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Shahjahanpur News: विजिलेंस ने 20 हजार की रिश्वत लेते मत्स्य निरीक्षक को किया गिरफ्तार
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रिश्वत मांगने का आरोपी मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार। स्रोत : सतर्कता विभाग
शाहजहांपुर। बरेली से आई सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने बुधवार को मत्स्य विभाग के निरीक्षक संजीव कुमार को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए विकास भवन के पास गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि वह विभाग में समिति का पंजीकरण कराने के लिए 80 हजार रुपये मांग रहा था।
मत्स्य विभाग की ओर से पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के तालाब समिति के माध्यम से पट्टे पर दिए जाते हैं। ददरौल ब्लॉक के रोशननगर के रहने वाले और निषाद पार्टी के कार्यकर्ता मुकेश कश्यप ने अपनी ‘बहुउद्देशीय मत्स्य जीवी सहकारी समिति’ के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए मत्स्य विभाग में आवेदन किया था।
मुकेश का आरोप है कि निरीक्षक संजीव कुमार ने पंजीकरण कराने के लिए उनसे एक लाख रुपये मांगे। इतनी रकम दे पाने में असमर्थता जताने पर 80 हजार रुपये में मामला तय हुआ। संजीव कम की गई रकम भी दो-तीन बार में लेने के लिए तैयार हो गया। मुकेश ने हामी भरने के साथ ही मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान में कर दी।
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सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने डीएम धर्मेंद्र प्रताप को जानकारी देने के बाद संजीव को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पहली बार के 20 हजार रुपये देने के लिए मुकेश विकास भवन के पास जजी परिसर में पहुंचे। विकास भवन में ही मत्स्य विभाग का दफ्तर है। रकम पकड़ते ही निरीक्षक संजीव को टीम ने गिरफ्तार कर लिया और तिलहर थाने ले गई। फिर पूछताछ के बाद उसे बरेली ले जाया गया। यहां पर उसके खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
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मंत्री-अधिकारियों से करते रहे शिकायत...एक साल से लटका रखा था पंजीकरण
शाहजहांपुर। मत्स्य विभाग में समिति के पंजीकरण के लिए मुकेश कश्यप एक साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। मुकेश ने बताया कि उन्होंने मंत्री से लेकर अधिकारियों तक शिकायत की लेकिन मत्स्य विभाग का निरीक्षक बिना रुपये पंजीकरण करने के लिए तैयार नहीं हुआ। एक साल तक भटकने के बाद उन्हें मजबूरन सतर्कता अधिष्ठान की शिकायत लेनी पड़ी।
मुकेश कुमार ने बताया कि वह निषाद पार्टी के कार्यकर्ता हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में वह पार्टी से ददरौल क्षेत्र में प्रत्याशी थे। पिछले वर्ष उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत बबनुआ में तालाब के पट्टे के लिए समिति के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। ऑनलाइन आवेदन के लिए मत्स्य निरीक्षक ने उनसे एक लाख रुपये की मांग की। इस पर उन्होंने मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद से लेकर अधिकारियों तक शिकायत की।
विधायक से भी शिकायत की। जनप्रतिनिधियों के फोन करने के बावजूद उनका काम नहीं हो रहा था। मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार ने उनसे एक लाख रुपये मांगे थे। इतने रुपये देने में असमर्थता जताने पर 80 हजार रुपये में बात तय हुई। मुकेश ने कहा कि वह दो-तीन बार में इतना रुपये दे पाएगा। मुकेश के मुताबिक, मत्स्य निरीक्षक ने 50 हजार रुपये काम होने से पहले मांगे थे। जिसमें वह 20 हजार रुपये लेकर वह पहुंचा था।
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सीधे जेब में रखवाए रुपये, आगे बढ़ते ही टीम ने दबोच लिया
मुकेश ने बताया कि उन्होंने धनतेरस के एक दिन पहले सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी। इसके बाद बरेली जाकर ऑडियो क्लिपिंग समेत सारे सुबूत दिए। तब टीम ने लिखापढ़ी के बाद जाल बिछाना शुरू किया। उन्हें एक पेन दिया जिसमें उसने मत्स्य निरीक्षक से की गई सारी बातें रिकॉर्ड कीं। मुकेश के मुताबिक दिवाली के बाद निरीक्षक संजीव लंबी छुट्टी पर चला गया जिससे कार्रवाई टल गई। मंगलवार को उन्होंने मत्स्य निरीक्षक को फोन कर रुपये देने की बात कही। संजीव ने उन्हें विकास भवन के बाहर मिलने के लिए बुलाया। मुकेश से रुपये लेकर विजिलेंस टीम ने पाउडर लगाकर वापस कर दिए। संजीव विकास भवन से बाहर आया और जजी परिसर में मुकेश से मिला। संजीव ने मुकेश से रुपये हाथ में लेने की बजाय सीधा पैंट की जेब में रखने के लिए कहा। मुकेश ने रुपये पैंट की जेब में रख दिए। जैसे ही संजीव मुड़कर आगे बढ़ा, टीम ने उसे पकड़ लिया। कुछ मिनटों में ही उसे लेकर टीम तिलहर के लिए रवाना हो गई। तिलहर थाने में पूछताछ के बाद टीम उसे लेकर बरेली चली गई।
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पहले भी रिश्वत के साथ पकड़़े गए कर्मचारी
- 21 जून 2022 : एंटी करप्शन की टीम ने एक लेखपाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।
- 23 मार्च 2024 : अवैध रूप से शराब का कारोबार करने के एक आरोपी को धमकी देकर उससे रिश्वत लेने के आरोप में बरेली से आई एंटी करप्शन टीम ने बंडा से दरोगा को पकड़ा था।
- 16 फरवरी 2024 : तहसील सदर के एक लेखपाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। भूमि की वरासत दर्ज कराने के लिए पीड़ित से लेखपाल रुपये मांग रहा था।
- 10 अक्तूबर 2025 : भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने भूमि संबंधी मामले की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपी तिलहर के राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार किया था।
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मत्स्य विभाग की ओर से पांच एकड़ से अधिक क्षेत्रफल के तालाब समिति के माध्यम से पट्टे पर दिए जाते हैं। ददरौल ब्लॉक के रोशननगर के रहने वाले और निषाद पार्टी के कार्यकर्ता मुकेश कश्यप ने अपनी ‘बहुउद्देशीय मत्स्य जीवी सहकारी समिति’ के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए मत्स्य विभाग में आवेदन किया था।
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मुकेश का आरोप है कि निरीक्षक संजीव कुमार ने पंजीकरण कराने के लिए उनसे एक लाख रुपये मांगे। इतनी रकम दे पाने में असमर्थता जताने पर 80 हजार रुपये में मामला तय हुआ। संजीव कम की गई रकम भी दो-तीन बार में लेने के लिए तैयार हो गया। मुकेश ने हामी भरने के साथ ही मामले की शिकायत सतर्कता अधिष्ठान में कर दी।
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सतर्कता अधिष्ठान की टीम ने डीएम धर्मेंद्र प्रताप को जानकारी देने के बाद संजीव को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पहली बार के 20 हजार रुपये देने के लिए मुकेश विकास भवन के पास जजी परिसर में पहुंचे। विकास भवन में ही मत्स्य विभाग का दफ्तर है। रकम पकड़ते ही निरीक्षक संजीव को टीम ने गिरफ्तार कर लिया और तिलहर थाने ले गई। फिर पूछताछ के बाद उसे बरेली ले जाया गया। यहां पर उसके खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया गया। डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री-अधिकारियों से करते रहे शिकायत...एक साल से लटका रखा था पंजीकरण
शाहजहांपुर। मत्स्य विभाग में समिति के पंजीकरण के लिए मुकेश कश्यप एक साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। मुकेश ने बताया कि उन्होंने मंत्री से लेकर अधिकारियों तक शिकायत की लेकिन मत्स्य विभाग का निरीक्षक बिना रुपये पंजीकरण करने के लिए तैयार नहीं हुआ। एक साल तक भटकने के बाद उन्हें मजबूरन सतर्कता अधिष्ठान की शिकायत लेनी पड़ी।
मुकेश कुमार ने बताया कि वह निषाद पार्टी के कार्यकर्ता हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में वह पार्टी से ददरौल क्षेत्र में प्रत्याशी थे। पिछले वर्ष उन्होंने अपनी ग्राम पंचायत बबनुआ में तालाब के पट्टे के लिए समिति के पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। ऑनलाइन आवेदन के लिए मत्स्य निरीक्षक ने उनसे एक लाख रुपये की मांग की। इस पर उन्होंने मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद से लेकर अधिकारियों तक शिकायत की।
विधायक से भी शिकायत की। जनप्रतिनिधियों के फोन करने के बावजूद उनका काम नहीं हो रहा था। मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार ने उनसे एक लाख रुपये मांगे थे। इतने रुपये देने में असमर्थता जताने पर 80 हजार रुपये में बात तय हुई। मुकेश ने कहा कि वह दो-तीन बार में इतना रुपये दे पाएगा। मुकेश के मुताबिक, मत्स्य निरीक्षक ने 50 हजार रुपये काम होने से पहले मांगे थे। जिसमें वह 20 हजार रुपये लेकर वह पहुंचा था।
सीधे जेब में रखवाए रुपये, आगे बढ़ते ही टीम ने दबोच लिया
मुकेश ने बताया कि उन्होंने धनतेरस के एक दिन पहले सतर्कता अधिष्ठान में शिकायत की थी। इसके बाद बरेली जाकर ऑडियो क्लिपिंग समेत सारे सुबूत दिए। तब टीम ने लिखापढ़ी के बाद जाल बिछाना शुरू किया। उन्हें एक पेन दिया जिसमें उसने मत्स्य निरीक्षक से की गई सारी बातें रिकॉर्ड कीं। मुकेश के मुताबिक दिवाली के बाद निरीक्षक संजीव लंबी छुट्टी पर चला गया जिससे कार्रवाई टल गई। मंगलवार को उन्होंने मत्स्य निरीक्षक को फोन कर रुपये देने की बात कही। संजीव ने उन्हें विकास भवन के बाहर मिलने के लिए बुलाया। मुकेश से रुपये लेकर विजिलेंस टीम ने पाउडर लगाकर वापस कर दिए। संजीव विकास भवन से बाहर आया और जजी परिसर में मुकेश से मिला। संजीव ने मुकेश से रुपये हाथ में लेने की बजाय सीधा पैंट की जेब में रखने के लिए कहा। मुकेश ने रुपये पैंट की जेब में रख दिए। जैसे ही संजीव मुड़कर आगे बढ़ा, टीम ने उसे पकड़ लिया। कुछ मिनटों में ही उसे लेकर टीम तिलहर के लिए रवाना हो गई। तिलहर थाने में पूछताछ के बाद टीम उसे लेकर बरेली चली गई।
पहले भी रिश्वत के साथ पकड़़े गए कर्मचारी
- 21 जून 2022 : एंटी करप्शन की टीम ने एक लेखपाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा था।
- 23 मार्च 2024 : अवैध रूप से शराब का कारोबार करने के एक आरोपी को धमकी देकर उससे रिश्वत लेने के आरोप में बरेली से आई एंटी करप्शन टीम ने बंडा से दरोगा को पकड़ा था।
- 16 फरवरी 2024 : तहसील सदर के एक लेखपाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। भूमि की वरासत दर्ज कराने के लिए पीड़ित से लेखपाल रुपये मांग रहा था।
- 10 अक्तूबर 2025 : भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने भूमि संबंधी मामले की फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर पांच हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोपी तिलहर के राजस्व निरीक्षक को गिरफ्तार किया था।

रिश्वत मांगने का आरोपी मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार। स्रोत : सतर्कता विभाग

रिश्वत मांगने का आरोपी मत्स्य निरीक्षक संजीव कुमार। स्रोत : सतर्कता विभाग