{"_id":"5afb28504f1c1bdf408b5a6b","slug":"41526409296-shamli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू से जागरुकता ही सबसे बढ़िया इलाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू से जागरुकता ही सबसे बढ़िया इलाज
Updated Wed, 16 May 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शामली। डेंगू जानलेवा और संक्रामक बीमारी है। बरसात के मौसम और चिलचिलाती गर्मी में भी इसका मच्छर घर में पैदा हो जाता है। डाक्टरों का मानना है कि इसकी कोई दवाई नहीं है, लेकिन अधिक से अधिक तरल पदार्थ पीना, आराम करना और डेंगू के प्रति जागरूकता इसका रामबाण इलाज है।
पिछले साल जिले में डेंगू के दस मामले प्रकाश में आए थे। गत वर्ष को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग तैयारियां में लगा हुआ है। जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार डेंगू की जांच की सुविधा शामली में नहीं है, हालांकि इसके लिए प्राथमिक जांच एनएस1 के लिए किट खरीद ली गई है। इस जांच में जो सैंपल पॉजिटिव आता है उसको फिर जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज में भेजा जाएगा। शामली की सभी सीएचसी और पीएचसी में डेंगू वार्ड आरक्षित किए जा रहे हैं। जिनमें सिर्फ डेंगू के मरीज ही रहेंगे, साथ ही उनके लिए मच्छर दानी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की व्यवस्था भी कर ली गई है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए जगह-जगह जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और लोगों को इस बीमारी से बचने के उपाय बताए जाएंगे।
कैसे हो बचाव
- मनी प्लांट के गमले, साफ पानी और नमी में इसका मच्छर पैदा होता है। इसलिए इस पर नियमित ध्यान दिया जाएं।
- घरों में पानी एकत्रित ना होने दें और छतों के ऊपर कूड़ा-कचरा न फेंके।
- सप्ताह में दो बार नालियों में मिट्टी का तेल या काला तेल जरूर डालें।
- छोटे बच्चे पूरी बाजू के कपड़े पहनें, क्योंकि यह मच्छर दिन में ही काटता है।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।
क्यों होता है डेंगू
डेंगू मादा मच्छर जिसका नाम एडीज उर्फ टाइगर मॉस्किटों के काटने से होता है। यह मच्छर साफ में पानी में अंडे देता है और दिन में काटता है।
डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, बदन दर्द, सिर दर्द, पेट दर्द
- उलटियां होना
- शरीर पर निशान होना
- मसूड़ों में हल्का खून आना
- तेजी से प्लेटलेट्स गिरना
यदि डेंगू हो जाए तो
- बुखार होते ही सबसे पहले सरकारी अस्पताल में अपनी जांच कराएं
- यदि डेंगू पॉजिटिव आ जाए तो मरीज घर में मच्छरदानी का प्रयोग करें
- तरल पदार्थ का अधिक से अधिक सेवन करें
- यदि बुखार तेज है तो दवाई के साथ ही ठंडे पानी की पट्टी रखें।
- दर्द को सहे, कम से कम पेनकिलर का प्रयोग करें।
विज्ञापन
पिछले साल जिले में डेंगू के दस मामले प्रकाश में आए थे। गत वर्ष को देखते हुए इस बार स्वास्थ्य विभाग तैयारियां में लगा हुआ है। जिला मलेरिया अधिकारी के अनुसार डेंगू की जांच की सुविधा शामली में नहीं है, हालांकि इसके लिए प्राथमिक जांच एनएस1 के लिए किट खरीद ली गई है। इस जांच में जो सैंपल पॉजिटिव आता है उसको फिर जांच के लिए मेरठ मेडिकल कॉलेज में भेजा जाएगा। शामली की सभी सीएचसी और पीएचसी में डेंगू वार्ड आरक्षित किए जा रहे हैं। जिनमें सिर्फ डेंगू के मरीज ही रहेंगे, साथ ही उनके लिए मच्छर दानी भी लगाई जाएगी। इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की व्यवस्था भी कर ली गई है। उधर, जिला मलेरिया अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि डेंगू से बचाव के लिए जगह-जगह जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और लोगों को इस बीमारी से बचने के उपाय बताए जाएंगे।
विज्ञापन
कैसे हो बचाव
- मनी प्लांट के गमले, साफ पानी और नमी में इसका मच्छर पैदा होता है। इसलिए इस पर नियमित ध्यान दिया जाएं।
- घरों में पानी एकत्रित ना होने दें और छतों के ऊपर कूड़ा-कचरा न फेंके।
- सप्ताह में दो बार नालियों में मिट्टी का तेल या काला तेल जरूर डालें।
- छोटे बच्चे पूरी बाजू के कपड़े पहनें, क्योंकि यह मच्छर दिन में ही काटता है।
- रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें।
क्यों होता है डेंगू
डेंगू मादा मच्छर जिसका नाम एडीज उर्फ टाइगर मॉस्किटों के काटने से होता है। यह मच्छर साफ में पानी में अंडे देता है और दिन में काटता है।
डेंगू के लक्षण
- तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, बदन दर्द, सिर दर्द, पेट दर्द
- उलटियां होना
- शरीर पर निशान होना
- मसूड़ों में हल्का खून आना
- तेजी से प्लेटलेट्स गिरना
यदि डेंगू हो जाए तो
- बुखार होते ही सबसे पहले सरकारी अस्पताल में अपनी जांच कराएं
- यदि डेंगू पॉजिटिव आ जाए तो मरीज घर में मच्छरदानी का प्रयोग करें
- तरल पदार्थ का अधिक से अधिक सेवन करें
- यदि बुखार तेज है तो दवाई के साथ ही ठंडे पानी की पट्टी रखें।
- दर्द को सहे, कम से कम पेनकिलर का प्रयोग करें।