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Shahjahanpur News: खन्नौत नदी उफनाई... बाढ़ में फंसे 24 परिवारों को निकाला
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हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद
शाहजहांपुर। खन्नौत नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है तो गर्रा नदी भी तेजी से बढ़ते जलस्तर के कारण उफान पर है। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में पानी घरों में पहुंच गया है। लोधीपुर में बाढ़ में फंसे 24 परिवारों के करीब 80 से 85 लोगों को मोटर बोट के जरिये सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मदद के लिए एक लेखपाल को छोड़कर कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुबह नाश्ता और दोपहर में भोजन के पैकेट वितरित करने का दावा किया गया।
सिंचाई विभाग की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक खन्नौत नदी का जलस्तर लोधीपुर पुल पर 146.05 मीटर दर्ज किया गया। नदी का खतरे का निशान 145.75 मीटर है। इसी तरह खन्नौत खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। रविवार रात आठ बजे खन्नौत का जलस्तर 145.65 मीटर था, जो खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर नीचे था।
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गर्रा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। रविवार रात अजीजगंज पुल पर गर्रा का जलस्तर 147.90 मीटर था। खतरे का निशान 148.80 मीटर है। सोमवार सुबह जलस्तर बढ़कर 148.15 मीटर पहुंच गया।
अब नदी खतरे के निशान से सिर्फ 65 सेंटीमीटर नीचे है। तीन दिन पहले दियूनी बैराज से छोड़ा गया 25 हजार क्यूसेक से अधिक पानी सोमवार रात तक पहुंचने की संभावना है। इससे गर्रा और खन्नौत के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है।
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घरों के अंदर पहुंचा पानी, मोटरबोट से निकाले लोग
लोधीपुर में खन्नौत नदी किनारे रहने वाले अधिकतर परिवारों के घरों में पानी पहुंच गया। क्षेत्रीय पार्षद रूपेश वर्मा उर्फ अन्नू ने अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद तीन-चार मोटरवोट नाविकों के साथ भेजी गईं। पार्षद और स्थानीय लोगों की मदद से रविवार रात में ही लोगों को घरों से निकालने का काम शुरू कर दिया गया। सोमवार दोपहर तक 22 से 24 परिवारों के करीब 80 से 85 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ लोगों को एनटीआई स्कूल स्थित आश्रय स्थल में शिफ्ट किया गया, जबकि कुछ परिवार रिश्तेदारों के यहां चले गए।
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लोग तो निकल आए, घरों में डूब रहा सामान
बाढ़ में फंसे परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन उनका घरेलू सामान घरों में ही रह गया। घरों में पानी भरने के कारण राशन समेत अन्य सामान के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से बाढ़ के कारण हर वर्ष उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, खन्नौत नदी का पानी बढ़ने से हनुमतधाम के चारों तरफ पानी भर गया है। सुरक्षा के मद्देनजर दर्शन के लिए हनुमतधाम को बंद कर दिया गया है। हनुमानजी की मूर्ति तक जाने वाली सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। सुरक्षा के लिए यहां एनडीआरएफ की टीम और पुलिस को तैनात किया गया है। लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की जा रही है। हनुमतधाम के पास मोहल्ला ख्वाजा फिरोज, दलेलगंज और छोटी बिसरात समेत कई मोहल्लों में बाढ़ पहुंच गई है। छोटी बिसरात से कुछ परिवारों को निकालकर पास बने आश्रय स्थल में पहुंचाया गया है।
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सुभाषनगर कॉलोनी में भरा पानी, ट्रैक्टर बना सारथी
सुभाषनगर कॉलोनी में बरुआ नाले के आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। पानी घुटनों से ऊपर पहुंचने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। क्षेत्रीय पार्षद नवनीत विनय सक्सेना ने नगर निगम अधिकारियों से कहकर ट्रैक्टर की व्यवस्था कराई। लोग ट्रैक्टर की मदद से आवागमन कर रहे हैं। पानी लोगों के दरवाजों तक पहुंच गया है।
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बाढ़ पीड़ित बोले-घर में रखे सामान को पहुंचा नुकसान
घरों में रखा राशन डूब गया है। अन्य सामान काे भी नुकसान हुआ है। इस समय क्षेत्र के सभी लोगों के सामने बड़ी मुसीबत है।
- सौरभ, लोधीपुर
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मकान में पानी भर गया है। एनटीआई स्कूल स्थित आश्रय स्थल में रुके हैं। घर में काफी सामान पानी में डूबने से खराब हो गया है।
- शबनम, लालपुल लोधीपुर
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परिवार में छह सदस्य हैं। अभी आश्रय स्थल में ठहरे हैं। बाढ़ की वजह से घर में काफी सामान को नुकसान पहुंचा है।
- मोहम्मद रफी, लोधीपुर
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रविवार रात में अचानक पानी तेजी से घर में घुसने लगा। परिवार के सभी सदस्य छत पर पहुंचे। चिल्लाकर मदद मांगी।
- नौशाद, लालपुल, लोधीपुर
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कॉलोनी में घुटनों से ऊपर पानी भर गया है। सभी लोग घर में फंसे हुए हैं। अगर पानी और बढ़ा तो घरों में घुस जाएगा।
- बबिता, सुभाषनगर कॉलोनी
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स्कूल से पढ़कर घर लौटे तो पानी काफी भरा मिला। क्षेत्र में कीड़े-मकौड़े का डर बना हुआ है। नित्यक्रिया के लिए भी परेशानी है।
- पीयूष, सुभाषनगर कॉलोनी
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अगर सुभाषनगर के पास बने नाले में गेट लगा दिया जाए तो गर्रा नदी का पानी कॉलोनी में नहीं आएगा। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- अवनी दीक्षित, सुभाषनगर कॉलोनी
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खन्नौत नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। गर्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बारिश रुकने से दोनों नदियों का जलस्तर कम होने की संभावना है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आश्रय स्थलों में भी लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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स्थानीय लोगों का आरोप है कि मदद के लिए एक लेखपाल को छोड़कर कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। हालांकि प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को सुबह नाश्ता और दोपहर में भोजन के पैकेट वितरित करने का दावा किया गया।
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सिंचाई विभाग की सोमवार की रिपोर्ट के मुताबिक खन्नौत नदी का जलस्तर लोधीपुर पुल पर 146.05 मीटर दर्ज किया गया। नदी का खतरे का निशान 145.75 मीटर है। इसी तरह खन्नौत खतरे के निशान से 30 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई। रविवार रात आठ बजे खन्नौत का जलस्तर 145.65 मीटर था, जो खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर नीचे था।
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गर्रा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। रविवार रात अजीजगंज पुल पर गर्रा का जलस्तर 147.90 मीटर था। खतरे का निशान 148.80 मीटर है। सोमवार सुबह जलस्तर बढ़कर 148.15 मीटर पहुंच गया।
अब नदी खतरे के निशान से सिर्फ 65 सेंटीमीटर नीचे है। तीन दिन पहले दियूनी बैराज से छोड़ा गया 25 हजार क्यूसेक से अधिक पानी सोमवार रात तक पहुंचने की संभावना है। इससे गर्रा और खन्नौत के जलस्तर में और वृद्धि होने की आशंका है।
घरों के अंदर पहुंचा पानी, मोटरबोट से निकाले लोग
लोधीपुर में खन्नौत नदी किनारे रहने वाले अधिकतर परिवारों के घरों में पानी पहुंच गया। क्षेत्रीय पार्षद रूपेश वर्मा उर्फ अन्नू ने अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद तीन-चार मोटरवोट नाविकों के साथ भेजी गईं। पार्षद और स्थानीय लोगों की मदद से रविवार रात में ही लोगों को घरों से निकालने का काम शुरू कर दिया गया। सोमवार दोपहर तक 22 से 24 परिवारों के करीब 80 से 85 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। कुछ लोगों को एनटीआई स्कूल स्थित आश्रय स्थल में शिफ्ट किया गया, जबकि कुछ परिवार रिश्तेदारों के यहां चले गए।
लोग तो निकल आए, घरों में डूब रहा सामान
बाढ़ में फंसे परिवारों को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन उनका घरेलू सामान घरों में ही रह गया। घरों में पानी भरने के कारण राशन समेत अन्य सामान के खराब होने का खतरा बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि पिछले दो वर्षों से बाढ़ के कारण हर वर्ष उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है। वहीं, खन्नौत नदी का पानी बढ़ने से हनुमतधाम के चारों तरफ पानी भर गया है। सुरक्षा के मद्देनजर दर्शन के लिए हनुमतधाम को बंद कर दिया गया है। हनुमानजी की मूर्ति तक जाने वाली सीढ़ियों तक पानी पहुंच गया है। सुरक्षा के लिए यहां एनडीआरएफ की टीम और पुलिस को तैनात किया गया है। लोगों से नदी किनारे नहीं जाने की अपील की जा रही है। हनुमतधाम के पास मोहल्ला ख्वाजा फिरोज, दलेलगंज और छोटी बिसरात समेत कई मोहल्लों में बाढ़ पहुंच गई है। छोटी बिसरात से कुछ परिवारों को निकालकर पास बने आश्रय स्थल में पहुंचाया गया है।
सुभाषनगर कॉलोनी में भरा पानी, ट्रैक्टर बना सारथी
सुभाषनगर कॉलोनी में बरुआ नाले के आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। पानी घुटनों से ऊपर पहुंचने से लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है। क्षेत्रीय पार्षद नवनीत विनय सक्सेना ने नगर निगम अधिकारियों से कहकर ट्रैक्टर की व्यवस्था कराई। लोग ट्रैक्टर की मदद से आवागमन कर रहे हैं। पानी लोगों के दरवाजों तक पहुंच गया है।
बाढ़ पीड़ित बोले-घर में रखे सामान को पहुंचा नुकसान
घरों में रखा राशन डूब गया है। अन्य सामान काे भी नुकसान हुआ है। इस समय क्षेत्र के सभी लोगों के सामने बड़ी मुसीबत है।
- सौरभ, लोधीपुर
मकान में पानी भर गया है। एनटीआई स्कूल स्थित आश्रय स्थल में रुके हैं। घर में काफी सामान पानी में डूबने से खराब हो गया है।
- शबनम, लालपुल लोधीपुर
परिवार में छह सदस्य हैं। अभी आश्रय स्थल में ठहरे हैं। बाढ़ की वजह से घर में काफी सामान को नुकसान पहुंचा है।
- मोहम्मद रफी, लोधीपुर
रविवार रात में अचानक पानी तेजी से घर में घुसने लगा। परिवार के सभी सदस्य छत पर पहुंचे। चिल्लाकर मदद मांगी।
- नौशाद, लालपुल, लोधीपुर
कॉलोनी में घुटनों से ऊपर पानी भर गया है। सभी लोग घर में फंसे हुए हैं। अगर पानी और बढ़ा तो घरों में घुस जाएगा।
- बबिता, सुभाषनगर कॉलोनी
स्कूल से पढ़कर घर लौटे तो पानी काफी भरा मिला। क्षेत्र में कीड़े-मकौड़े का डर बना हुआ है। नित्यक्रिया के लिए भी परेशानी है।
- पीयूष, सुभाषनगर कॉलोनी
अगर सुभाषनगर के पास बने नाले में गेट लगा दिया जाए तो गर्रा नदी का पानी कॉलोनी में नहीं आएगा। इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
- अवनी दीक्षित, सुभाषनगर कॉलोनी
खन्नौत नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चल रहा है। गर्रा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। बारिश रुकने से दोनों नदियों का जलस्तर कम होने की संभावना है। बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। आश्रय स्थलों में भी लोगों के ठहरने की व्यवस्था की गई है। बाढ़ क्षेत्र की लगातार निगरानी की जा रही है।
- अरविंद कुमार, एडीएम वित्त एवं राजस्व

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद

हनुमत धाम मंदिर परिसर में भरा खन्नौत नदी का पानी। संवाद