेश के शव को ले गए।
मंगलवार को पानीपत-खटीमा मार्ग पर क्षेत्र के खेड़ी बैरागी के पास लगे शिविर में शिवभक्त कांवड़िये की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसको शामली अस्पताल भेजवाया गया था, जहां पर डाक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया था। डाक्टरों ने बताया कि उसकी मौत हृदयगति रुक जाने के कारण हुई थी। शव के पास से कोई आईडी नहीं मिली थी, जिस कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई थी। शनिवार को जगदीश पुत्र छज्जू निवासी हैबतपुर थाना सदर जिला जींद हरियाणा शामली पहुंचे तथा बाबरी पुलिस से मिले। उन्होंने शव की शिनाख्त अपने भाई रमेश के रूप में की। जगदीश ने बताया कि मेरा भाई रमेश पुत्र छज्जू पंद्रह जुलाई को अपने घर से हरिद्वार से जलाभिषेक के लिए गंगा जल लेने के लिए गया था, लेकिन जब मेरा भाई रमेश 21 जुलाई को नहीं पहुंचा, तो हम अपने भाई की तलाश करते हुए शामली आए। बुधवार के अखबार में खबर व फोटो देखकर हमे शामली जिला अस्पताल में रमेश की मौत की जानकारी हुई। इसके बाद, उन्होंने थानाध्यक्ष बाबरी समय सिंह के साथ परिजन मोर्चरी पहुंचे और शव की शिनाख्त की। बाद में परिजनों ने किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इंकार किया तथा शव को अपने साथ ले गए।
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