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जमीन के विवाद में पैरवी करने पर हुई थी बसपा नेता की हत्या
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थानाभवन (शामली)। चार दिन पहले बसपा नेता शौकत की हत्या का पुलिस ने खुलासा करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गांव में तीन चचेरे भाइयों के बीच जमीन के विवाद में एक पक्ष की पैरवी करने पर शौकत की हत्या की गई थी। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तमंचा और बाइक बरामद की है। इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार चल रहे हैं।
शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर हिंड पुलिया के निकट से लतीफ और उसके पुत्र इंतजार निवासी थानाभवन को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से बाइक और एक तमंचा बरामद हुआ। ये दोनों आरोपी चार दिन पहले बसपा नेता शौकत की हत्या में नामजद थे। थानाध्यक्ष के मुताबिक पूछताछ में आरोपी इंतजार ने बताया कि उसके बार-बार समझाने के बाद भी शौकत नहीं माना तो उन्होंने उसे मारने का प्लान बनाया था। जैसे ही शौकत कोर्ट से घर के लिए चला तो एक बाइक पर वह और उसका रिश्तेदार शाहरुख निवासी बड़का, जिला बागपत और दूसरी बाइक पर भाई आशू और पिता लतीफ उसके पीछे चल दिए थे। हिंड पुलिया के निकट मौका मिलते ही शौकत को पहले कमर में गोली मारी। इसके बाद वह सड़क किनारे गिर गया तो फिर सिर में दूसरी गोली मारी। थानाध्यक्ष के अनुसार लतीफ ने बताया कि उसकी मौसी के कोई वारिस नहीं था। इसलिए बचपन से ही वह मौसी के साथ रहता था। मौसी ने ही उसे पाला और मौसी के अंतिम समय में उसने ही उनकी सेवा की। उनकी मौत के बाद मौसी की संपत्ति पर उनका हक था, लेकिन शौकत ने उसके चचेरे भाइयों को भड़काकर जमीन पर मुकदमा दर्ज करवा दिया। इसी वजह से उसकी हत्या करने का प्लान बनाया गया। आरोपियों का कहना है कि शौकत ने उन्हें धमकी दी थी कि वह उन्हें बर्बाद कर देगा, इसलिए उन्होंने हत्या की। उन्हें इस हत्या पर कोई पछतावा नहीं है। थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि इस मामले के दो आरोपी आशू व शाहरुख फरार है, उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कहा था, जमीन के तीन हिस्से कर लो
थानाभवन। थाने में इंतजार ने बताया कि विवाद तीन भाइयों के बीच का था। जब बात हुई तो उन्होंने यहां तक कह दिया था कि 40 बीघा जमीन के तीन हिस्से कर लो, लेकिन शौकत इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हुआ था। उसने कहा कि वह पूरी जमीन लेगा और उन्हें सड़क पर लाकर खड़ा कर देगा।
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शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि शुक्रवार की दोपहर हिंड पुलिया के निकट से लतीफ और उसके पुत्र इंतजार निवासी थानाभवन को गिरफ्तार कर लिया। दोनों के कब्जे से बाइक और एक तमंचा बरामद हुआ। ये दोनों आरोपी चार दिन पहले बसपा नेता शौकत की हत्या में नामजद थे। थानाध्यक्ष के मुताबिक पूछताछ में आरोपी इंतजार ने बताया कि उसके बार-बार समझाने के बाद भी शौकत नहीं माना तो उन्होंने उसे मारने का प्लान बनाया था। जैसे ही शौकत कोर्ट से घर के लिए चला तो एक बाइक पर वह और उसका रिश्तेदार शाहरुख निवासी बड़का, जिला बागपत और दूसरी बाइक पर भाई आशू और पिता लतीफ उसके पीछे चल दिए थे। हिंड पुलिया के निकट मौका मिलते ही शौकत को पहले कमर में गोली मारी। इसके बाद वह सड़क किनारे गिर गया तो फिर सिर में दूसरी गोली मारी। थानाध्यक्ष के अनुसार लतीफ ने बताया कि उसकी मौसी के कोई वारिस नहीं था। इसलिए बचपन से ही वह मौसी के साथ रहता था। मौसी ने ही उसे पाला और मौसी के अंतिम समय में उसने ही उनकी सेवा की। उनकी मौत के बाद मौसी की संपत्ति पर उनका हक था, लेकिन शौकत ने उसके चचेरे भाइयों को भड़काकर जमीन पर मुकदमा दर्ज करवा दिया। इसी वजह से उसकी हत्या करने का प्लान बनाया गया। आरोपियों का कहना है कि शौकत ने उन्हें धमकी दी थी कि वह उन्हें बर्बाद कर देगा, इसलिए उन्होंने हत्या की। उन्हें इस हत्या पर कोई पछतावा नहीं है। थाना प्रभारी संदीप बालियान ने बताया कि इस मामले के दो आरोपी आशू व शाहरुख फरार है, उन्हें भी शीघ्र गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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कहा था, जमीन के तीन हिस्से कर लो
थानाभवन। थाने में इंतजार ने बताया कि विवाद तीन भाइयों के बीच का था। जब बात हुई तो उन्होंने यहां तक कह दिया था कि 40 बीघा जमीन के तीन हिस्से कर लो, लेकिन शौकत इस बात को मानने के लिए तैयार नहीं हुआ था। उसने कहा कि वह पूरी जमीन लेगा और उन्हें सड़क पर लाकर खड़ा कर देगा।
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