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च्चाई की राह पर चलने वाला ही खुदा का नेक बंदा: मौलाना अकीलुर्रहमान
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सच्चाई की राह पर चलने वाला ही खुदा का नेक बंदा
जलालाबाद। कस्बे की प्रसिद्ध शिक्षण संस्था मदरसा मिफ्ता उल उलूम में सालाना इजलास बुखारी शरीफ संपन्न हुआ। इस मौके पर मदरसे में पढ़ने वाले 152 छात्रों को सनद से नवाजा गया।
बुधवार को आयोजित जलसे में ख़िताब करते हुए शेखुल हदीस मौलाना अकीलुर्रहमान ने फ़रमाया कि खुदा का नेक ओर सच्चा बंदा वही है, जो हमेशा सच्चाई की राह पर चलकर गरीबों, यतीमों, मजलूमों, बेसहारा की मदद करता है। मजहब कोई भी हो सभी की पवित्र किताबें आपसी भाईचारा, प्रेम और इंसानियत का पैगाम देती है। उन्होंने दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दहेज एक लानत है, इससे बचा जाए। नौजवानों का जहन इस तरह बदलना चाहिए कि दहेज लेना गुनाह में शुमार कर ले। जलसे में छह हाफिज, 43 मुफ्ती और 103 मौलवी सनद से नवाजा गया। जलसे में आने वाले मेहमानों का इस्तकबाल मदरसे के नायब मोहतमिम कारी वलीउल्लाह खान शेरवानी ने किया। जलसे में मौलाना रिजवान, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद कासिम, मौलाना रफीऊज्जमा, मौलाना आरजू मिंया, मौलाना याकूब, कारी शोयब सैयद वजाहत मियां, हाफिज मोहम्मद सालिम फैज, शेरवानी, जीशान काजमी, काजी तारिक, नौशाद अब्बासी, नजीलुर्रहमान शोएब खान, नवाब अली मियां, अब्दुल रहमान सिद्दीकी आदि शामिल रहे। जलसे के आखिर में मदरसे के मोहतमिम मौलाना हफीउल्लाह खान शेरवानी ने मुल्क की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ कराई।
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जलालाबाद। कस्बे की प्रसिद्ध शिक्षण संस्था मदरसा मिफ्ता उल उलूम में सालाना इजलास बुखारी शरीफ संपन्न हुआ। इस मौके पर मदरसे में पढ़ने वाले 152 छात्रों को सनद से नवाजा गया।
बुधवार को आयोजित जलसे में ख़िताब करते हुए शेखुल हदीस मौलाना अकीलुर्रहमान ने फ़रमाया कि खुदा का नेक ओर सच्चा बंदा वही है, जो हमेशा सच्चाई की राह पर चलकर गरीबों, यतीमों, मजलूमों, बेसहारा की मदद करता है। मजहब कोई भी हो सभी की पवित्र किताबें आपसी भाईचारा, प्रेम और इंसानियत का पैगाम देती है। उन्होंने दीनी तालीम के साथ दुनियावी तालीम हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दहेज एक लानत है, इससे बचा जाए। नौजवानों का जहन इस तरह बदलना चाहिए कि दहेज लेना गुनाह में शुमार कर ले। जलसे में छह हाफिज, 43 मुफ्ती और 103 मौलवी सनद से नवाजा गया। जलसे में आने वाले मेहमानों का इस्तकबाल मदरसे के नायब मोहतमिम कारी वलीउल्लाह खान शेरवानी ने किया। जलसे में मौलाना रिजवान, मौलाना मुफ्ती मोहम्मद कासिम, मौलाना रफीऊज्जमा, मौलाना आरजू मिंया, मौलाना याकूब, कारी शोयब सैयद वजाहत मियां, हाफिज मोहम्मद सालिम फैज, शेरवानी, जीशान काजमी, काजी तारिक, नौशाद अब्बासी, नजीलुर्रहमान शोएब खान, नवाब अली मियां, अब्दुल रहमान सिद्दीकी आदि शामिल रहे। जलसे के आखिर में मदरसे के मोहतमिम मौलाना हफीउल्लाह खान शेरवानी ने मुल्क की तरक्की और खुशहाली के लिए दुआ कराई।
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