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शामली चीनीमिल -------------
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तहसील ने शामली शुगर मिल को नोटिस जारी किया
अमर उजाला ब्यूरो
शामली। बकाया गन्ना भुगतान नहीं करने पर गन्ना मंत्री सुरेश राणा की सख्ती के चलते शासन ने शामली शुगर मिल की चौतरफा घेराबंदी कर ली है। मिल के खिलाफ पिछले सत्र के बकाया गन्ना भुगतान के लिए जारी 105 करोड़ की आरसी के बाद तहसील प्रशासन ने मिल प्रशासन को नोटिस जारी कर दिया है। मिल की चीनी का स्टॉक आदि का आकलन कर लिया गया है। डीसीओ का दावा है कि 15 दिन में भुगतान ना होने पर नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती के अनुसार गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर शामली शुगर मिल के खिलाफ सत्र 2017-18 का अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान 105.33 करोड़ की आरसी जारी कर दी गई है। मंगलवार आधी रात तक ये कार्रवाई चलती रही। शासन स्तर से भी डीएम से लगातार जानकारी ली गई। मंत्री की सख्ती का नतीजा रहा है कि तहसील प्रशासन ने भी बुधवार को ही मिल को नोटिस उपलब्ध करा दिया है। एसडीएम प्रशांत भारती ने पुष्टि करते हुए बताया कि साइटेशन ( अधिकार पत्र) मिल को भेज दिया गया है और भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद मिल की नीलामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। मिल अध्याशी समेत तीन अफसरों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो चुका है।
संगीन धाराएं, जमानत में अड़चन
शामली शुगर मिल के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट में धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराएं भी लगाई गई हैं, जिनमें जमानत मिलनी भी आसान नहीं होगी। ऐसे में मिल अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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शामली शुगर मिल पर पिछले सत्र का बकाया
मद लाख रुपये देय ब्याज कमीशन समिति कमीशन पर ब्याज कुल
गन्ना मूल्य - 8000 1937.34 541.42 55.16 10533.92
मिल पर 154 करोड़ चीनी का स्टॉक
जिला गन्नाधिकारी अनिल भारती ने बताया कि जिला प्रशासन और गन्ना विभाग द्वारा चीनी मिल के स्टॉक में रखी पुरानी चीनी की कुल मात्रा 119807 क्विंटल का स्टॉक गोदाम में है। इसका बाजार मूूल्य 37.14 करोड़ आंका गया है। चीनी मिल के पास 377630 कुल नए पेराई सत्र की चीनी का स्टॉक है। इसका मूल्य अंकन रुपये 117.06 करोड़ है। इसे बेचकर कुल प्राप्त होने वाली धनराशि कुल 154.20 करोड़ रुपये बैठती है। इसे बेचकर किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
शामली। बकाया गन्ना भुगतान नहीं करने पर गन्ना मंत्री सुरेश राणा की सख्ती के चलते शासन ने शामली शुगर मिल की चौतरफा घेराबंदी कर ली है। मिल के खिलाफ पिछले सत्र के बकाया गन्ना भुगतान के लिए जारी 105 करोड़ की आरसी के बाद तहसील प्रशासन ने मिल प्रशासन को नोटिस जारी कर दिया है। मिल की चीनी का स्टॉक आदि का आकलन कर लिया गया है। डीसीओ का दावा है कि 15 दिन में भुगतान ना होने पर नीलामी की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
जिला गन्ना अधिकारी अनिल भारती के अनुसार गन्ना मंत्री सुरेश राणा के निर्देश पर शामली शुगर मिल के खिलाफ सत्र 2017-18 का अवशेष गन्ना मूल्य भुगतान 105.33 करोड़ की आरसी जारी कर दी गई है। मंगलवार आधी रात तक ये कार्रवाई चलती रही। शासन स्तर से भी डीएम से लगातार जानकारी ली गई। मंत्री की सख्ती का नतीजा रहा है कि तहसील प्रशासन ने भी बुधवार को ही मिल को नोटिस उपलब्ध करा दिया है। एसडीएम प्रशांत भारती ने पुष्टि करते हुए बताया कि साइटेशन ( अधिकार पत्र) मिल को भेज दिया गया है और भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद मिल की नीलामी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। मिल अध्याशी समेत तीन अफसरों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज हो चुका है।
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संगीन धाराएं, जमानत में अड़चन
शामली शुगर मिल के अधिकारियों के खिलाफ दर्ज की गई रिपोर्ट में धोखाधड़ी समेत कई संगीन धाराएं भी लगाई गई हैं, जिनमें जमानत मिलनी भी आसान नहीं होगी। ऐसे में मिल अफसरों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
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शामली शुगर मिल पर पिछले सत्र का बकाया
मद लाख रुपये देय ब्याज कमीशन समिति कमीशन पर ब्याज कुल
गन्ना मूल्य - 8000 1937.34 541.42 55.16 10533.92
मिल पर 154 करोड़ चीनी का स्टॉक
जिला गन्नाधिकारी अनिल भारती ने बताया कि जिला प्रशासन और गन्ना विभाग द्वारा चीनी मिल के स्टॉक में रखी पुरानी चीनी की कुल मात्रा 119807 क्विंटल का स्टॉक गोदाम में है। इसका बाजार मूूल्य 37.14 करोड़ आंका गया है। चीनी मिल के पास 377630 कुल नए पेराई सत्र की चीनी का स्टॉक है। इसका मूल्य अंकन रुपये 117.06 करोड़ है। इसे बेचकर कुल प्राप्त होने वाली धनराशि कुल 154.20 करोड़ रुपये बैठती है। इसे बेचकर किसानों का गन्ना मूल्य भुगतान किया जाएगा। इसकी तैयारी की जा रही है।